Kumbh 2027 Preparations Accelerate in Uttarakhand | ₹191 Crore Projects, Deadline Oct 2026
देहरादून।
कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को लेकर राज्य सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर तेजी लाने के संकेत दिए हैं। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में आयोजित उच्च स्तरीय समिति (एचपीसी) की बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा की गई और कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
बैठक में मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन कार्यों के लिए अभी तक शासनादेश (जीओ) जारी नहीं हुए हैं, उन्हें तत्काल जारी किया जाए ताकि परियोजनाओं में देरी न हो। साथ ही, छोटे और अस्थायी कार्यों की स्वीकृति प्रक्रिया को तेज करने के लिए अधिकारों का विकेंद्रीकरण (पावर डेलीगेशन) करने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि एक करोड़ रुपये तक के अस्थायी कार्यों की संस्तुति आयुक्त गढ़वाल की अध्यक्षता वाली समिति करेगी।
कुंभ से जुड़े धार्मिक स्थलों के विकास को प्राथमिकता देते हुए चंडी देवी और मनसा देवी मंदिर से संबंधित कार्यों को शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि सभी परियोजनाओं को आवश्यकता और महत्व के आधार पर प्राथमिकता तय करते हुए आगे बढ़ाया जाए।
इन्फ्रास्ट्रक्चर और व्यवस्थाओं को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए। टेंट, बैरिकेडिंग और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए एजेंसियों के चयन हेतु बिडिंग प्रक्रिया तुरंत शुरू करने को कहा गया। सभी विभागों के सचिवों और विभागाध्यक्षों को अपने-अपने स्तर पर तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कुंभ कार्यों के लिए ऑडिट टीम की जल्द तैनाती के निर्देश भी दिए गए। सूचना, पर्यटन और संस्कृति विभाग को आगामी बैठक में अपनी विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा गया है, जबकि मेलाधिकारी को कुंभ के दौरान आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों का खाका तैयार करने के निर्देश दिए गए।
यातायात प्रबंधन को लेकर भी विशेष ध्यान दिया गया। मुख्य सचिव ने कनखल क्षेत्र में ट्रैफिक जाम की समस्या के समाधान के लिए समग्र योजना जल्द प्रस्तुत करने को कहा। साथ ही, सभी निर्माण कार्यों को अक्टूबर 2026 तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए गए और कार्यों की प्राथमिकता तय करने पर जोर दिया गया।
मेलाधिकारी सोनिका ने बैठक में जानकारी दी कि विभिन्न विभागों द्वारा कुल 191.30 करोड़ रुपये की लागत से 33 परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें से 31 परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है, जबकि शेष दो परियोजनाएं निविदा प्रक्रिया में हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा, यानी अक्टूबर 2026 तक पूर्ण कर लिए जाएंगे।
बैठक में मुख्य सचिव ने सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग पर जोर देते हुए निर्देश दिए कि मेलाधिकारी के साथ-साथ विभागीय सचिव भी अपने स्तर पर प्रगति की निगरानी करें। प्रत्येक समिति बैठक में कुंभ कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है।
इस बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, सी. रविशंकर, रणवीर सिंह चौहान और विनोद कुमार सुमन समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।





