Ease of Doing Business: हल्द्वानी में CM धामी का व्यापारियों से संवाद, बोले—“आप व्यापार बढ़ाइए, सरकार आपके साथ खड़ी है

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CM Dhami Meets Traders in Haldwani | 29,000+ MSMEs

हल्द्वानी में मुख्यमंत्री धामी का व्यापारियों और उद्योग प्रतिनिधियों से संवाद, समस्याओं के समाधान का दिया भरोसा

बोले मुख्यमंत्री—व्यापारी और उद्योग प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़, सरकार सुरक्षित और सरल कारोबारी माहौल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध

 

हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को राष्ट्रीय खेल दिवस कार्यक्रम के बाद आईटीसी फॉर्च्यून, हल्द्वानी में कुमाऊं मंडल के व्यापारियों, उद्योग प्रतिनिधियों और विभिन्न व्यापार मंडलों के पदाधिकारियों के साथ संवाद किया। मुख्यमंत्री ने व्यापारियों एवं उद्यमियों की समस्याओं, सुझावों और अपेक्षाओं को विस्तार से सुना तथा उनके समाधान के लिए राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

संवाद के दौरान व्यापार एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने जीएसटी से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने, मंडी शुल्क, अतिक्रमण और पार्किंग की समस्या, लीज नवीनीकरण, औद्योगिक क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार, स्थानीय उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने तथा युवा उद्यमियों को प्रोत्साहन देने जैसे विभिन्न मुद्दे मुख्यमंत्री के समक्ष रखे।

व्यापारी प्रदेश की अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण भागीदार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि व्यापारी और उद्योग प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। व्यापारी रोजगार सृजन के साथ-साथ उत्पादकों और उपभोक्ताओं के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में आर्थिक गतिविधियों को गति देते हैं। छोटे दुकानदार से लेकर बड़े उद्यमी तक प्रत्येक व्यापारी उत्तराखंड की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण भागीदार है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार व्यापारियों एवं उद्यमियों के हितों के प्रति संवेदनशील है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में सुरक्षित, पारदर्शी, सरल और निवेश के अनुकूल कारोबारी वातावरण तैयार किया जाए, ताकि व्यापार और उद्योग के विस्तार में अनावश्यक बाधाएं न आएं।

कोविड काल में व्यापारियों की भूमिका को किया याद

मुख्यमंत्री ने कोविड-19 महामारी के दौरान व्यापारियों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में किराना एवं रिटेल व्यापारियों ने अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना लोगों तक राशन और अन्य आवश्यक वस्तुएं पहुंचाईं। संकट के समय व्यापारी वर्ग ने सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए यह साबित किया कि वह देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ है।

उन्होंने कहा कि देश के व्यापारी “ब्रांड इंडिया” के सच्चे राजदूत हैं और उनकी मेहनत भारत की आर्थिक शक्ति को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

26 विभागों की 206 से अधिक सेवाएं सिंगल विंडो पोर्टल पर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को और अधिक सरल एवं प्रभावी बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। निवेशकों और उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए “निवेश मित्र” व्यवस्था लागू की गई है तथा सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत किया गया है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में 26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध हैं। इसका उद्देश्य निवेशकों और उद्यमियों को विभिन्न विभागों के चक्कर लगाने से राहत देते हुए प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है।

29 हजार से अधिक नई एमएसएमई इकाइयां स्थापित

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पिछले कुछ वर्षों के दौरान औद्योगिक एवं कारोबारी गतिविधियों में तेजी आई है। प्रदेश में 29 हजार से अधिक नई एमएसएमई इकाइयां स्थापित हुई हैं, जिनसे लगभग 1.27 लाख युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है।

उन्होंने कहा कि सरकार की स्पष्ट सोच है कि शासन उद्योगों के लिए बाधा नहीं, बल्कि सहयोगी और भागीदार की भूमिका निभाए। उद्योगों का विस्तार होगा तो रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और रोजगार बढ़ने से राज्य की अर्थव्यवस्था और मजबूत होगी।

उद्योग जगत के सुझावों के आधार पर तैयार की गईं 30 से अधिक नीतियां

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन्वेस्टर्स समिट के दौरान उद्योग एवं व्यापार जगत से प्राप्त सुझावों को सरकार ने गंभीरता से लिया है। इन सुझावों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने 30 से अधिक नीतियां तैयार की हैं। इन नीतियों के निर्माण में उद्योग एवं व्यापार जगत की आवश्यकताओं और सुझावों को प्राथमिकता दी गई है।

उन्होंने कहा कि इन नीतियों के सकारात्मक परिणाम प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के रूप में दिखाई दे रहे हैं।

युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं, रोजगार देने वाला बनाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में पिछले वर्षों के दौरान व्यापार, उद्यमिता और नवाचार के प्रति नया विश्वास पैदा हुआ है। सरकार का प्रयास है कि सामान्य परिवार का युवा केवल नौकरी तलाशने वाला न बने, बल्कि स्वयं रोजगार के अवसर पैदा करने वाला उद्यमी बने।

इसी उद्देश्य से उत्तराखंड में स्टार्टअप नीति लागू की गई है। साथ ही युवाओं के नए विचारों और नवाचार को आर्थिक सहयोग देने के लिए ₹200 करोड़ का वेंचर फंड स्थापित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि पर्वतीय क्षेत्रों का युवा भी अपने गांव में रहकर अपने विचार, कौशल और उद्यम के माध्यम से देश और दुनिया के बाजार के लिए कारोबार खड़ा कर सके।

पर्वतीय जिलों में औद्योगिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का औद्योगिक विकास केवल मैदानी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। पर्वतीय जिलों में भी रोजगार और उद्यमिता के अवसर विकसित करने के लिए सरकार विशेष प्रयास कर रही है।

उन्होंने बताया कि चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में छोटे उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष औद्योगिक पार्कों हेतु भूमि चिन्हित की गई है। छोटे उद्यमियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हरिद्वार में फ्लैटेड फैक्ट्री विकसित की जा रही है। भविष्य में सेलाकुई और पंतनगर में भी इस प्रकार की सुविधाएं विकसित करने की योजना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि जहां प्रतिभा है, वहीं अवसर उपलब्ध हों और जहां युवा हैं, वहीं रोजगार के साधन विकसित किए जाएं।

“मेड इन उत्तराखंड” को वैश्विक ब्रांड बनाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड का आर्थिक विकास केवल बड़े उद्योगों से संभव नहीं है। गांवों में तैयार होने वाले स्थानीय उत्पाद, शिल्पकार, किसान, छोटे व्यापारी और स्थानीय उद्यमी भी राज्य की विकास यात्रा के महत्वपूर्ण भागीदार हैं।

उन्होंने कहा कि “वन डिस्ट्रिक्ट, टू प्रोडक्ट” जैसी पहलों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक शिल्प को बड़े बाजारों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि “मेड इन उत्तराखंड” केवल राज्य के उत्पादों की पहचान तक सीमित न रहे, बल्कि गुणवत्ता और विश्वास के साथ राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजार में एक मजबूत ब्रांड के रूप में स्थापित हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में फार्मा, हर्बल, आयुष, इंजीनियरिंग और ऑटो-कंपोनेंट जैसे क्षेत्रों में तेजी से गतिविधियां बढ़ रही हैं। हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर राज्य के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों के रूप में विकसित हुए हैं।

“आप व्यापार बढ़ाइए, सरकार आपके साथ खड़ी है”

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में कारोबार करने वाला प्रत्येक व्यक्ति राज्य की विकास यात्रा का भागीदार है। व्यापार की प्रगति में ही प्रदेश की आर्थिक प्रगति निहित है। व्यापारी का कारोबार बढ़ने से रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं और इससे राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है।

उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता प्रत्येक व्यापारी को सुरक्षित वातावरण, पारदर्शी व्यवस्था, सरल प्रक्रियाएं और बेहतर निवेश अवसर उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री ने व्यापारियों एवं उद्योग प्रतिनिधियों से प्रदेश में निवेश और व्यापारिक गतिविधियों को और आगे बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा, “आप व्यापार बढ़ाइए, सरकार आपके साथ खड़ी है।”

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने “विकल्प रहित संकल्प” के साथ सरकार निरंतर आगे बढ़ रही है। व्यापार एवं उद्योग जगत की सहभागिता से विकसित उत्तराखंड के संकल्प को साकार किया जाएगा और राज्य विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

ये रहे मौजूद

कार्यक्रम में नैनीताल-ऊधमसिंह नगर के सांसद अजय भट्ट, राम सिंह कैड़ा, उत्तराखंड सरकार में दायित्वधारी नवीन लाल वर्मा, डॉ. अनिल कपूर ‘डब्बू’, शंकर कोरंगा, हुकुम सिंह कुंवर सहित व्यापार एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधि कश्मीरी लाल गोयल, नीरज शारदा, राधेराम अग्रवाल, साकेत अग्रवाल, दीपक माहेश्वरी, गौरव गोयल, जूही गोयल, नवीन अग्रवाल और राजाराम अग्रवाल उपस्थित रहे।

इसके अलावा जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी.सी., मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द कुमार पाण्डे तथा जीएसटी, उद्योग, सिडकुल और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन अपर सचिव मनमोहन मैनाली ने किया।