देहरादून में सिंगल यूज प्लास्टिक पर सख्ती: 953 प्रतिष्ठानों की जांच, 306 के चालान; ₹1.14 लाख जुर्माना वसूला

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Dehradun Single-Use Plastic Crackdown | 306 Challaned

देहरादून में सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ प्रशासन का सख्त अभियान, 953 प्रतिष्ठानों की जांच

306 प्रतिष्ठानों के चालान, ₹1.14 लाख जुर्माना वसूला; 306.12 किलो प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त

 

देहरादून। पर्यावरण संरक्षण और देहरादून को स्वच्छ एवं प्लास्टिक मुक्त शहर बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ प्रवर्तन अभियान तेज कर दिया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर नगर निगम क्षेत्र के सभी 100 वार्डों में प्रतिबंधित प्लास्टिक के उपयोग, भंडारण और वितरण के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।

अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से 50 सेक्टर अधिकारियों की तैनाती की गई है। इन अधिकारियों की टीमों द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया जा रहा है। अब तक कुल 953 प्रतिष्ठानों की जांच की जा चुकी है।

निरीक्षण के दौरान 403 प्रतिष्ठानों में सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग, भंडारण अथवा वितरण पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की गई। इनमें से 306 प्रतिष्ठानों के चालान किए गए हैं। कार्रवाई के तहत अब तक 1.14 लाख रुपये का जुर्माना भी वसूला जा चुका है।

306 किलो से अधिक प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त

प्रवर्तन अभियान के दौरान प्रशासन ने बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित प्लास्टिक सामग्री भी बरामद की। अब तक 306.12 किलोग्राम सिंगल यूज प्लास्टिक जब्त कर उसे नियमानुसार नष्ट किया गया है।

जिला प्रशासन के अनुसार अभियान का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं है, बल्कि प्रतिबंधित प्लास्टिक के इस्तेमाल पर स्थायी रूप से रोक लगाना और आमजन तथा व्यापारियों को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनाना है। प्रशासन की टीमों द्वारा बाजारों और अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों में नियमित निगरानी जारी रखी जा रही है।

कार्रवाई के साथ जागरूकता पर भी जोर

प्रवर्तन कार्रवाई के साथ जिला प्रशासन की ओर से जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। विभिन्न क्षेत्रों में नुक्कड़ नाटकों और अन्य जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से लोगों को सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभावों की जानकारी दी जा रही है।

लोगों से प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने और इसके स्थान पर कपड़े के थैले, जूट तथा अन्य पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने की अपील की जा रही है।

प्रशासन का संदेश स्पष्ट है कि स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त देहरादून का निर्माण केवल सरकारी कार्रवाई से संभव नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक, व्यापारी और प्रतिष्ठान की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। प्रशासन ने आमजन से प्रतिबंधित प्लास्टिक के इस्तेमाल से बचने और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करने की अपील की है।