Char Dham Yatra 2026: 50.56 Lakh Pilgrims, CM Dhami Reviews Arrangements
चारधाम यात्रा-2026 की मुख्यमंत्री धामी ने की समीक्षा, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम यात्रा पर जोर
CM Dhami reviewed Char Dham Yatra 2026 arrangements as 50.56 lakh pilgrims completed darshan and 66.07 lakh registrations were recorded.
14 सितंबर तक 50.56 लाख श्रद्धालु कर चुके चारधाम एवं हेमकुंड साहिब के दर्शन, 66.07 लाख यात्रियों का पंजीकरण
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चारधाम यात्रा-2026 की व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने यात्रा से जुड़े जिलों के जिलाधिकारियों से यात्रा मार्गों, यातायात प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं, सुरक्षा, स्वच्छता और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगम यात्रा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
बैठक में बताया गया कि चारधाम यात्रा-2026 के लिए अब तक 66,07,749 यात्रियों का पंजीकरण हो चुका है। वहीं, 14 सितंबर 2026 की शाम 7 बजे तक 50,56,160 श्रद्धालु चारधाम एवं हेमकुंड साहिब में दर्शन कर चुके हैं। इनमें यमुनोत्री धाम में 7,08,407, गंगोत्री में 7,89,773, श्री केदारनाथ में 14,98,544, श्री बदरीनाथ में 17,36,619 तथा श्री हेमकुंड साहिब में 3,22,817 श्रद्धालु शामिल हैं।
संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा मार्गों पर मौसम, भूस्खलन और अन्य संभावित जोखिमों की निरंतर निगरानी की जाए। संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा बल एवं आवश्यक संसाधन उपलब्ध रखने के साथ ही संबंधित विभागों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य के लिए व्यवस्थाएं पहले से तैयार रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने यात्रा मार्गों पर बढ़ते यातायात दबाव को नियंत्रित करने के लिए होल्डिंग एरिया में आवश्यक सुविधाओं को सुव्यवस्थित रखने को कहा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यातायात प्रबंधन ऐसा हो कि श्रद्धालुओं को अनावश्यक जाम या असुविधा का सामना न करना पड़े।
यमुनोत्री में वैकल्पिक घोड़ा पड़ाव विकसित करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने यमुनोत्री धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ और आवागमन को देखते हुए धाम से करीब 500 मीटर पहले दूसरा घोड़ा पड़ाव विकसित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही डंडी-कंडी सेवाओं को व्यवस्थित करने और खरसाली से वैकल्पिक मार्ग के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
उन्होंने यमुनोत्री पैदल मार्ग पर यात्रियों तथा घोड़े-खच्चरों की आवाजाही को सुव्यवस्थित रखने और सूर्यकुंड क्षेत्र में प्रभावी भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने घोड़े-खच्चरों के संचालन में निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन कराने तथा पशुओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित करने को कहा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए।
केदारनाथ मार्ग के संवेदनशील हिस्सों पर विशेष सतर्कता
केदारनाथ पैदल मार्ग के चीरबासा और भैरव ग्लेशियर क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संवेदनशील स्थानों पर यात्रियों, घोड़े-खच्चरों और डंडी-कंडी की आवाजाही को व्यवस्थित रखा जाए। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल रेस्क्यू की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने यमुनोत्री पैदल मार्ग के चौड़ीकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई में तेजी लाने के साथ ही गंगोत्री मार्ग पर चौड़ीकरण एवं गड्ढामुक्त करने के कार्य को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने तथा स्यानाचट्टी क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतने को कहा। ज्योतिर्मठ-मरवाड़ी मार्ग पर प्रभावी यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने तथा मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में उसे शीघ्र खोलने के लिए पर्याप्त मशीनरी उपलब्ध रखने के निर्देश भी दिए।
केदारनाथ-बदरीनाथ मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने चारों धामों में मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं के लिए अलाव सहित आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा। विशेष रूप से केदारनाथ और बदरीनाथ यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, ऑक्सीजन और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर श्रद्धालुओं को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
स्वच्छता, पेयजल और मूलभूत सुविधाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने यात्रा मार्गों और धामों में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। घोड़े-खच्चरों की लीद के समुचित निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा श्रद्धालुओं के लिए सुगम दर्शन की व्यवस्था प्रभावी बनाए रखने को कहा।
उन्होंने यात्रा मार्गों पर पर्याप्त शौचालय, पेयजल, विद्युत, प्रकाश और शटल सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शौचालयों की नियमित सफाई के साथ-साथ औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की गुणवत्ता की निगरानी करने को कहा गया।
नेटवर्क समस्या वाले क्षेत्रों में प्रभावी संचार व्यवस्था
मोबाइल नेटवर्क की समस्या वाले क्षेत्रों में आपातकालीन संचार व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों और दूरसंचार कंपनियों के साथ समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने कहा कि आपदा या किसी अन्य आपात स्थिति में संचार व्यवस्था बाधित न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं प्रभावी रखी जाएं।
हेली सेवाओं में निर्धारित किराए का पालन अनिवार्य
मुख्यमंत्री ने चारधाम हेली सेवाओं के टिकट निर्धारित दरों पर ही उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित दर से अधिक किराया वसूलने अथवा अनधिकृत टिकट बिक्री की शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए हेली सेवाओं का संचालन करने और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा से किसी भी स्तर पर समझौता न हो। यात्रा मार्गों और संवेदनशील स्थलों की लगातार निगरानी करते हुए किसी भी समस्या की स्थिति में तत्काल कार्रवाई और प्रभावी समन्वय सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, गृह सचिव शैलेश बगौली सहित शासन, प्रशासन और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।








