धामी कैबिनेट के अहम फैसले: किसानों, युवाओं और आम जनता को बड़ी राहत
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बिजली लाइन मुआवजा बढ़ाने से लेकर भूमि पूलिंग, वाहन स्क्रैप नीति और युवाओं को मुफ्त कोचिंग जैसे फैसलों का सीधा लाभ आम जनता को मिलेगा।
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन निर्णयों का सीधा असर आम जनता, किसानों, भवन निर्माण क्षेत्र, तकनीकी शिक्षा, विमानन, शहरी विकास और युवाओं पर पड़ेगा। बिजली लाइन मुआवजा बढ़ाने से लेकर छोटे अपराधों में जेल की जगह जुर्माना, ग्रीन बिल्डिंग प्रमोशन, भूमि पूलिंग मॉडल और युवाओं के लिए मुफ्त कोचिंग—कैबिनेट के फैसले व्यापक और लोगों के हित में हैं।
बिजली लाइन से प्रभावित भूमि मालिकों को दोगुना मुआवजा
राज्य सरकार ने हाई टेंशन लाइन से प्रभावित होने वाले भूमि स्वामियों को बड़ी राहत दी है।
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अब टॉवर या उसके 1 मीटर दायरे में आने वाली जमीन का भुगतान सर्किल रेट के 200% पर किया जाएगा।
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सर्किल रेट और मार्केट रेट के अंतर को दूर करने के लिए एक विशेष समिति गठित होगी।
यह फैसला लंबे समय से इंतजार कर रहे किसानों और भूमि स्वामियों के लिए राहत भरा है।
छोटे अपराधों में अब जेल नहीं, केवल जुर्माना
कैबिनेट ने जन विश्वास अधिनियम लागू करते हुए 7 पुराने कानून समाप्त कर दिए और 52 कानूनों में संशोधन चिह्नित किए हैं।
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छोटे अपराधों में अब सजा की जगह आर्थिक दंड का प्रावधान होगा।
उदाहरण: -
जैविक कृषि घोषित क्षेत्रों में पेस्टिसाइड उपयोग पर पहले 1 साल जेल + 1 लाख जुर्माना था।
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अब जेल की सजा हटाकर केवल 5 लाख रुपये जुर्माना होगा।
ग्रीन बिल्डिंग को बढ़ावा — FAR में विशेष छूट
आवास विभाग से जुड़े चार प्रमुख प्रस्ताव भी मंजूर हुए:
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ग्रीन बिल्डिंग को प्रोत्साहन के लिए अतिरिक्त FAR
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प्लेटिनम — 5%
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गोल्ड — 3%
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सिल्वर — 2%
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सभी कमर्शियल क्षेत्रों में ग्राउंड कवरेज पर से रोक हटाई गई।
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पूरे राज्य में सेटबैक नियम एकसमान रहेंगे।
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पहले केवल ईको रिज़ॉर्ट बन सकता था, अब नॉर्मल रिज़ॉर्ट पर भी अनुमति, भूमि उपयोग बदलने की बाध्यता समाप्त।
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रोड चौड़ाई—पहाड़ी क्षेत्रों में 6 मीटर, मैदानी क्षेत्रों में 9 मीटर।
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ऊंची इमारतों में सड़क स्तर की पार्किंग को बिल्डिंग की ऊंचाई में शामिल नहीं किया जाएगा।
भूमि पूलिंग और टाउन प्लानिंग मॉडल को मंजूरी
राज्य ने भूमि मालिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए भूमि पूलिंग मॉडल लागू करने का निर्णय लिया:
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यह अनिवार्य नहीं होगा।
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अमरावती मॉडल की तरह भूमि मालिकों को कॉमर्शियल भूमि का हिस्सा मिलेगा।
इसके साथ ही मोटल श्रेणी समाप्त कर दी गई है।
विभागवार प्रमुख निर्णय
वित्त विभाग
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उत्तराखंड GST संशोधन अध्यादेश को मंजूरी।
तकनीकी शिक्षा विभाग
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तकनीकी संस्थानों में फैकल्टी की भर्ती अब यूनिवर्सिटी स्तर पर होगी,
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भर्ती प्रक्रिया लोक सेवा आयोग के बजाय विश्वविद्यालय द्वारा संचालित होगी।
लोक निर्माण विभाग
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जूनियर इंजीनियरों के लिए 5% प्रमोशन कोटा खत्म।
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अब 10 वर्ष की सेवा के बाद सीधे पदोन्नति मिलेगी।
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रिस्पना–बिंदाल एलिवेटेड रोड पर GST में छूट, रॉयल्टी व GST विभाग बाद में रिम्बर्स करेगा।
नागरिक उड्डयन विभाग
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नैनी सैणी एयरपोर्ट का संचालन अब एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) करेगी।
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सितारगंज—कल्याणपुर क्षेत्र में पट्टा भूमि के नियमितीकरण में 2004 का सर्किल रेट लागू होगा।
डेयरी व सहकारिता विभाग
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घसियारी योजना और साइलेज योजना की सब्सिडी 75% से घटाकर 60% की गई।
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सुगंध पौधा केंद्र का नाम अब — इंस्टीट्यूट ऑफ परफ्यूम।
वाहन स्क्रैप नीति — टैक्स में राहत
राज्य में 15 वर्ष पुराने वाहनों को स्क्रैप कराने पर:
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वाहन मालिकों को टैक्स में छूट मिलेगी।
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नया वाहन खरीदने पर अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
युवा भविष्य निर्माण योजना — UPSC–NET–GATE की मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग
युवाओं के लिए सरकार का बड़ा कदम:
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UPSC, NET, GATE जैसे राष्ट्रीय परीक्षाओं के लिए
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ऑनलाइन कोचिंग
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लाइव क्लास
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डाउट सॉल्विंग
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स्टडी मटेरियल
सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा।
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