Sharada Riverfront to Transform Champawat | CM Dhami

शारदा रिवर फ्रंट से बदलेगी चम्पावत की तस्वीर: मुख्यमंत्री धामी
टनकपुर में विकास की नई धारा, ₹300 करोड़ से अधिक की योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास

टनकपुर/चम्पावत।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चम्पावत के समग्र और संतुलित विकास को नई गति देते हुए ₹300 करोड़ से अधिक की लागत से संचालित होने वाली विभिन्न महत्वपूर्ण विकास योजनाओं का शनिवार को शिलान्यास एवं भूमि पूजन किया। इन योजनाओं का उद्देश्य सीमांत क्षेत्र के नागरिकों को आधुनिक शहरी सुविधाएँ उपलब्ध कराना, पर्यटन को बढ़ावा देना, आपदा प्रबंधन को सुदृढ़ करना तथा आधारभूत संरचना को मजबूत करना है।
मुख्यमंत्री द्वारा शिलान्यासित प्रमुख परियोजनाओं में शारदा घाट पुनर्विकास (प्रथम चरण), सिटी ड्रेनेज योजना (प्रथम चरण), नायर–खेरा क्षेत्र में आपदा प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने हेतु इकोलॉजिकल कॉरिडोर का विकास, टनकपुर–अस्कोट सीसी मार्ग का पुनर्निर्माण, चम्पावत–खेतीखान (एसएच–64) अंतर्गत मार्गों का सुधारीकरण, माँ पूर्णागिरि घाटी (चूका क्षेत्र) में हेलीपैड निर्माण, लोहाघाट एवं पाटी विकासखंडों में मोटर मार्गों का पुनर्निर्माण व सुधारीकरण, बाढ़ एवं भू-कटाव सुरक्षा कार्य, शैक्षिक अवसंरचना के अंतर्गत महाविद्यालयों में परीक्षा हॉल, केंद्रीय पुस्तकालय, मिनी स्टेडियम, छात्रावास विस्तार तथा होमगार्ड्स कार्यालय भवन का निर्माण शामिल है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि शारदा रिवर फ्रंट (शारदा कॉरिडोर) परियोजना चम्पावत के पर्यटन, आस्था और शहरी सौंदर्यीकरण का प्रमुख केंद्र बनेगी। इससे टनकपुर को नई पहचान मिलेगी और यह क्षेत्र धार्मिक पर्यटन, स्थानीय रोजगार तथा स्वरोजगार के नए अवसरों का केंद्र बनेगा।
उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के माध्यम से शिक्षा, सड़क संपर्क, पर्यटन, शहरी निकास व्यवस्था और आपदा प्रबंधन जैसी बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। इससे सीमांत क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बल मिलेगा, स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध जनपद है। माँ शारदा ज्ञान, विद्या और संस्कार की प्रतीक हैं और उनके पावन घाटों का सुव्यवस्थित विकास क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करेगा। उन्होंने कहा कि टनकपुर की धरती पर कदम रखते ही उन्हें विशेष सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है।
मुख्यमंत्री धामी ने दोहराया कि विकास और सांस्कृतिक विरासत के संतुलन के साथ आगे बढ़ते हुए उत्तराखण्ड को एक सशक्त, समावेशी और आत्मनिर्भर राज्य के रूप में स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने नागरिकों से जनभागीदारी, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय संस्कृति के संवर्धन में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड वन एवं पर्यावरण सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष श्याम पाण्डेय, जिला पंचायत चम्पावत के अध्यक्ष आनन्द सिंह अधिकारी, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, नगर पालिका परिषद चम्पावत की अध्यक्ष प्रेमा पाण्डेय सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।





