Mussoorie Kiyana Homestay Death Case: डीएम ने दिए मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश

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Mussoorie Kiyana Homestay Death Case: Magisterial Inquiry Ordered, Evidence Invited Till July 17

मसूरी के कियाना होमस्टे में महिला की रहस्यमयी मौत की होगी मजिस्ट्रेटी जांच, 17 जुलाई तक मांगे गए साक्ष्य

डीएम के निर्देश पर एसडीएम मसूरी राहुल आनंद को जांच अधिकारी बनाया गया, आमजन से तथ्य एवं साक्ष्य उपलब्ध कराने की अपील

देहरादून।
मसूरी स्थित कियाना होमस्टे में एक महिला की रहस्यमयी परिस्थितियों में हुई मृत्यु के मामले में जिला प्रशासन ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। जिलाधिकारी देहरादून के निर्देश पर इस संवेदनशील प्रकरण की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच के लिए उप जिला मजिस्ट्रेट (एसडीएम) मसूरी राहुल आनंद को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।

संयुक्त मजिस्ट्रेट मसूरी राहुल आनंद ने बताया कि यह मामला 15 जून 2026 को मसूरी क्षेत्र स्थित कियाना होमस्टे में फरपुड़ी राधा गायत्री की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु से जुड़ा है। घटना के बाद कोतवाली मसूरी में मुकदमा अपराध संख्या-19/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) में अभियोग दर्ज किया गया था।

प्रशासन के अनुसार पुलिस जांच के दौरान कराए गए पोस्टमार्टम में मृत्यु का स्पष्ट कारण सामने नहीं आ सका। ऐसे में मामले की सभी परिस्थितियों, उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों का निष्पक्ष परीक्षण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रेटी जांच कराने का निर्णय लिया है।

जिलाधिकारी देहरादून द्वारा 06 जुलाई 2026 को जारी आदेश के अनुपालन में एसडीएम मसूरी राहुल आनंद को जांच अधिकारी नामित किया गया है। जांच अधिकारी अब मामले से जुड़े सभी तथ्यों, परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों का विस्तृत परीक्षण करेंगे।

प्रशासन ने इस मामले में आमजन से भी सहयोग की अपील की है। यदि किसी व्यक्ति के पास घटना से संबंधित कोई तथ्य, दस्तावेज, जानकारी या अन्य साक्ष्य उपलब्ध हैं, तो वह 17 जुलाई 2026 तक किसी भी कार्यदिवस में स्वयं उपस्थित होकर अथवा लिखित रूप में उप जिला मजिस्ट्रेट मसूरी के न्यायालय/कार्यालय, देहरादून में अपना पक्ष एवं साक्ष्य प्रस्तुत कर सकता है।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी एवं विधिसम्मत तरीके से संपन्न कराई जाएगी। जांच के दौरान प्राप्त साक्ष्यों, दस्तावेजों और तथ्यों का समुचित परीक्षण करने के बाद नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके पास मामले से जुड़ी कोई भी महत्वपूर्ण जानकारी हो तो उसे निर्धारित अवधि के भीतर जांच अधिकारी के समक्ष उपलब्ध कराएं, जिससे जांच निष्पक्ष एवं तथ्यपरक ढंग से पूरी की जा सके।