ABHA ID Streamlines OPD Registration at Doon Medical College Hospital

आभा आईडी से दून अस्पताल की ओपीडी में भीड़ नियंत्रण, रजिस्ट्रेशन हुआ आसान
घर बैठे अपॉइंटमेंट की सुविधा, 60-70% मरीजों ने अपनाया डिजिटल विकल्प
देहरादून, 17 फरवरी:
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल सफल होती दिखाई दे रही है। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जनवरी माह से लागू की गई आभा आईडी आधारित डिजिटल पंजीकरण प्रणाली ने ओपीडी व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाया है।
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत जिला प्रशासन द्वारा शुरू की गई इस डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से मरीज अब घर बैठे आभा ऐप से ऑनलाइन पंजीकरण (ओपीडी पर्चा) बना सकते हैं। इससे अस्पताल परिसर में लगने वाली लंबी कतारों में उल्लेखनीय कमी आई है और पंजीकरण प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल एवं सुव्यवस्थित हो गई है।
ओपीडी में भीड़ नियंत्रण में मिली राहत
दून अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज ओपीडी सेवाओं के लिए पहुंचते हैं। डिजिटल पंजीकरण व्यवस्था लागू होने के बाद पिछले एक माह में कुल ओपीडी पंजीकरण का लगभग 60 से 70 प्रतिशत आभा आईडी के माध्यम से किया जा रहा है। इससे मरीज सीधे संबंधित ओपीडी कक्ष तक पहुंच पा रहे हैं, जिससे अनावश्यक प्रतीक्षा और भीड़भाड़ में कमी आई है।
विशेष रूप से दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले मरीजों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को इस व्यवस्था से काफी सुविधा मिल रही है। निर्धारित समय पर अपॉइंटमेंट मिलने से उनका समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है।
डिजिटल रिकॉर्ड से मिली अतिरिक्त सुविधा
आभा आईडी प्रणाली की एक बड़ी विशेषता यह है कि मरीजों का संपूर्ण मेडिकल रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहता है। इससे हर बार व्यक्तिगत जानकारी दोबारा दर्ज कराने की आवश्यकता नहीं होती। जांच रिपोर्ट, चिकित्सकीय परामर्श और दवाइयों का विवरण भी ऐप पर उपलब्ध रहता है, जिससे उपचार प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनी है।
हालांकि, अस्पताल में पूर्ववत ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा भी जारी है, ताकि वे मरीज जो अभी आभा आईडी से नहीं जुड़े हैं, उन्हें भी किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मरीजों और प्रशासन की प्रतिक्रिया
ओपीडी में उपचार कराने आई मरीज संगीता बडोला ने बताया कि ऑनलाइन पर्चा बनाने की सुविधा से उन्हें लंबी कतारों में खड़े होने से राहत मिली है और निर्धारित समय पर इलाज मिल रहा है। उन्होंने राज्य सरकार और जिला प्रशासन की इस पहल की सराहना की।
मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. रविंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि यह पहल राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उनके अनुसार, ऑनलाइन पंजीकरण से अस्पताल की कार्यप्रणाली अधिक व्यवस्थित हुई है और मरीजों को त्वरित उपचार सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में यह पहल न केवल पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बना रही है, बल्कि भविष्य में एक समग्र डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम विकसित करने की मजबूत आधारशिला भी साबित हो रही है।




