Char Dham Yatra 2026: Hi-Tech Check Posts from April 16 | Transport Dept तैयारी पूरी
चारधाम यात्रा 2026: परिवहन विभाग की तैयारियां अंतिम चरण में, 16 अप्रैल से हाईटेक चेक पोस्ट होंगे सक्रिय
देहरादून, 09 अप्रैल 2026
आगामी 19 अप्रैल से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए परिवहन विभाग ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। यात्रा के दौरान यातायात प्रबंधन को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से 16 अप्रैल से राज्य के विभिन्न प्रमुख स्थानों पर आधुनिक सुविधाओं से लैस चेक पोस्ट पूरी तरह सक्रिय हो जाएंगे।
परिवहन विभाग द्वारा आशारोड़ी, कटा पत्थर, कोठाल गेट, हर्बर्टपुर, ऋषिकेश, सत्यनारायण, तपोवन, भद्रकाली और सोनप्रयाग में स्थापित चेक पोस्टों को वाई-फाई सुविधा से सुसज्जित किया गया है। इन चेक पोस्टों पर ग्रीन कार्ड, ट्रिप कार्ड और वाहनों की सघन जांच सुनिश्चित की जाएगी, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
यात्रा की निगरानी के लिए प्रवर्तन टीमें भी तैनात की गई हैं, जो वाहनों की तकनीकी फिटनेस, दस्तावेजों और सुरक्षा मानकों की गहन जांच करेंगी। इससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
ऋषिकेश में बनेगा केंद्रीकृत कंट्रोल रूम
चारधाम यात्रा के मुख्य प्रवेश द्वार के रूप में ऋषिकेश में एक केंद्रीकृत कंट्रोल रूम स्थापित किया जा रहा है। यहां परिवहन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी 24×7 तैनात रहेंगे। श्रद्धालु अपनी समस्याओं के समाधान के लिए टोल-फ्री नंबर 0135-2743432 पर संपर्क कर सकेंगे।
संभागीय परिवहन अधिकारी संदीप सैनी के अनुसार, 16 अप्रैल से सभी चेक पोस्ट पूरी तरह संचालित हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्रत्येक चेक पोस्ट पर डिजिटल सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई है।
ग्रीन कार्ड प्रक्रिया में तेजी
30 मार्च से शुरू हुई ग्रीन कार्ड जारी करने की प्रक्रिया में अब तक 1500 से अधिक ग्रीन कार्ड बनाए जा चुके हैं। हरिद्वार के अलावा रुड़की और आशारोड़ी में भी ग्रीन कार्ड बनाए जा रहे हैं, जिससे प्रक्रिया को सरल और तेज बनाया गया है।
जाम नियंत्रण में अहम भूमिका निभाएंगे प्रमुख चेक पोस्ट
हर्बर्टपुर बस अड्डा और ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप पर स्थापित चेक पोस्ट यातायात प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इन स्थानों पर बसों की पूर्व जांच की जाएगी, जिससे कटा पत्थर, भद्रकाली और तपोवन जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में जाम की समस्या को रोका जा सके।
ड्राइवरों के लिए रेस्ट पॉइंट की व्यवस्था
लंबी दूरी से आने वाले वाहन चालकों की सुविधा के लिए आशारोड़ी और नारसन बॉर्डर पर रेस्ट पॉइंट विकसित किए जा रहे हैं। यहां बेड, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे चालक आराम कर सकें और यात्रा सुरक्षित बनी रहे।
एएनपीआर कैमरों से सख्त निगरानी
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए प्रदेश के बॉर्डर क्षेत्रों में अत्याधुनिक एएनपीआर (ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन) कैमरे सक्रिय कर दिए गए हैं। इन कैमरों के जरिए गुजरने वाले प्रत्येक वाहन की निगरानी सीधे मुख्यालय स्तर पर की जा रही है।
भद्रकाली, तपोवन, कटा पत्थर और नारसन बॉर्डर जैसे प्रमुख स्थानों पर ये कैमरे पूरी तरह कार्यरत हैं, जिससे यात्रा के दौरान निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक प्रभावी हो गई है।





