चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियाँ तेज, 19 अप्रैल से खुलेंगे कपाट, पंजीकरण व्यवस्था जल्द शुरू

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Char Dham Yatra 2026: Registration Mandatory, No Cap on Pilgrims

चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियाँ तेज: व्यापक प्रबंधन, अनिवार्य पंजीकरण और सख्त निगरानी

देहरादून।
आगामी चारधाम यात्रा 2026 के सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सफल संचालन के लिए प्रशासन ने तैयारियाँ तेज कर दी हैं। इसी क्रम में गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने सोमवार को ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप में होटल एसोसिएशन, टूर एंड ट्रेवल्स यूनियन तथा डंडी-कंडी संचालकों के साथ एक अहम बैठक की। बैठक में गढ़वाल परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक राजीव स्वरूप सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

‘अतिथि देवो भवः’ के संकल्प के साथ तैयारी

गढ़वाल आयुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘अतिथि देवो भवः’ संकल्प के अनुरूप यात्रा की तैयारियाँ व्यापक स्तर पर की जा रही हैं। प्रशासन का स्पष्ट लक्ष्य है कि श्रद्धालुओं को सरल, सुगम और सुरक्षित यात्रा अनुभव उपलब्ध कराया जाए।

कपाट खुलने की तिथियाँ घोषित

चारों धामों के कपाट खुलने की तिथियाँ घोषित की जा चुकी हैं—

  • गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल 2026 (अक्षय तृतीया) को खुलेंगे।

  • केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 को खोले जाएंगे।

  • बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल 2026 को श्रद्धालुओं के लिए खुलेंगे।

संख्या पर नहीं होगी सीमा, पंजीकरण अनिवार्य

आयुक्त ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष यात्रियों की संख्या पर कोई सीमा नहीं लगाई जाएगी। हालांकि, प्रत्येक यात्री के लिए पंजीकरण अनिवार्य रहेगा।

फर्जी पंजीकरण पर रोक लगाने के लिए न्यूनतम शुल्क निर्धारित किया जाएगा और पंजीकरण प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और डिजिटल रूप से सुदृढ़ बनाया जाएगा। अपर आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है, जो स्टेकहोल्डर्स के सुझावों के आधार पर शीघ्र संस्तुतियाँ प्रस्तुत करेगी। संस्तुतियाँ मिलते ही पंजीकरण प्रक्रिया प्रारंभ करने का प्रयास किया जाएगा।

स्थानीय वाहनों को प्राथमिकता, अवैध संचालन पर सख्ती

टूर एंड ट्रेवल्स यूनियन की मांग पर आयुक्त ने निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान स्थानीय पंजीकृत वाहनों को प्राथमिकता दी जाएगी। निजी वाहनों द्वारा अवैध रूप से किराए पर सवारी ढोने की प्रवृत्ति पर परिवहन विभाग को सख्त प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

साथ ही, जिन होटलों में यात्री ठहरेंगे, वहीं पर वाहनों की पार्किंग सुनिश्चित करने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि यातायात प्रबंधन सुचारू रहे।

डंडी-कंडी संचालकों का समयबद्ध पंजीकरण

डंडी-कंडी संचालकों के पंजीकरण, सत्यापन और शुल्क निर्धारण की प्रक्रिया को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे यात्रा के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

स्टेकहोल्डर्स के सुझावों पर गंभीरता

बैठक में होटल एसोसिएशन ने पंजीकरण प्रक्रिया समय पर शुरू करने, चारों धाम की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को प्राथमिकता देने और होटल बुकिंग वाले यात्रियों को वरीयता देने का सुझाव दिया।

टूर एंड ट्रेवल्स यूनियन ने बाहरी एजेंसियों के वाहनों पर नियंत्रण और अवैध संचालन पर प्रभावी कार्रवाई की मांग रखी।

गढ़वाल आयुक्त ने सभी स्टेकहोल्डर्स को आश्वस्त किया कि उनके सुझावों को व्यवहारिक रूप में लागू कर यात्रा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

प्रशासन का संकल्प

प्रशासन का लक्ष्य स्पष्ट है—
👉 सुव्यवस्थित भीड़ प्रबंधन
👉 सुरक्षित परिवहन व्यवस्था
👉 पारदर्शी पंजीकरण प्रणाली
👉 सभी हितधारकों के समन्वय से सफल संचालन

चारधाम यात्रा 2026 को लेकर सरकार और प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्य कर रहे हैं, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को एक आध्यात्मिक, सुरक्षित और यादगार अनुभव मिल सके।

बैठक में पुलिस महानिरीक्षक राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग विशाल मिश्रा, अपर आयुक्त प्रशासन उत्तम सिंह चौहान, सभागीय परिवहन अधिकारी देहरादून संदीप सैनी, उप निदेशक पर्यटन अमित लोहनी, नियंत्रक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी मन महोन सिंह रावत, अध्यक्ष चारधाम एशोसिएशन राजेश मेहता, शैलेन्द्र मठूडा, शैलेश ध्यानी, सचिव होटल एशोसिएशन मनोज सेमवाल, निखिलेश सेमवाल, बीपी नैथानी, सुभाष सिंह, धीरज सेमवाल, अनिल कुमार, विनोद डिमरी, अमर बेलवाल सहित चारधाम यात्रा से जुड़े विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं होटल एशोसिएशन, टूर एंड ट्रेवल्स व डंडी-कडी संचालकों के अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।