चारधाम यात्रा 2026: कमर्शियल गैस सप्लाई निर्बाध रखने के निर्देश

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Char Dham Yatra 2026: Govt Orders to Clear LPG Backlog, Ensure Smooth Supply

चारधाम यात्रा से पहले सख्त निर्देश: घरेलू गैस का बैकलॉग तुरंत खत्म करें कंपनियां – मुख्य सचिव

देहरादून। आगामी चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन को ध्यान में रखते हुए राज्य में एलपीजी गैस आपूर्ति को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी जिलाधिकारियों और तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर घरेलू और व्यावसायिक गैस आपूर्ति की समीक्षा की।

बैठक में मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा के दौरान कमर्शियल गैस सिलेण्डरों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट और पर्यटन से जुड़े व्यवसायों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने तेल कंपनियों को निर्देशित किया कि घरेलू गैस वितरण में यदि कोई बैकलॉग है, तो उसे प्राथमिकता के आधार पर तुरंत समाप्त किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि गैस सप्लाई बढ़ाकर बाजार में पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, जिससे अनावश्यक दबाव और पैनिक जैसी स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि यदि तेल कंपनियों को संचालन में कोई प्रशासनिक या लॉजिस्टिक समस्या आ रही है, तो उसका शीघ्र समाधान किया जाए।

जिलाधिकारियों को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि वे अपने-अपने जनपदों में गैस आपूर्ति पर सतत निगरानी रखें, प्रवर्तन कार्यवाही को और तेज करें तथा यह सुनिश्चित करें कि कहीं भी कालाबाजारी या कृत्रिम संकट की स्थिति न बनने पाए। साथ ही पैनिक बुकिंग पर नियंत्रण रखने के भी निर्देश दिए गए।

सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति आनंद स्वरूप ने जानकारी दी कि जिलाधिकारियों से प्राप्त फीडबैक के अनुसार घरेलू गैस आपूर्ति में सुधार हो रहा है और पैनिक बुकिंग की प्रवृत्ति में भी कमी आई है।


यात्रा सीजन के लिए 100% कोटा बनाए रखने और 5% अतिरिक्त आवंटन की मांग

मुख्य सचिव ने बताया कि उत्तराखण्ड की अर्थव्यवस्था चारधाम यात्रा और पर्यटन गतिविधियों पर काफी हद तक निर्भर है। हर वर्ष अप्रैल से नवंबर तक चलने वाले यात्रा सीजन में राज्य में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि होती है, जिससे गैस की मांग भी बढ़ जाती है।

उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान अतिवृष्टि जैसी आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए एलपीजी गैस एक महत्वपूर्ण संसाधन बन जाती है। इन परिस्थितियों को देखते हुए भारत सरकार को पत्र भेजकर अनुरोध किया जा रहा है कि अप्रैल से नवंबर तक व्यावसायिक गैस का 100 प्रतिशत आवंटन यथावत रखा जाए, साथ ही 5 प्रतिशत अतिरिक्त कोटा भी उपलब्ध कराया जाए।

राज्य ने यात्रा अवधि के लिए लगभग 9,67,949 व्यावसायिक गैस सिलेण्डरों तथा संभावित आपदा प्रबंधन के लिए 48,397 अतिरिक्त सिलेण्डरों की आवश्यकता का आकलन किया है।


कालाबाजारी और दुरुपयोग पर सख्त कार्रवाई, अभियान जारी

राज्य में एलपीजी गैस आपूर्ति को पारदर्शी और सुचारू बनाए रखने के लिए व्यापक स्तर पर प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। 9 मार्च 2026 से शुरू इस अभियान के तहत अब तक 5,934 निरीक्षण किए जा चुके हैं।

कार्रवाई के दौरान अनियमितताओं पर सख्ती बरतते हुए 864 घरेलू और 168 व्यावसायिक गैस सिलेण्डर जब्त किए गए हैं। इसके अलावा 362 छापे, 17 एफआईआर दर्ज और 7 गिरफ्तारियां की गई हैं।

प्रवर्तन टीमों ने अवैध रिफिलिंग और गैस के दुरुपयोग से जुड़े उपकरण भी जब्त किए हैं, जिनमें रिफिलिंग किट, गैस चूल्हे और एक पिकअप वाहन शामिल हैं। अब तक कुल ₹1,05,900 का अर्थदंड भी लगाया जा चुका है।