अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सीएम धामी ने 38 वरिष्ठ महिलाओं को किया सम्मानित, बोले— पहाड़ की असली ताकत मातृशक्ति

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CM Pushkar Singh Dhami Honours 38 Senior Women on International Women’s Day in Dehradun

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मुख्यमंत्री ने 38 वरिष्ठ महिलाओं को किया सम्मानित, बोले— “पहाड़ की असली ताकत उसकी मातृशक्ति”

देहरादून। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने रविवार को मुख्य सेवक सदन, देहरादून में आयोजित “नारी तू नारायणी” कार्यक्रम में प्रदेश की वरिष्ठ मातृशक्ति को सम्मानित किया। इस अवसर पर शिक्षा, समाज सेवा, उद्यमिता, पर्यावरण संरक्षण, कृषि, संस्कृति और जल संरक्षण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली राज्यभर की 38 वरिष्ठ महिलाओं को सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों को International Women’s Day की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि आज उन महिलाओं का सम्मान किया जा रहा है, जिनके त्याग, संघर्ष, स्नेह और संस्कारों ने परिवार, समाज और राष्ट्र की नींव को मजबूत बनाया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रेम, आशीर्वाद और मार्गदर्शन से पीढ़ियाँ आगे बढ़ती हैं और समाज निरंतर प्रगति करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मां अपने जीवन के अनेक सुखों का त्याग कर बच्चों के भविष्य को संवारती है। वरिष्ठ महिलाएँ केवल परिवार की आधारशिला ही नहीं, बल्कि संस्कृति, परंपरा और जीवन मूल्यों की भी संरक्षक होती हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति का योगदान विशेष रूप से प्रेरणादायी है। राज्य की महिलाएँ घर-परिवार संभालने के साथ खेत-खलिहानों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और कठिन परिस्थितियों में भी साहस के साथ आगे बढ़ती हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की माताओं ने अपने परिश्रम, साहस और त्याग से राज्य के विकास में अमूल्य योगदान दिया है। “पहाड़ की असली ताकत उसकी मातृशक्ति है,” मुख्यमंत्री ने यह कहते हुए राज्य की महिलाओं के योगदान को नमन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों और वृद्ध माताओं की सेवा करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। राज्य सरकार महिलाओं, विशेषकर वरिष्ठ महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएँ संचालित कर रही है। वृद्धावस्था पेंशन योजना और विधवा पेंशन योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। साथ ही बुजुर्गों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने तथा विभिन्न जिलों में वृद्धाश्रमों की व्यवस्थाओं को भी सुदृढ़ किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क धार्मिक यात्राओं की सुविधा भी उपलब्ध करा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखंड की हर वृद्ध माता को सम्मान, सुरक्षा और आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर मिले।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री Rekha Arya ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाएँ समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत होती हैं। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति सक्रिय रहता है वही जीवन में ऊर्जावान बना रहता है। महिला सशक्तिकरण की शुरुआत घर से होकर समाज और राष्ट्र तक पहुँचती है। महिलाओं की शक्ति ही परिवार, समाज और देश के निर्माण की आधारशिला है।

कार्यक्रम में सचिव Chandresh Kumar Yadav ने बताया कि इस वर्ष महिला दिवस कार्यक्रम की थीम “Give to Gain” रखी गई है। इसी थीम के अनुरूप ऐसी वरिष्ठ महिलाओं को सम्मानित किया गया, जो 60 वर्ष से अधिक आयु होने के बावजूद समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रहते हुए उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं। उन्होंने बताया कि चयन प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रतिनिधिक बनाने के लिए प्रत्येक जनपद से निम्न, मध्यम और उच्च आय वर्ग से एक-एक महिला का चयन जिला स्तरीय समिति के माध्यम से किया गया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देहरादून, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, चंपावत, पौड़ी गढ़वाल, अल्मोड़ा, उत्तरकाशी, चमोली, बागेश्वर, टिहरी गढ़वाल, ऊधम सिंह नगर, हरिद्वार और पिथौरागढ़ सहित विभिन्न जिलों की कुल 38 वरिष्ठ महिलाओं को सम्मानित किया।

कार्यक्रम में उत्तराखंड जनजाति सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष Geeta Ram Gaud, निदेशक B. L. Rana, Vikram Singh, S. K. Tripathi, Mohit Chaudhary सहित अनेक अधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।