CM Dhami Reviews ‘Gaudan’, Film Declared Tax-Free in Uttarakhand

मुख्यमंत्री धामी ने देहरादून में ‘गौदान’ फिल्म का किया अवलोकन, गौ-संवर्धन को बताया संस्कृति की आत्मा

देहरादून।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को देहरादून स्थित सेन्ट्रियो मॉल, हाथीबड़कला में गौ-संरक्षण पर आधारित फिल्म ‘गौदान’ का विशेष अवलोकन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने फिल्म की विषयवस्तु की सराहना करते हुए इसे भारतीय संस्कृति, ग्रामीण जीवनशैली और गौ-संवर्धन की परंपरा से जुड़ा एक प्रेरणादायी एवं सामाजिक चेतना जागृत करने वाला सशक्त प्रयास बताया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौ माता को केवल आस्था का प्रतीक नहीं माना जाता, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि, पोषण, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता की आधारशिला भी है। उन्होंने कहा कि ‘गौदान’ जैसी फिल्मों के माध्यम से समाज में गौ संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य सरकार द्वारा ‘गौदान’ फिल्म को उत्तराखण्ड में टैक्स फ्री किया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस प्रेरक फिल्म को देख सकें और गौ संरक्षण के महत्व को समझ सकें। उन्होंने कहा कि समाज को सकारात्मक संदेश देने वाली फिल्मों को प्रोत्साहित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में गौ-संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर निरंतर ठोस कदम उठा रही है। गौशालाओं के सुदृढ़ीकरण, निराश्रित गोवंश के संरक्षण, पशुपालकों को प्रोत्साहन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। सरकार का उद्देश्य गौ आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत कर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है।
फिल्म के निर्माता विनोद कुमार चौधरी सहित पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड कला, साहित्य और संस्कृति की समृद्ध परंपरा की भूमि रही है। राज्य सरकार उत्तराखण्ड को फिल्म निर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में प्रभावी फिल्म नीति लागू की गई है, जिसके अंतर्गत फिल्म निर्माताओं को आकर्षक सब्सिडी, सिंगल विंडो क्लीयरेंस, शूटिंग के लिए सरल अनुमति प्रक्रिया तथा स्थानीय कलाकारों एवं तकनीशियनों को प्रोत्साहन प्रदान किया जा रहा है। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और राज्य में फिल्मांकन गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड की प्राकृतिक सुंदरता, आध्यात्मिक वातावरण, पर्वतीय संस्कृति और विविध भौगोलिक लोकेशन फिल्म शूटिंग के लिए अत्यंत अनुकूल हैं। अधिकाधिक फिल्मों के प्रदेश में निर्माण से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और पर्यटन को भी नई गति प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फिल्म विकास परिषद को सशक्त किया गया है तथा फिल्म स्टूडियो और आधारभूत संरचना के विकास की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ‘गौदान’ जैसी प्रेरक फिल्में समाज को सकारात्मक दिशा देंगी, गौ संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाएंगी और उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुदृढ़ करेंगी।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, गणेश जोशी, रेखा आर्य सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे।





