प्रशासन बना सहारा: 3 बेटियों और नातिन की जिम्मेदारी उठाने वाली महिला को राहत

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Dehradun DM Waives Widow Loan, Pays ₹33K Balance, Issues NOC

मानवीय पहल: डीएम ने असहाय विधवा क्षमा परवीन का बैंक ऋण कराया माफ, दिलाई राहत की सांस

देहरादून, 07 अप्रैल 2026।
जिला प्रशासन देहरादून ने एक बार फिर संवेदनशीलता और मानवीय सरोकारों का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए असहाय विधवा क्षमा परवीन को बड़ी राहत प्रदान की है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर उनका वर्षों पुराना बैंक ऋण वन टाइम सेटलमेंट (OTS) के माध्यम से समाप्त कराया गया और बैंक से नो ड्यूज प्रमाण पत्र (NOC) भी जारी कराया गया।

सेटलमेंट के बाद बची लगभग 33 हजार रुपये की राशि जिला प्रशासन द्वारा स्वयं जमा कराई गई, जिससे क्षमा परवीन पूरी तरह ऋणमुक्त हो सकीं।

क्षमा परवीन ने वर्ष 2014 में अपनी बड़ी बेटी के विवाह के लिए डीसीबी बैंक से करीब सवा लाख रुपये का ऋण लिया था। उसी वर्ष उनके पति का निधन हो गया, जिससे परिवार आर्थिक संकट में आ गया।

इसके बाद वर्ष 2020 में कोविड-19 के दौरान उनकी विवाहित बेटी की भी मृत्यु हो गई, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। लगातार विपरीत परिस्थितियों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण वे ऋण चुकाने में असमर्थ रहीं।

वर्तमान में क्षमा परवीन पर

  • 3 अविवाहित बेटियों,
  • 1 पुत्र,
  • और 5 वर्षीय नातिन आयरा
    के भरण-पोषण और शिक्षा की पूरी जिम्मेदारी है।

जिलाधिकारी के निर्देश पर

  • छोटी बेटी फैजा की पढ़ाई “नंदा-सुनंदा योजना” के तहत पुनः शुरू कराई गई।
  • उसकी 27 हजार रुपये की वार्षिक फीस योजना के माध्यम से जमा कराई गई।

  • 5 वर्षीय आयरा को RTE (शिक्षा का अधिकार अधिनियम) के तहत नजदीकी निजी विद्यालय में प्रवेश दिलाया गया।
  • दाखिले में आ रही आय प्रमाण पत्र की समस्या को मौके पर ही हल करते हुए तत्काल आय प्रमाण पत्र जारी कराया गया।

28 मार्च 2026 को जिलाधिकारी कार्यालय में गुहार लगाने पहुंची क्षमा परवीन की समस्या पर डीएम ने त्वरित संज्ञान लिया और संबंधित विभागों व बैंक के साथ समन्वय कर समग्र समाधान सुनिश्चित किया। जिलाधिकारी ने कहा कि-

जिला प्रशासन जरूरतमंद और असहाय नागरिकों की सहायता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और ऐसे मामलों में प्राथमिकता के आधार पर राहत प्रदान की जाएगी।