फर्जी दस्तावेज से जमीन रजिस्ट्री का खुलासा, देहरादून डीएम का बड़ा एक्शन

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Dehradun Fake Land Registry Case: DM Orders FIR Against Builders & Land Mafia Over Forged Documents

डीएम का सख्त एक्शन: फर्जी दस्तावेजों से भूमि खरीद-फरोख्त का बड़ा खुलासा, बिल्डर्स व भू-माफिया पर मुकदमा दर्ज

देहरादून, 24 फरवरी।
जनपद देहरादून में न्यायालय द्वारा प्रतिबंधित भूमि के अवैध क्रय-विक्रय से जुड़े एक गंभीर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए क्रेता-विक्रेता एवं संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध थाना शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि सरकारी, कृषि एवं विवादित भूमि पर अवैध कब्जे और फर्जी रजिस्ट्रियों में लिप्त भू-माफियाओं और बिल्डर्स पर अब निर्णायक कार्रवाई की जाएगी।


प्रतिबंधित भूमि की फर्जी रजिस्ट्री का मामला

जिलाधिकारी के संज्ञान में आया कि मौजा आमवाला तरला स्थित खसरा संख्या 94ख, 134, 135 एवं 136 की भूमि, जिस पर न्यायालय द्वारा पहले से ही क्रय-विक्रय पर रोक लगाई गई है, उसे कूटरचित (फर्जी) अभिलेख तैयार कर पंजीकृत कराया गया।

शिकायतकर्ता द्वारा विलेख संख्या 8614/2025 एवं 8615/2025 पर आपत्ति दर्ज कराते हुए बताया गया कि उक्त भूमि पीएसीएल (Pearls Agro Tech Corporation Limited) से संबंधित प्रतिबंधित श्रेणी में आती है। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि विक्रेता ने भूमि की वास्तविक स्थिति छिपाकर रजिस्ट्री कराई और न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करते हुए भूमि का क्रय-विक्रय किया।


गोल्डन फॉरेस्ट से जुड़ी संपत्ति होने की आशंका

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि संबंधित भूमि का संबंध कथित रूप से गोल्डन फॉरेस्ट से जुड़ी परिसंपत्तियों से हो सकता है, जिन पर पूर्व से विभिन्न स्तरों पर प्रतिबंध लागू हैं। इसके बावजूद बाहरी राज्यों, विशेष रूप से चंडीगढ़ एवं पंजाब से जुड़े बिल्डर्स और भू-माफिया द्वारा फर्जी दस्तावेज तैयार कर भूमि बेचने का प्रयास किया गया।


दाखिल-खारिज निरस्त करने के निर्देश

डीएम के निर्देश पर रजिस्ट्रार देहरादून और उप जिलाधिकारी सदर को विलेखों की पुनः जांच के आदेश दिए गए हैं। यदि इन रजिस्ट्रियों के आधार पर दाखिल-खारिज की कार्यवाही की गई है, तो उन्हें तत्काल निरस्त करने के निर्देश जारी किए गए हैं। तहसील स्तर पर भी रिकॉर्ड की विस्तृत समीक्षा शुरू कर दी गई है।


सब-रजिस्ट्रार कार्यालय की भूमिका जांच के घेरे में

रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1908 की धारा 83 के तहत कूट रचना कर पंजीकरण कराने के मामले में थाना शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सब-रजिस्ट्रार कार्यालय देहरादून की भूमिका की भी जांच की जा रही है और प्रशासनिक कार्रवाई की संभावना जताई गई है।

सूत्रों के अनुसार, ऋषिकेश सब-रजिस्ट्रार कार्यालय की तर्ज पर देहरादून रजिस्ट्रार कार्यालय का जल्द वृहद निरीक्षण भी किया जा सकता है।


भू-माफियाओं पर जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट किया कि—

  • न्यायालय द्वारा प्रतिबंधित भूमि की खरीद-फरोख्त किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी।

  • फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भूमि लेन-देन करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

  • जिले में ऐसे अन्य मामलों की भी पहचान कर व्यापक अभियान चलाया जाएगा।

प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि राज्य की सरकारी एवं कृषि भूमि पर नजर गड़ाए बैठे भू-माफियाओं और बिल्डर्स के खिलाफ अब लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।