देहरादून में एलपीजी कालाबाजारी पर सख्ती, 95 हजार सिलेंडर बैकलॉग दूर करने की कवायद

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Dehradun LPG Supply Update: QRT Teams Crack Down on Black Marketing, 95K Backlog Under Review

देहरादून, 18 मार्च | एलपीजी गैस की कालाबाजारी पर सख्ती और शत-प्रतिशत होम डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन देहरादून ने निगरानी तंत्र को और मजबूत कर दिया है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के अनुपालन में पूरे जिले को विभिन्न क्षेत्रों में विभाजित करते हुए क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) का गठन किया गया है।

इन क्यूआरटी टीमों ने बुधवार को क्षेत्रवार गैस एजेंसियों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एलपीजी की मांग, आपूर्ति, वितरण व्यवस्था और स्टॉक की स्थिति का विस्तृत आकलन किया गया, ताकि कहीं भी अनियमितता या कृत्रिम संकट की स्थिति न बनने पाए।

जिलाधिकारी के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा कंट्रोल रूम के माध्यम से जिलेभर में गैस वितरण और आपूर्ति व्यवस्था की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। साथ ही आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए विशेष निगरानी भी रखी जा रही है।

जिला प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर—1077, 0135-2626066, 0135-2726066 और व्हाट्सएप नंबर 7534826066—पर अब तक एलपीजी आपूर्ति से संबंधित कुल 25 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। कंट्रोल रूम में तैनात जिला पूर्ति विभाग की टीम इन शिकायतों का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित कर रही है।

प्रशासन के अनुसार, आज जिले में लगभग 18,546 घरेलू उपभोक्ताओं और 239 वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की आपूर्ति की गई। हालांकि, घरेलू गैस सिलेंडरों में करीब 95 हजार का बैकलॉग अभी भी बना हुआ है, जिसे शीघ्र पूरा करने के प्रयास जारी हैं।

वर्तमान में जिले में घरेलू एलपीजी के लगभग 41,348 सिलेंडर तथा वाणिज्यिक श्रेणी के 1,821 सिलेंडर स्टॉक में उपलब्ध हैं। प्रशासन का कहना है कि हाल के दिनों में घरेलू के साथ-साथ व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की मांग में भी वृद्धि दर्ज की गई है, जिसके चलते आपूर्ति तंत्र पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कालाबाजारी, जमाखोरी या वितरण में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें, ताकि समय पर समाधान सुनिश्चित किया जा सके।