CM Pushkar Singh Dhami Highlights Uttarakhand Development Plans, Achievements in Assembly Reply
विकास, सुशासन और जनकल्याण के विकल्प रहित संकल्प के साथ आगे बढ़ रही सरकार: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के जवाब में मुख्यमंत्री ने विधानसभा में प्रस्तुत किया सरकार की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का विस्तृत खाका
ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) स्थित विधानसभा में बुधवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य सरकार की उपलब्धियों, नीतियों और भविष्य की विकास योजनाओं का व्यापक विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार “विकल्प रहित संकल्प” के साथ उत्तराखंड को समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर राज्य बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत देवभूमि के देवी-देवताओं, देश के लिए बलिदान देने वाले शहीदों और उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों को नमन करते हुए की। उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण आंदोलन में आंदोलनकारियों के त्याग और संघर्ष के कारण ही आज उत्तराखंड विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।
गैरसैंण: पहाड़ की उम्मीदों का प्रतीक
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के लिए गैरसैंण केवल एक भौगोलिक स्थान नहीं, बल्कि यह पहाड़ की आकांक्षाओं, उम्मीदों और स्वाभिमान का प्रतीक है। गैरसैंण उस ऐतिहासिक संकल्प का प्रतिनिधित्व करता है जिसके लिए उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन चला था। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपने कार्यकाल में गैरसैंण को प्राथमिकता देते हुए यह सुनिश्चित किया है कि राज्य की नीतियों और विकास योजनाओं में पहाड़ की भावनाओं का समावेश हो।
अटल के सपनों को साकार करने की दिशा में प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य के गठन का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को जाता है, जिनकी दूरदर्शिता के कारण यह राज्य अस्तित्व में आया। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में उत्तराखंड को विकास की नई दिशा और गति मिल रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री के उस कथन का उल्लेख किया जिसमें उन्होंने कहा था कि “21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा।” मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस लक्ष्य को साकार करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
ऐतिहासिक बजट: विकास का व्यापक रोडमैप
मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत बजट कई दृष्टियों से ऐतिहासिक है। यह न केवल वर्तमान विधानसभा का अंतिम पूर्णकालिक बजट है, बल्कि आने वाले वर्षों में राज्य के विकास की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण दस्तावेज भी है। उन्होंने बताया कि बजट का आकार 1 लाख 11 हजार करोड़ रुपये रखा गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत अधिक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट केवल आय-व्यय का लेखा-जोखा नहीं बल्कि राज्य के सवा करोड़ लोगों की उम्मीदों और आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। इसमें मातृशक्ति के सम्मान, युवाओं के उत्थान, किसानों के कल्याण, विज्ञान एवं नवाचार, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और पर्यटन विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है।
घोषणाओं को धरातल पर उतारने पर जोर
मुख्यमंत्री ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि उनकी सरकार केवल घोषणाएं नहीं करती, बल्कि उन्हें समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारती भी है। उन्होंने बताया कि मुख्यसेवक के रूप में की गई 3885 घोषणाओं में से 2408 को पूर्ण किया जा चुका है, जबकि शेष पर तेजी से कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य योजनाओं की घोषणा भर करना नहीं बल्कि उन्हें परिणामों में बदलना है ताकि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
राज्य की अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय प्रगति
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में तेजी से वृद्धि हुई है। राज्य की जीएसडीपी में निरंतर बढ़ोतरी दर्ज की गई है और प्रति व्यक्ति आय में लगभग 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य का बजट आकार भी 60 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 1 लाख 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। इसके साथ ही निवेश, उद्योग और पर्यटन के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
रोजगार और उद्योगों को मिला बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने बताया कि रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने 30 से अधिक नई नीतियां लागू की हैं। इसके परिणामस्वरूप राज्य में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं और स्टार्टअप की संख्या 700 से बढ़कर लगभग 1750 तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि पर्यटन, होटल और होमस्टे क्षेत्र में भी तेजी से विस्तार हुआ है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। हेली सेवाओं और हेलीपोर्ट की संख्या बढ़ने से पर्यटन और कनेक्टिविटी को भी नई गति मिली है।
नकल माफिया और भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। इसके बाद नकल माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े चार वर्षों में 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। इसके साथ ही भ्रष्टाचार के मामलों में आईएएस और पीसीएस अधिकारियों सहित 200 से अधिक लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
समान नागरिक संहिता सहित ऐतिहासिक निर्णय
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने कई दूरगामी और ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया है जहां समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की गई है। इस कानून से महिलाओं को समान अधिकार और समाज में समानता तथा न्याय की भावना को मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि राज्य की सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखने के लिए सख्त भू-कानून और धर्मांतरण विरोधी कानून जैसे कदम भी उठाए गए हैं।
इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी में तेजी
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से उत्तराखंड में लगभग दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं पर काम चल रहा है। सड़क, रेल, रोपवे और हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना और प्रस्तावित रोपवे परियोजनाएं राज्य के विकास को नई गति देंगी।
किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए विशेष योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है। किसानों को तीन लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है और कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं और प्रदेश की लगभग 1 लाख 70 हजार महिलाएं “लखपति दीदी” बन चुकी हैं। युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए भी कई कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार है। धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ साहसिक पर्यटन, ईको-टूरिज्म और वेलनेस टूरिज्म को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। केदारखंड और मानसखंड मंदिरों के विकास, शीतकालीन यात्रा, फिल्म पर्यटन और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के माध्यम से राज्य की पहचान वैश्विक स्तर पर मजबूत हो रही है।
विकसित उत्तराखंड का संकल्प
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास के बीच संतुलन स्थापित करते हुए उत्तराखंड का समग्र और सतत विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि सरकार का “विकल्प रहित संकल्प” है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलें और किसानों की आय में वृद्धि हो। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि जनता के सहयोग और सरकार की प्रतिबद्धता के साथ उत्तराखंड आने वाले वर्षों में विकास के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।





