Uttarakhand Budget 2026-27 Likely ₹1.10 Lakh Crore | Cabinet Approves Appropriation Bill
उत्तराखण्ड बजट 2026–27 लगभग ₹1.10 लाख करोड़ का होने की संभावना, कैबिनेट ने विनियोग विधेयक को दी मंजूरी
देहरादून: वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए उत्तराखण्ड का वार्षिक बजट लगभग ₹1.10 लाख करोड़ का होने जा रहा है। बुधवार को आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में उत्तराखण्ड विनियोग विधेयक 2026–27 को मंजूरी प्रदान की गई, जिससे आगामी विधानसभा बजट सत्र में बजट पेश किए जाने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
सूत्रों के अनुसार आगामी बजट में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार यह बजट चमोली जनपद स्थित ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में आयोजित होने वाले विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन में प्रस्तुत करेगी।
मंत्रिमंडल ने बजट दस्तावेज में आवश्यक संशोधन एवं अंतिम बदलाव करने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत भी किया है।
दुष्कर्म एवं पॉक्सो मामलों के लिए तीन नए फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय
न्यायिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने और संवेदनशील मामलों के त्वरित निस्तारण हेतु मंत्रिमंडल ने राज्य में तीन अतिरिक्त फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (FTSC) स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इन न्यायालयों में दुष्कर्म तथा पॉक्सो अधिनियम के लंबित मामलों की शीघ्र सुनवाई सुनिश्चित की जाएगी।
न्यायालयों में कोर्ट मैनेजर के 14 नए पद सृजित
कैबिनेट ने न्यायालयों की प्रशासनिक कार्यक्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से कोर्ट मैनेजर के 14 नए पदों के सृजन को भी स्वीकृति दी है। इनमें एक पद नैनीताल उच्च न्यायालय तथा शेष 13 पद जिला न्यायालयों में स्थापित किए जाएंगे।
सार्वजनिक वित्त प्रबंधन सुदृढ़ीकरण परियोजना को मंजूरी
राज्य में वित्तीय प्रबंधन प्रणाली और जनसेवा वितरण को मजबूत करने के लिए मंत्रिमंडल ने Strengthening of Public Financial Management for Improved Service Delivery (SPFM) परियोजना के तहत हाई पावर कमेटी (HPC) और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) गठित करने का निर्णय लिया।
परियोजना के संचालन हेतु 21 अस्थायी पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई है।
लगभग ₹850 करोड़ लागत वाली यह परियोजना पांच वर्षों तक संचालित होगी। यह पूर्व में विश्व बैंक समर्थित UKPFS परियोजनाओं की निरंतरता में लागू की जा रही है। परियोजना के तहत ₹680 करोड़ की राशि विश्व बैंक से ऋण के रूप में प्राप्त होगी, जिसकी दीर्घकालिक अदायगी केंद्र और राज्य सरकार द्वारा 90:10 अनुपात में की जाएगी।
जन विश्वास (संशोधन) अध्यादेश को विधेयक के रूप में पेश करने की स्वीकृति
मंत्रिमंडल ने उत्तराखण्ड जन विश्वास (संशोधन) अध्यादेश-2025 को भी विधानसभा में विधेयक के रूप में प्रस्तुत करने की मंजूरी दी। इस पहल का उद्देश्य पुराने और अप्रासंगिक कानूनी प्रावधानों को समाप्त कर प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल एवं प्रभावी बनाना है।
विकास, न्यायिक सुधार और वित्तीय पारदर्शिता पर जोर
आगामी बजट से राज्य सरकार की प्राथमिकताओं—विकास कार्यों में तेजी, न्यायिक ढांचे की मजबूती, बेहतर वित्तीय प्रबंधन तथा प्रभावी जनसेवा वितरण—को स्पष्ट रूप से रेखांकित किए जाने की उम्मीद है।





