भूमि धोखाधड़ी पर बड़ा एक्शन: गढ़वाल में 51 मामलों का निस्तारण, 5 में FIR दर्ज

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Land Fraud Crackdown in Garhwal: 51 Cases Resolved, FIRs Ordered | Uttarakhand News

भूमि धोखाधड़ी पर सख्त कार्रवाई: गढ़वाल मंडल में प्रशासन का बड़ा अभियान, 51 मामलों का निस्तारण, 5 में एफआईआर

देहरादून, 06 अप्रैल 2026।
मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत भूमि धोखाधड़ी के मामलों पर गढ़वाल मंडल में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी है। गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में सोमवार को सर्वे चौक स्थित कैंप कार्यालय में लैंड फ्रॉड समन्वय समिति की अहम बैठक आयोजित हुई, जिसमें लंबित और नए मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में समिति ने भूमि धोखाधड़ी से जुड़े 11 लंबित और 51 नए मामलों पर सुनवाई करते हुए कुल 51 मामलों का निस्तारण किया, जबकि 5 मामलों में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए।


भूमाफिया के खेल का खुलासा: एक ही जमीन के दो सौदे

समीक्षा के दौरान कई चौंकाने वाले मामले सामने आए। कुछ प्रकरणों में भूमाफियाओं द्वारा एक ही खसरा नंबर की जमीन को दो अलग-अलग लोगों को बेचने और अन्य स्थान की जमीन पर कब्जा दिलाने जैसी गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं। प्रशासन ने ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।


कानून उल्लंघन पर सख्त रुख, एसआईटी जांच के निर्देश

एक मामले में राजस्थान के व्यक्तियों द्वारा रुद्रप्रयाग में आवासीय भूमि खरीदकर उस पर होटल निर्माण और फिर बिक्री का मामला सामने आया। जांच में संबंधित अधिनियम की धाराओं का उल्लंघन पाए जाने पर भूमि को सरकार में निहित करने और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए।

जहां-जहां भूमि धोखाधड़ी स्पष्ट पाई गई, वहां एसआईटी जांच के निर्देश भी जारी किए गए हैं।


अधिकारियों को चेतावनी: लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं

आयुक्त ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि

  • सभी मामलों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए
  • संयुक्त निरीक्षण वाले मामलों की रिपोर्ट एक सप्ताह में प्रस्तुत की जाए
  • भविष्य में किसी भी त्रुटि के लिए संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे

बैठक में कुछ अधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए स्पष्टीकरण भी तलब किया गया।


अवैध कब्जों पर सख्ती, अनिवार्य एफआईआर के निर्देश

सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के मामलों में आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि

  • हर मामले में अनिवार्य रूप से एफआईआर दर्ज की जाए
  • पुलिस द्वारा प्रभावी और समयबद्ध जांच सुनिश्चित हो

170 में से 77 मामलों की सुनवाई पूरी

अब तक कुल 170 भूमि धोखाधड़ी मामलों में से 77 मामलों की सुनवाई पूरी हो चुकी है, जिनमें 51 का निस्तारण किया गया। शेष मामलों पर तेजी से कार्रवाई के लिए एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगी गई है।

आयुक्त ने कहा कि 15 दिनों के भीतर अगली समीक्षा बैठक आयोजित कर शेष मामलों को भी निपटाया जाएगा, ताकि वादियों को शीघ्र न्याय मिल सके।


स्पष्ट संदेश: लंबित न रहें मामले, अभियान मोड में कार्रवाई

आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने दो टूक कहा कि

“भूमि धोखाधड़ी के मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी प्रकरणों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।”


बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में पुलिस और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल राजीव स्वरूप, अपर आयुक्त उत्तम सिंह चौहान, एसपी (ग्रामीण) जया बलूनी सहित विभिन्न जिलों के एसडीएम और तहसीलदार शामिल रहे।