Uttarakhand Weather Alert: Orange Alert in 5 Districts, Lightning & Hailstorm Warning
उत्तराखंड के 5 जनपदों में ऑरेंज अलर्ट: आकाशीय बिजली, ओलावृष्टि और तेज हवाओं की चेतावनी
देहरादून।
भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून द्वारा जारी ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार 04 अप्रैल को उत्तराखंड के पांच जनपद—उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़—में खराब मौसम की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने, ओलावृष्टि और 40 से 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, जो कुछ स्थानों पर 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती हैं, की आशंका जताई है। वहीं राज्य के अन्य जनपदों के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है।
प्रशासन अलर्ट मोड में
मौसम चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, देहरादून ने संबंधित जिलों को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए हैं। सभी जिला प्रशासन को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूर्ण तैयार रहने को कहा गया है।
महत्वपूर्ण निर्देश
- पर्वतीय क्षेत्रों में प्रतिकूल मौसम के दौरान ट्रैकिंग गतिविधियों पर रोक या नियंत्रण रखा जाए।
- संवेदनशील इलाकों में आवागमन सीमित किया जाए और सतर्कता बरती जाए।
- आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई और सूचना का त्वरित आदान-प्रदान सुनिश्चित किया जाए।
- आईआरएस (Incident Response System) के अंतर्गत सभी अधिकारी और विभाग हाई अलर्ट पर रहें।
- बाधित सड़कों की शीघ्र बहाली सुनिश्चित की जाए।
- राजस्व, ग्राम विकास एवं पंचायत स्तर के अधिकारी क्षेत्र में सक्रिय रूप से मौजूद रहें।
- सभी पुलिस थानों और चौकियों में आपदा उपकरण और वायरलेस सिस्टम के साथ सतर्कता बनाए रखी जाए।
अतिरिक्त सावधानियां
- सभी अधिकारी/कर्मचारी अपने मोबाइल फोन स्विच ऑफ न रखें।
- आवश्यक उपकरण जैसे बरसाती, टॉर्च, हेलमेट आदि साथ रखें।
- संभावित आपदा की स्थिति में फंसे लोगों के लिए भोजन और चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
- स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।
- उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही नियंत्रित की जाए।
- नगरों और कस्बों में जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए नालियों और कल्वर्ट की सफाई सुनिश्चित की जाए।
जनता से अपील
सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें, सुरक्षित स्थानों पर रहें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।





