Independence Day 2026: हर घर तिरंगा यात्रा में शामिल हुए CM धामी, बोले- स्वतंत्रता दिवस पर हर घर फहराएं तिरंगा

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CM Dhami Joins Har Ghar Tiranga Yatra in Dehradun

हर घर तिरंगा यात्रा में शामिल हुए मुख्यमंत्री धामी, प्रदेशवासियों से घर-घर तिरंगा फहराने का किया आह्वान

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को देहरादून के गांधी पार्क में आयोजित ‘हर घर तिरंगा यात्रा’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने-अपने घरों में तिरंगा फहराने और राष्ट्रभक्ति की भावना को सदैव प्रज्वलित रखने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तिरंगा यात्रा केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि राष्ट्र गौरव और देशभक्ति का उत्सव है। तिरंगा करोड़ों भारतीयों के स्वाभिमान, एकता और राष्ट्रीय अस्मिता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और वीर जवानों ने तिरंगे की आन, बान और शान के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया है। आज हमारा भी संकल्प होना चाहिए कि भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहें।

मुख्यमंत्री ने गांधी पार्क में कार्यक्रम में शामिल होने के बाद घंटाघर स्थित उत्तराखंड आंदोलन के महानायक स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी तथा भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद मुख्यमंत्री हजारों लोगों के साथ गांधी पार्क से घंटाघर तक निकाली गई तिरंगा यात्रा में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रभक्ति की भावना देवभूमि उत्तराखंड के कण-कण में बसी है। उत्तराखंड को देवभूमि के साथ-साथ वीरभूमि भी कहा जाता है। राज्य की मिट्टी ने देश को अनगिनत वीर सैनिक दिए हैं और प्रदेश के अनेक परिवारों के बेटे देश की सीमाओं की रक्षा के लिए तैनात हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत एक महाशक्ति के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है। मेक इन इंडिया, डिजिटल क्रांति और स्वदेशी तकनीक के माध्यम से भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया के अनेक क्षेत्रों में नई दिशा दिखाने की क्षमता रखता है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना का मनोबल और सामर्थ्य बढ़ा है। सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से भारत ने अपनी सैन्य क्षमता और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय पूरी दुनिया को दिया है। भारत अब रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ रक्षा उपकरणों का निर्यातक देश भी बन रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार अपने वीर जवानों, पूर्व सैनिकों और शहीद परिवारों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं में देशसेवा और राष्ट्रभक्ति की भावना सदैव मजबूत रही है और यही उत्तराखंड की विशिष्ट पहचान है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इसी दिशा में उत्तराखंड सरकार भी शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पेयजल और हवाई कनेक्टिविटी जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 30 से अधिक क्षेत्रों में विशिष्ट नीतियां लागू कर विकास का रोडमैप तैयार किया गया है। डबल इंजन की सरकार के प्रयासों से उत्तराखंड विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

उन्होंने दावा किया कि राज्य की अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। पिछले एक वर्ष में राज्य की जीएसडीपी में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि प्रतिव्यक्ति आय में भी 41 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं और स्टार्टअप्स की संख्या बढ़कर 1,750 से अधिक हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने में उत्तराखंड ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक पहचान को बनाए रखना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देवभूमि के मूल स्वरूप के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि राज्य में धर्मांतरण के खिलाफ कड़ा कानून और दंगा रोधी कानून लागू किया गया है। उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जहां समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मदरसा बोर्ड को समाप्त कर उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया गया है।

उन्होंने दावा किया कि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले 250 से अधिक अवैध मदरसों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें बंद किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए व्यापक अभियान चलाया है। इसके तहत करीब 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को कब्जे से मुक्त कराया गया है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ भी सरकार ने सख्त कार्रवाई की है।

युवाओं के रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद पिछले करीब पांच वर्षों में बिना धांधली के 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को केवल नौकरी पाने वाला नहीं, बल्कि ‘नौकरी देने वाला’ बनाना है। इसके लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, होम-स्टे योजना, पर्यटन नीति सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार, उद्यमिता और पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट और नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और सौरभ बहुगुणा, विधायक खजान दास, उमेश शर्मा काऊ, विनोद चमोली और सविता कपूर, मेयर सौरभ थपलियाल, महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, महामंत्री कुंदन परिहार, दीप्ति रावत सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी और आम नागरिक मौजूद रहे।