Uttarakhand Cabinet Decisions: Cooperative Policy & UPNL Pay
उत्तराखंड कैबिनेट के बड़े फैसले: सहकारिता नीति-2026 मंजूर, उपनल कर्मचारियों के लिए समान कार्य-समान वेतन का रास्ता साफ
देहरादून, 25 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास, प्रशासनिक व्यवस्था और विभिन्न विभागों से जुड़े 17 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की गई। कैबिनेट ने उत्तराखंड राज्य सहकारिता नीति-2026 को मंजूरी देने के साथ ही उपनल कर्मचारियों के लिए तीन चरणों में समान कार्य-समान वेतन लागू करने, सीएनजी वाहनों को ग्रीन सेस में छूट जारी रखने और हाइब्रिड वाहनों को दी जा रही राहत वापस लेने समेत कई अहम फैसले किए।
सहकारिता क्षेत्र के विकास के लिए सात मिशन
कैबिनेट ने उत्तराखंड राज्य सहकारिता नीति-2026 को मंजूरी दी है। नई नीति में सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सात मिशन निर्धारित किए गए हैं। सरकार का उद्देश्य सहकारी संस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देना, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाना और आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करना है।
मोटरयान कराधान व्यवस्था में सुधार
परिवहन क्षेत्र में उत्तराखंड मोटरयान कराधान सुधार अधिनियम को कैबिनेट की मंजूरी मिली है। इसके माध्यम से राज्य में वाहनों से संबंधित कर व्यवस्था में आवश्यक सुधार किए जाएंगे।
वहीं, सीएनजी वाहनों को ग्रीन सेस में मिल रही छूट जारी रखने का निर्णय लिया गया है। दूसरी ओर, हाइब्रिड वाहनों को दी जा रही ग्रीन सेस संबंधी राहत वापस ले ली गई है।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न राज्यों की इलेक्ट्रिक वाहन नीतियों का अध्ययन कर उत्तराखंड के लिए नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति (EV Policy) तैयार करने के निर्देश भी दिए हैं। नई नीति का उद्देश्य राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करना और परिवहन व्यवस्था को अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाना है।
चिकित्सा एवं दवा आपूर्ति व्यवस्था में सुधार
कैबिनेट ने उत्तराखंड चिकित्सा एवं परिवार कल्याण सांख्यिक संवर्ग के गठन को मंजूरी दी है।
दवाइयों और सर्जिकल सामग्री की खरीद व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए उत्तराखंड मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन के गठन का निर्णय लिया गया है। यह कॉरपोरेशन मुख्य सचिव की अगुवाई में कार्य करेगा और राज्य की जरूरत के अनुसार दवाइयों, सर्जिकल सामग्री तथा आवश्यक रसायनों की खरीद करेगा।
इसके साथ ही राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र के लिए हरिद्वार में एक एकड़ भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है।
कारापाल सेवा नियमावली और लोकायुक्त समिति को मंजूरी
कैबिनेट ने कारापाल सेवा नियमावली को मंजूरी प्रदान की है। इसके अलावा उत्तराखंड लोकायुक्त अधिनियम-2014 के तहत सदस्यों के चयन की प्रक्रिया के लिए उत्तराखंड लोकायुक्त खोजबीन समिति-2026 के गठन को भी स्वीकृति दी गई है।
उत्तराखंड आबादी सर्वेक्षण अभिलेख नियमावली को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है।
सीड्स एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के कर्मचारियों का समायोजन
उत्तराखंड सीड्स एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को अन्य विभागों में समायोजित करने का फैसला किया गया है। कर्मचारियों को ऊधमसिंह नगर और आसपास के जनपदों में समायोजित किया जाएगा।
काठ बंगला के 116 आवासों के लाभार्थियों को राहत
रिस्पना नदी के किनारे काठ बंगला क्षेत्र में बनाए गए 116 आवासों में मलिन बस्ती के लोगों से ली जाने वाली 10 प्रतिशत राशि अब सरकार वहन करेगी। इस निर्णय से संबंधित लाभार्थियों पर पड़ने वाला आर्थिक भार कम होगा।
इसके अलावा शहरी निकायों में पेयजल और सीवरेज से संबंधित कार्यों को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इससे शहरी क्षेत्रों में बुनियादी नागरिक सुविधाओं के विस्तार और सुधार का रास्ता साफ होगा।
ऋषिकेश में कैंसर इंस्टीट्यूट को मंजूरी
कैबिनेट ने अंत्योदय फाउंडेशन की ओर से ऋषिकेश में कैंसर इंस्टीट्यूट स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। संस्थान के स्थापित होने से राज्य में कैंसर रोगियों के लिए उपचार एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में मदद मिलने की उम्मीद है।
वहीं, उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत उत्तरांचल विश्वविद्यालय की नियमावली को भी कैबिनेट ने मंजूरी प्रदान की है।
उपनल कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला
कैबिनेट ने उपनल कर्मचारियों के लिए तीन चरणों में समान कार्य-समान वेतन लागू करने का निर्णय लिया है। इसका दूसरा चरण 9 नवंबर से शुरू होगा। निर्णय के अनुसार वर्ष 2018 तक के कर्मचारियों को समान कार्य-समान वेतन का लाभ दिए जाने की व्यवस्था की गई है।
इसके साथ ही 1 जनवरी 2016 से ब्रेक वाले उपनल कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देने का फैसला किया गया है। स्वीकृत पदों के सापेक्ष जिन पदों पर उपनल कर्मचारी कार्यरत नहीं हैं, उनके आधार पर नए पद सृजित किए जाएंगे। इस संबंध में शासन स्तर पर समिति गठित की जाएगी।
उपनल कर्मचारियों को परिवर्तनीय महंगाई भत्ता देने का भी निर्णय लिया गया है। यदि नए पदों का सृजन नहीं हो पाता है तो कर्मचारियों के समायोजन की व्यवस्था की जाएगी।
अग्निवीरों के लिए बनेगा अलग प्रकोष्ठ
सेवा से मुक्त होकर लौटने वाले अग्निवीरों के पुनर्वास और रोजगार से जुड़े मामलों के लिए अलग प्रकोष्ठ गठित किया जाएगा। इसके लिए छह पदों का प्रस्ताव रखा गया है। सरकार का उद्देश्य पूर्व अग्निवीरों को राज्य में रोजगार और पुनर्वास से जुड़ी सुविधाओं से जोड़ना है।
ऊर्जा क्षेत्र में 1320 मेगावाट के पावर प्लांट को लेकर निर्णय
ऊर्जा क्षेत्र में कैबिनेट ने UPCL की ओर से 1320 मेगावाट के कोयला आधारित पावर प्लांट के लिए न्यूनतम बोलीदाता के रूप में अडानी को चयनित किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। छत्तीसगढ़ में संबंधित कोल ब्लॉक का आवंटन हो चुका है।
परियोजना अडानी पावर की ओर से स्थापित की जाएगी और इसे 25 वर्ष की अवधि के लिए दिए जाने का निर्णय लिया गया है।
बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की जल्द होगी मरम्मत
प्रदेश में बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत को लेकर भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। पंचायतों और नगर निकायों के पास बजट की कमी होने की स्थिति में सरकार आवश्यक बजट उपलब्ध कराएगी।
अधिकारियों को निविदा प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बारिश का दौर समाप्त होते ही सड़क मरम्मत का कार्य तत्काल शुरू किया जा सके।
आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर लगातार नजर
कैबिनेट ने अधिकारियों को चीनी समेत आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का उद्देश्य त्योहारी और अन्य महत्वपूर्ण अवसरों के दौरान बाजार में आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना और आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी से बचाना है।
गांवों में स्थापित होंगी शहीदों की मूर्तियां
शहीदों के सम्मान और उनके बलिदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए कैबिनेट ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब शहीदों की उनके गांव में मूर्ति स्थापित की जाएगी।
इस पहल का उद्देश्य शहीदों के बलिदान को सम्मान देना और स्थानीय स्तर पर नई पीढ़ी को उनके योगदान से परिचित कराना है।
कैबिनेट के फैसलों का व्यापक फोकस
मंत्रिमंडल के इन फैसलों में ग्रामीण अर्थव्यवस्था, रोजगार, कर्मचारी कल्याण, स्वास्थ्य सुविधाओं, परिवहन सुधार, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ऊर्जा सुरक्षा, शहरी बुनियादी ढांचे और सड़क मरम्मत जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। विशेष रूप से उपनल कर्मचारियों के लिए समान कार्य-समान वेतन, अग्निवीरों के लिए अलग प्रकोष्ठ और सहकारिता नीति-2026 को राज्य सरकार के प्रमुख नीतिगत फैसलों के रूप में देखा जा रहा है।





