FIR for River Waste Dumping, Dehradun DM Orders Strict Action
नदियों में कूड़ा डालने वालों पर होगी FIR, अनधिकृत डंपिंग साइटों पर डीएम सख्त
Dehradun DM Dr Ashish Chauhan orders FIR against river waste dumpers, identification of unauthorized dumping sites and strict monitoring of solid waste management.
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में लापरवाही पर तय होगी जिम्मेदारी, बल्क वेस्ट जनरेटर की होगी पहचान; सेप्टिक टैंकरों की भी निगरानी के निर्देश
देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने जनपद के शहरी क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को प्रभावी और नियमसम्मत बनाने के लिए सभी उप जिलाधिकारियों तथा नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए और कूड़ा निस्तारण व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाए।
शनिवार को आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने सभी शहरी स्थानीय निकायों (ULB) को अपने-अपने क्षेत्रों में डंपिंग यार्ड और कूड़ा निस्तारण स्थलों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहर या आबादी वाले क्षेत्रों में किसी भी स्थान पर अनधिकृत रूप से कूड़ा डंप नहीं होना चाहिए। यदि कहीं अनधिकृत डंपिंग साइट मिलती है तो उसे तत्काल चिन्हित कर संबंधित क्षेत्र में कूड़ा प्रबंधन का कार्य कर रही एजेंसी की जवाबदेही तय की जाए।
नदियों में कूड़ा डालने वालों पर होगी FIR
जिलाधिकारी ने नदियों और नदी किनारे कूड़ा डाले जाने की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नदियों में कूड़ा फेंकते हुए पकड़े जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई जाए।
उन्होंने अधिकारियों को ऐसे संवेदनशील स्थानों को चिन्हित करने के निर्देश दिए, जहां नदी में कूड़ा डालने की आशंका अधिक रहती है। इन स्थानों पर आवश्यकतानुसार जाली लगाने के साथ सुरक्षा एवं निगरानी की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
सेप्टिक टैंकरों की होगी नियमित निगरानी
डीएम ने सेप्टिक टैंकरों के संचालन पर भी नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सेप्टिक टैंकरों से निकलने वाले मल का निर्धारित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के माध्यम से उचित उपचार कराया जाए और इसके बाद ही नियमानुसार उसका निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। अनधिकृत तरीके से मल या अपशिष्ट के निस्तारण की स्थिति में संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
बल्क वेस्ट जनरेटर की होगी पहचान
बैठक में जिलाधिकारी ने शहरी क्षेत्रों में बल्क वेस्ट जनरेटर (Bulk Waste Generators) की पहचान और निगरानी को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रतिष्ठानों और संस्थानों में कूड़े का स्रोत पर ही उचित सेग्रीगेशन कराया जाए तथा गीले और सूखे कचरे का निर्धारित नियमों के अनुसार निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने नगर निकायों के अधिकारियों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग करने और निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्था संचालित करने के निर्देश दिए।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन के लिए प्रकोष्ठ गठित
बैठक में उप जिलाधिकारी अपर्णा ढौंडियाल ने बताया कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि न्यायालय के आदेशों की प्रति नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत, जिला पंचायत और छावनी परिषद के निर्वाचित प्रतिनिधियों एवं पार्षदों को उपलब्ध करा दी गई है।
उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्रों में बल्क वेस्ट जनरेटर को चिन्हित करने की कार्रवाई जारी है। सभी निकायों को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारियों एवं संबंधित सदस्यों के साथ डंपिंग साइटों का संयुक्त निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही कूड़ा प्रबंधन से संबंधित कार्यों के फोटोग्राफिक साक्ष्य निर्धारित पोर्टल पर प्रत्येक माह नियमित रूप से अपलोड करने को कहा गया है। बैठक में विभिन्न डंपिंग साइटों पर कूड़ा निस्तारण व्यवस्था से संबंधित निरीक्षण की जानकारी भी प्रस्तुत की गई।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) केके मिश्रा, उप जिलाधिकारी अपर्णा ढौंडियाल सहित वर्चुअल माध्यम से सभी उप जिलाधिकारी, नगर निगम, नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अधिकारी उपस्थित रहे।





