Dehradun DM Orders Stray Animal Survey, ABC-ARV Drive and Pet Dog Registration
आवारा पशुओं पर डीएम सख्त, सर्वे कर पोर्टल पर अपलोड होगा पूरा डेटा
एबीसी-एआरवी अभियान को प्रभावी बनाने के निर्देश, पालतू श्वानों का अनिवार्य पंजीकरण कराने पर जोर
देहरादून, 05 सितंबर 2026।
उच्चतम न्यायालय के आदेशों के अनुपालन और शहरों में निराश्रित पशुओं के प्रभावी प्रबंधन को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शनिवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) एवं एंटी रेबीज वैक्सीनेशन (एआरवी) कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सभी नगर निकायों को आवारा श्वानों एवं अन्य निराश्रित पशुओं की संख्या का विस्तृत सर्वेक्षण कराने, प्रमाणिक एवं समग्र डेटा तैयार करने तथा उसे संबंधित पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वास्तविक आंकड़े उपलब्ध होने के बाद आवारा श्वानों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए बंध्याकरण, एंटी रेबीज टीकाकरण और आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था योजनाबद्ध तरीके से की जाए।
पालतू श्वानों का अनिवार्य पंजीकरण
डीएम ने पालतू कुत्तों के अनिवार्य पंजीकरण पर विशेष जोर देते हुए संबंधित अधिकारियों को अभियान चलाकर अधिक से अधिक पालतू श्वानों का पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्वानों के प्रबंधन, टीकाकरण और बंध्याकरण की व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए नगर निकायों के स्तर पर लगातार निगरानी की जाए।
जिलाधिकारी ने डोईवाला, विकासनगर और ऋषिकेश में श्वानों के बंध्याकरण एवं शल्य चिकित्सा के लिए आवश्यक भूमि चयन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश भी दिए।
सड़कों पर गोवंश छोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
जिलाधिकारी ने सड़कों पर विचरण करने वाले निराश्रित गोवंश के संरक्षण और प्रबंधन को लेकर भी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़कों पर पाए जाने वाले निराश्रित गोवंश को तत्काल कांजीहाउस पहुंचाया जाए और वहां उनके भोजन, उपचार तथा समुचित देखभाल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने सड़कों पर गोवंश को लावारिस छोड़ने वाले पशुपालकों एवं अन्य जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
देहरादून में 55,487 स्ट्रीट डॉग का बंध्याकरण
बैठक में सीनियर वेटरनरी ऑफिसर डॉ. वरुण अग्रवाल ने बताया कि देहरादून नगर निगम क्षेत्र में अब तक 55,487 स्ट्रीट डॉग का बंध्याकरण किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में 72 डॉग केनल उपलब्ध हैं, जबकि 144 अतिरिक्त केनल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। निर्माण पूरा होने के बाद करीब 300 श्वानों को रखने की क्षमता उपलब्ध हो जाएगी।
निराश्रित श्वानों के लिए नगर निगम क्षेत्र में 25 डॉग फीडिंग स्पॉट बनाए गए हैं। वहीं पालतू श्वानों के लिए अब तक 1,117 लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं।
883 निराश्रित गोवंश कांजीहाउस में संरक्षित
निराश्रित गोवंश के संरक्षण के लिए केदारपुरम स्थित कांजीहाउस में वर्तमान में 347 गोवंशीय पशुओं की देखभाल की जा रही है। वहीं सेलाकुई के शंकरपुर स्थित कांजीहाउस में 536 पशु रखे गए हैं। इस प्रकार दोनों कांजीहाउस में कुल 883 निराश्रित गोवंश संरक्षित हैं।
निराश्रित पशुओं को सड़कों से सुरक्षित रूप से हटाने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) के साथ चार पशुवाहन भी तैनात किए गए हैं।
109 बंदरों को सुरक्षित जंगल में छोड़ा गया
बैठक में बताया गया कि नगर निगम देहरादून क्षेत्र में मार्च 2026 से अब तक 109 बंदरों को पकड़ा गया और उन्हें सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ा गया है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निराश्रित पशुओं के प्रबंधन से जुड़े कार्यों में विभागीय समन्वय बनाए रखते हुए नियमित निगरानी की जाए, ताकि सड़कों पर पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं और आमजन की परेशानियों को कम किया जा सके।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) केके मिश्रा, एसडीएम अपर्णा ढौंडियाल, सीनियर वेटरनरी ऑफिसर डॉ. वरुण अग्रवाल, एमएनए विजय नाथ शुक्ल सहित सभी नगर पालिकाओं के अधिशासी अधिकारी उपस्थित रहे।





