Haridwar Kumbh 2027: सीएम धामी ने सतपाल महाराज के जन्मदिवस समारोह में किया प्रतिभाग, आगामी कुंभ की तैयारियों पर दिया जोर

0
7

CM Dhami Attends Satpal Maharaj Birthday Celebration in Haridwar

सीएम धामी ने कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के जन्मदिवस समारोह में किया प्रतिभाग

 

CM Dhami attended Satpal Maharaj’s birthday celebration in Haridwar and highlighted preparations for Kumbh, cultural heritage and tourism development.

 

आध्यात्मिक चेतना, समाजसेवा और लोककल्याण के प्रति समर्पण का प्रतीक है सतपाल महाराज का जीवन: मुख्यमंत्री धामी

 

आगामी कुंभ को दिव्य, भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कर रही तैयारियां

 

देवभूमि की संस्कृति, परंपराओं और पहचान के संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री

 

हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने सतपाल महाराज को जन्मदिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और निरंतर सक्रिय जीवन की कामना की।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सतपाल महाराज ने अपने जीवन के माध्यम से आध्यात्मिक चेतना, समाजसेवा, परोपकार और लोककल्याण का संदेश समाज तक पहुंचाया है। उनके जन्मदिवस समारोह में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति उनके प्रति जनमानस के स्नेह, श्रद्धा और सम्मान को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि सतपाल महाराज की सरलता, सहजता, समर्पण और दूरदर्शिता ने उन्हें समाज में विशिष्ट पहचान दिलाई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें सतपाल महाराज के साथ मंत्रिमंडल में कार्य करने का अवसर मिला है। इस दौरान उन्होंने उनके अनुभव, सहज व्यवहार और कार्य के प्रति समर्पण को निकट से देखा है। उन्होंने सतपाल महाराज को आध्यात्मिक व्यक्तित्व के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के प्रति निरंतर समर्पित कर्मयोगी बताया।

आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और पर्यटन के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव उत्तराखंड में भी दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के पुनर्निर्माण, चारधाम यात्रा को सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनाने, केदारखंड और मानसखंड परियोजनाओं तथा प्रदेश की संस्कृति एवं परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास उत्तराखंड की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाना है। इसके साथ ही राज्य धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन के साथ साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में भी अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन एवं साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में उत्तराखंड को मिले सम्मान राज्य में किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित करते हैं।

आगामी कुंभ को दिव्य और भव्य बनाने की तैयारी

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आगामी वर्ष हरिद्वार में होने वाला कुंभ केवल आस्था का महासंगम नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक शक्ति, सनातन परंपरा और सामाजिक समरसता का विराट उत्सव भी होगा। राज्य सरकार कुंभ को दिव्य, भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ तैयारियों में जुटी है।

उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि देश-दुनिया से हरिद्वार पहुंचने वाला प्रत्येक श्रद्धालु यहां से आध्यात्मिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और सुखद अनुभव लेकर लौटे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि साधु-संतों के आशीर्वाद और मार्गदर्शन से हरिद्वार का कुंभ देश-दुनिया के लिए आकर्षण और प्रेरणा का केंद्र बनेगा।

संस्कृति और पहचान के संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान, परंपराओं और गौरव के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता, धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगारोधी कानून जैसे निर्णय इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा कानून का पालन सभी के लिए समान रूप से आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने देवभूमि की संस्कृति और पहचान को संरक्षित रखने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रभावी कदम उठाए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि उत्तराखंड की विशिष्ट सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पहचान को अक्षुण्ण रखते हुए विकास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि सनातन परंपराओं और धार्मिक आस्था को बदनाम करने के प्रयासों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

सामूहिक प्रयासों से आगे बढ़ेगा उत्तराखंड

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत की रक्षा के लिए आगे भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी। उन्होंने कहा कि जनसहयोग, संत समाज के मार्गदर्शन और सामूहिक प्रयासों से उत्तराखंड को विश्व की धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी बनाने के संकल्प की दिशा में निरंतर आगे बढ़ा जाएगा।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी, अन्य जनप्रतिनिधि, संतगण, बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।