टिहरी झील बनेगी ग्लोबल डेस्टिनेशन, 8 हजार हेक्टेयर क्षेत्र का बनेगा मास्टर प्लान

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Tehri Lake to Become Global Destination | 8,000-Hectare Master Plan

टिहरी झील को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की तैयारी, 8 हजार हेक्टेयर क्षेत्र का बनेगा मास्टर प्लान

 

Uttarakhand plans to develop Tehri Lake as a global destination with an 8,000-hectare master plan, year-round tourism and new trekking routes.

 

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने ली पर्यटन विभाग की बैठक, वर्षभर पर्यटन गतिविधियों के संचालन पर जोर

 

टिहरी लेक क्षेत्र में वाटर स्पोर्ट्स के साथ एडवेंचर, ट्रैकिंग, नेचर, कल्चर और विलेज टूरिज्म को किया जाएगा विकसित

 

बेतरतीब विकास रोकने के लिए मास्टर प्लान और जोनल प्लान तैयार करने के निर्देश

 

 

देहरादून, 24 सितंबर 2026। उत्तराखंड सरकार टिहरी झील क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में व्यापक योजना तैयार कर रही है। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने गुरुवार को सचिवालय में पर्यटन विभाग के साथ बैठक कर टिहरी झील को ‘वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन’ के रूप में विकसित करने के लिए समग्र मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि टिहरी झील के आसपास लगभग 8 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को शामिल करते हुए समग्र मास्टर प्लान एवं जोनल प्लान तैयार किया जाए। इसमें सरकारी और निजी दोनों प्रकार की भूमि को शामिल किया जाए, ताकि पूरे क्षेत्र का सुनियोजित और दीर्घकालिक विकास सुनिश्चित हो सके। उन्होंने बेतरतीब विकास को रोकने के लिए क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुसार अलग-अलग जोन निर्धारित करने के निर्देश भी दिए।

स्थानीय जरूरतों और पर्यावरणीय संवेदनशीलता का रखा जाए ध्यान

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि मास्टर प्लान तैयार करते समय सभी संबंधित स्टेकहोल्डर्स से व्यापक विचार-विमर्श किया जाए। योजना में क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों, स्थानीय आवश्यकताओं, पर्यावरणीय संवेदनशीलता और पर्यटन की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक विकास का रोडमैप तैयार किया जाए।

मास्टर प्लानिंग के लिए स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA), नई दिल्ली और SPA, भोपाल से तकनीकी सहयोग लेने की संभावनाओं पर भी विचार करने के निर्देश दिए गए।

पर्यटन गतिविधियों के लिए फेजवाइज प्लानिंग

मुख्य सचिव ने कहा कि टिहरी झील को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए पूरे लेक एरिया में विभिन्न पर्यटन गतिविधियों को एकीकृत रूप से विकसित किया जाए। इसके तहत प्रमुख आकर्षण केंद्र यानी ‘मैगनेट एरिया’ विकसित किए जाएं और परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने के लिए फेजवाइज योजना तैयार की जाए।

उन्होंने कहा कि टिहरी झील में ऐसी गतिविधियों को विकसित किया जाना चाहिए, जिससे पर्यटक केवल कुछ घंटों के लिए नहीं, बल्कि एक-दो दिन या उससे अधिक समय तक क्षेत्र में ठहरें। इसके लिए वाटर स्पोर्ट्स के साथ एडवेंचर टूरिज्म, ट्रैकिंग, नेचर टूरिज्म, कल्चर टूरिज्म और विलेज टूरिज्म जैसी गतिविधियों को एकीकृत रूप से विकसित करने पर जोर दिया गया।

कम जलस्तर के दौरान भी जारी रहें पर्यटन गतिविधियां

मुख्य सचिव ने अप्रैल, मई और जून में जलस्तर कम रहने की स्थिति को ध्यान में रखते हुए विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षभर पर्यटन गतिविधियों का संचालन सुनिश्चित करने के लिए मौसम और झील के जलस्तर के अनुरूप पर्यटन गतिविधियों का वार्षिक कैलेंडर तैयार किया जाए।

उन्होंने टिहरी झील क्षेत्र में नए ट्रैकिंग रूट और ट्रेल्स विकसित करने तथा आसपास के गांवों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने के निर्देश दिए। इसके साथ ही पर्यटकों के लिए विलेज एवं कल्चरल विजिट की व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया गया।

स्थानीय संस्कृति और ग्रामीण पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

मुख्य सचिव ने कहा कि विलेज और कल्चरल टूरिज्म के माध्यम से पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति, परंपराओं, खान-पान और ग्रामीण जीवन से परिचित कराया जा सकता है। इससे क्षेत्र के स्थानीय लोगों को रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे।

उन्होंने टिहरी झील को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की समग्र कार्ययोजना और प्रस्तावित पर्यटन गतिविधियों पर विस्तृत प्रेजेंटेशन तैयार करने के निर्देश दिए, जिसे प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके।

मुख्य सचिव ने अगली बैठक में टीएचडीसी के अधिकारियों को भी आमंत्रित करने के निर्देश दिए, ताकि टिहरी झील क्षेत्र के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर समन्वित रूप से चर्चा की जा सके।

बैठक में सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल, एपीसीसीएफ डॉ. विवेक पाण्डेय, सुरेन्द्र मेहरा, सीसीएफ प्रसन्ना कुमार पात्रो, अपर सचिव विनीत कुमार, हिमांशु खुराना, अभिषेक रोहिला तथा जिलाधिकारी टिहरी नितिका खण्डेलवाल उपस्थित रहीं।