Char Dham Yatra 2026 Sets Record with 56.18 Lakh Pilgrims
चारधाम यात्रा ने रचा नया कीर्तिमान, श्रद्धालुओं की संख्या 56.18 लाख के पार
Uttarakhand’s Char Dham Yatra sets a new record as pilgrim footfall crosses 56.18 lakh, surpassing the previous 2023 record.
वर्ष 2023 का रिकॉर्ड टूटा, अब तक सर्वाधिक श्रद्धालुओं ने किए चारधाम के दर्शन
सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित यात्रा व्यवस्थाओं से बढ़ा श्रद्धालुओं का विश्वास
देहरादून। उत्तराखण्ड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा ने इस वर्ष नया ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। चारधाम यात्रा में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 56,18,497 के आंकड़े को पार कर गई है। इसके साथ ही वर्ष 2023 में दर्ज अब तक के सर्वाधिक श्रद्धालुओं के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए वर्ष 2026 की यात्रा ने नया रिकॉर्ड कायम किया है।
इस वर्ष केदारनाथ धाम, बदरीनाथ धाम, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के प्रति देश-विदेश के श्रद्धालुओं में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवभूमि उत्तराखण्ड पहुंचकर चारों धामों में दर्शन और पूजा-अर्चना कर रहे हैं। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या उत्तराखण्ड के प्रति देश-दुनिया में बढ़ते धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन और धामों के प्रति गहरे विश्वास को दर्शाती है।
सुरक्षित और सुगम यात्रा पर विशेष जोर
राज्य सरकार ने चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित बनाने के लिए यात्रा शुरू होने से पहले ही व्यापक तैयारियां की थीं। यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाओं, यातायात प्रबंधन, पेयजल, स्वच्छता, पार्किंग, आवास और अन्य यात्री सुविधाओं को मजबूत किया गया। इसके साथ ही आपदा प्रबंधन और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित राहत एवं बचाव के लिए संबंधित विभागों को सक्रिय रखा गया।
यात्रा के दौरान प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, एसडीआरएफ, स्थानीय निकायों और अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष ध्यान दिया गया। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यात्रा मार्गों एवं धामों में व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा और आवश्यकतानुसार उनमें सुधार किया गया।
धार्मिक पर्यटन को मिल रही नई मजबूती
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केदारनाथ और बदरीनाथ धाम सहित उत्तराखण्ड के प्रमुख धार्मिक स्थलों में अवस्थापना विकास और यात्री सुविधाओं के विस्तार को गति मिली है। बेहतर कनेक्टिविटी, सुविधाओं के विकास और धामों के पुनर्विकास से उत्तराखण्ड की धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन पहचान को नई मजबूती मिली है।
चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड संख्या को राज्य में विकसित हो रही बेहतर सुविधाओं और देशभर के श्रद्धालुओं के बढ़ते विश्वास का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को भी इससे निरंतर लाभ मिले।
मुख्यमंत्री धामी ने जताया आभार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा में नया रिकॉर्ड बनने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु राज्य का अतिथि है। सरकार का संकल्प है कि प्रत्येक श्रद्धालु की यात्रा सुरक्षित, सुगम और सुखद हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड संख्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड में विकसित की जा रही बेहतर सुविधाओं, मजबूत व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि सरकार चारधाम यात्रा को और अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा के सफल संचालन में योगदान देने वाले प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, एसडीआरएफ, स्थानीय निकायों, तीर्थ पुरोहितों, स्थानीय निवासियों और यात्रा व्यवस्था से जुड़े सभी कार्मिकों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से ही इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की यात्रा को सफलतापूर्वक संचालित किया जा सका है।




