उत्तराखंड कैबिनेट के 26 फैसले: ₹7,412 करोड़ का अनुपूरक बजट मंजूर, एकल नारी सम्मान योजना को हरी झंडी

0
7

Uttarakhand Cabinet Approves 26 Proposals, ₹7,412 Crore Budget

उत्तराखंड कैबिनेट के 26 प्रस्तावों पर मुहर, ₹7,412 करोड़ के अनुपूरक बजट को मंजूरी

 

Uttarakhand Cabinet approves 26 proposals, including a ₹7,412 crore supplementary budget, Ekal Nari Samman Yojana, free coaching for SC/ST students and benefits for athletes.

 

मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान योजना को हरी झंडी, SC-ST विद्यार्थियों की मुफ्त कोचिंग के लिए आय सीमा ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹8 लाख

 

दिव्यांग विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाओं में 5 अंक की ग्रेस मार्क्स छूट, मेडल विजेता खिलाड़ियों को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा

 

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में आयोजित उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित 26 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में निराश्रित महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान योजना शुरू करने, लगभग 7,412 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट को स्वीकृति देने, शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, खिलाड़ियों को सुविधाएं प्रदान करने और पर्यटन को बढ़ावा देने से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

कैबिनेट ने अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी विद्यार्थियों को मुफ्त कोचिंग उपलब्ध कराने के लिए परिवार की वार्षिक आय सीमा ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹8 लाख करने का निर्णय लिया। इसके अलावा, बोर्ड परीक्षाओं में दिव्यांग विद्यार्थियों को पांच अंकों की विशेष छूट देने तथा हरिद्वार में दो नए निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।

उत्तराखंड कैबिनेट के प्रमुख फैसले

1. ₹7,412 करोड़ के अनुपूरक बजट को मंजूरी

मंत्रिमंडल ने लगभग ₹7,412 करोड़ के अनुपूरक बजट को मंजूरी दी। इसे गैरसैंण में प्रस्तावित विधानसभा सत्र के दौरान सदन में पेश किया जाएगा।

2. मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान योजना को मंजूरी

प्रदेश में निराश्रित महिलाओं के कल्याण के लिए मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान योजना को स्वीकृति दी गई। इस योजना का उद्देश्य पात्र महिलाओं को सहायता प्रदान करना और उन्हें सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाना है। योजना के तहत पात्रता और लाभ से संबंधित विस्तृत जानकारी अलग से जारी किए जाने पर स्पष्ट होगी।

3. दिव्यांग विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाओं में राहत

कैबिनेट ने बोर्ड परीक्षाओं में दिव्यांग छात्र-छात्राओं को पांच अंकों की विशेष छूट यानी ग्रेस मार्क्स देने का निर्णय लिया। इस फैसले से पात्र विद्यार्थियों को परीक्षा परिणाम में राहत मिलेगी।

4. SC-ST विद्यार्थियों के लिए मुफ्त कोचिंग का दायरा बढ़ा

अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के मेधावी विद्यार्थियों को मुफ्त कोचिंग देने की योजना के अंतर्गत परिवार की वार्षिक आय सीमा ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹8 लाख कर दी गई है। इससे अधिक संख्या में पात्र विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए योजना का लाभ उठा सकेंगे।

5. हरिद्वार में दो नए निजी विश्वविद्यालय

उच्च शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए हरिद्वार में आरोग्यम विश्वविद्यालय और बीएमएस विश्वविद्यालय स्थापित करने के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इससे प्रदेश में उच्च शिक्षा के अवसरों के विस्तार का मार्ग प्रशस्त होगा।

6. खिलाड़ियों को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा

राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर पदक या पुरस्कार जीतने वाले उत्तराखंड के खिलाड़ियों को उत्तराखंड रोडवेज की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा देने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही प्रदेश के प्रत्येक जिले में मुख्य खेल प्रशिक्षक तैनात किए जाएंगे, जिससे खेल प्रशिक्षण और खिलाड़ियों को मिलने वाले मार्गदर्शन को मजबूत किया जा सके।

7. पीएम पोषण योजना के लिए केंद्रीय किचन

पीएम पोषण योजना के अंतर्गत हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जिलों में केंद्रीय किचन स्थापित करने के लिए अन्नामृत फाउंडेशन को भूमि आवंटित करने की मंजूरी दी गई। इसका उद्देश्य स्कूली बच्चों को योजना के तहत भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मजबूत करना है।

8. साहसिक पर्यटन के लिए नया निगम

प्रदेश में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने और इससे संबंधित गतिविधियों के विकास के लिए उत्तराखंड एडवेंचर टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड का गठन किया जाएगा।

9. सड़क और पुल निर्माण की स्वीकृति प्रक्रिया में बदलाव

कैबिनेट ने सड़क और पुल निर्माण कार्यों के लिए अलग-अलग स्वीकृति लेने के बजाय एक ही स्वीकृति के माध्यम से कार्य कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इससे निर्माण कार्यों की प्रशासनिक प्रक्रिया सरल बनाने में मदद मिल सकती है।

 

10. शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थानों के ढांचे में बदलाव

मंत्रिमंडल ने जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (DIET) के ढांचे के पुनर्गठन को मंजूरी दी। इसके साथ ही निदेशालय विभागीय लेखा के मिनिस्टीरियल संवर्ग के पदों के पुनर्गठन के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

ऊधम सिंह नगर जिले के राजकीय आश्रम पद्धति बालिका आवासीय विद्यालय को उच्चीकृत कर हाईस्कूल का दर्जा देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली।

11. उरेड़ा के ढांचे का पुनर्गठन

उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी (UREDA) के संगठनात्मक ढांचे में पुनर्गठन किया जाएगा। इसके तहत कनिष्ठ अभियंता के पदों को उच्चीकृत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

12. मानवाधिकार आयोग की वार्षिक रिपोर्ट विधानसभा में रखी जाएगी

उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग की वर्ष 2019-22 की वार्षिक रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर रखने की स्वीकृति दी गई।

13. विधिक प्रावधानों में संशोधन

कैबिनेट ने उत्तराखंड विधि संशोधन विधेयक, 2026 को अधिनियमित करने की मंजूरी दी। इसके अलावा समान नागरिक संहिता (UCC) के प्रावधानों में लिपिकीय त्रुटियों को ठीक करने के लिए संशोधन को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

14. जौनसारी जनजाति के नाम में सुधार

उत्तर प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 में जनजातियों की सूची में दर्ज ‘जन्नासारी’ शब्द को संशोधित कर ‘जौनसारी’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

15. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कर्मचारियों के सेवा नियम

उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समूह-ग और समूह-घ के कर्मचारियों के लिए सेवा नियमावली को मंजूरी दी गई।

16. स्टांप वादों के निस्तारण के लिए वन टाइम सेटलमेंट

स्टांप से संबंधित वादों के निस्तारण के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना लागू करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। इसका उद्देश्य निर्धारित प्रावधानों के अंतर्गत लंबित मामलों के निस्तारण का अवसर उपलब्ध कराना है।

विकास, शिक्षा और जनकल्याण पर केंद्रित फैसले

उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों में सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, खेल, पर्यटन, प्रशासनिक सुधार और आधारभूत ढांचे पर विशेष ध्यान दिया गया। एक ओर निराश्रित महिलाओं और विद्यार्थियों के लिए कल्याणकारी कदमों को मंजूरी मिली, वहीं दूसरी ओर खिलाड़ियों को प्रोत्साहन, उच्च शिक्षा के विस्तार और सड़क-पुल निर्माण की प्रक्रियाओं को सरल बनाने से जुड़े फैसले भी किए गए।

इन निर्णयों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों की ओर से शासनादेश, पात्रता मानदंड और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाने के बाद योजनाओं एवं प्रावधानों की विस्तृत जानकारी स्पष्ट होगी।