मुख्यमंत्री धामी यूपीईएस के 24वें दीक्षांत समारोह में शामिल, 4,795 विद्यार्थियों को मिलेंगी उपाधियां

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CM Dhami Attends UPES Convocation 2026, 4,795 Students to Graduate

Uttarakhand CM Pushkar Singh Dhami attends UPES Convocation 2026, where 4,795 students are receiving degrees, and urges youth to become job creators.

 

यूपीईएस के 24वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए सीएम धामी, 4,795 विद्यार्थियों को मिल रहीं उपाधियां

 

युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और लगन से साकार होगा विकसित भारत-2047 का संकल्प: मुख्यमंत्री

 

युवाओं से रोजगार सृजनकर्ता बनने का आह्वान, कहा- व्यवहार, विनम्रता और संस्कार ही व्यक्ति की असली पहचान

 

पारदर्शी भर्ती व्यवस्था से पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी

 

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को बिधौली, देहरादून स्थित यूपीईएस (यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज) के 24वें दीक्षांत समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के छह विद्यार्थियों को सिल्वर प्लेट पुरस्कार से सम्मानित किया। इस वर्ष दीक्षांत समारोह में कुल 4,795 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह उनके जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत है। विश्वविद्यालय से निकलने के बाद विद्यार्थियों को जीवन की वास्तविक चुनौतियों का सामना करना होगा। उन्होंने कहा कि सफलता प्राप्त करने के लिए मेहनत, लगन, अनुशासन और निरंतर सीखने की भावना आवश्यक है। विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखते हुए परिश्रम के बल पर निर्धारित लक्ष्य हासिल करने चाहिए।

व्यवहार, विनम्रता और संस्कार से बनती है असली पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में अच्छे कार्य करने और जरूरतमंदों की सहायता करने से वास्तविक खुशी एवं संतुष्टि मिलती है। किसी व्यक्ति की असली पहचान केवल उसकी शैक्षणिक उपलब्धियों से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार, विनम्रता और संस्कारों से भी होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवनभर सीखने की भावना बनाए रखने तथा अपने ज्ञान और क्षमताओं का उपयोग समाज एवं देश की प्रगति के लिए करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि यूपीईएस ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। विश्वविद्यालय ने पिछले दो दशकों में शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी देश और दुनिया में अपनी प्रतिभा, कार्यक्षमता और उपलब्धियों के माध्यम से उत्तराखंड सहित पूरे देश का नाम रोशन करेंगे।

युवाओं की मेहनत से साकार होगा विकसित भारत-2047 का सपना

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इस लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश के युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और लगन से विकसित भारत का सपना साकार होगा।

मुख्यमंत्री ने हाल ही में आयोजित निबंध प्रतियोगिता का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें ढाई लाख से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लेकर विभिन्न विषयों पर अपने विचार और सुझाव प्रस्तुत किए। इससे स्पष्ट होता है कि उत्तराखंड के युवा सामाजिक एवं राष्ट्रीय मुद्दों के प्रति जागरूक हैं और सकारात्मक सोच के साथ देश के भविष्य को लेकर अपने विचार साझा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जागरूक, नवाचारी और प्रतिभाशाली युवा किसी भी राज्य एवं राष्ट्र की प्रगति का आधार होते हैं।

एआई, डेटा साइंस और ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में आगे बढ़ेगा उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डेटा साइंस, ग्रीन एनर्जी और डिजिटल टेक्नोलॉजी का है। राज्य सरकार उत्तराखंड को शिक्षा, विज्ञान, तकनीक और अनुसंधान के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू की गई है। आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय सांस्कृतिक विरासत और जीवन मूल्यों के समन्वय को बढ़ावा देने के लिए दून विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज’ की स्थापना की गई है। इसके साथ ही युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से देहरादून में साइंस सिटी का निर्माण किया जा रहा है।

रोजगार लेने के बजाय रोजगार देने वाले बनें युवा

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी पाने तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें स्वरोजगार और उद्यमिता के माध्यम से रोजगार सृजनकर्ता बनाना भी है। इसके लिए प्रदेश में स्टार्टअप, नवाचार और उद्यमशीलता को बढ़ावा दिया जा रहा है। युवाओं के नए विचारों को प्रोत्साहित करने और उन्हें व्यावसायिक रूप देने के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर भी स्थापित किए गए हैं।

उन्होंने युवाओं से उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाकर नए उद्यम शुरू करने, नवाचार को अपनाने और अन्य लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने का आह्वान किया।

पारदर्शी भर्ती व्यवस्था से 35 हजार से अधिक युवाओं को मिली नौकरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। उन्होंने बताया कि पारदर्शी भर्ती व्यवस्था के माध्यम से पिछले पांच वर्षों में प्रदेश के 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को उनकी योग्यता, परिश्रम और क्षमता के आधार पर आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

विद्यार्थियों और उनके परिजनों से मिले मुख्यमंत्री

दीक्षांत समारोह के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विद्यार्थियों और उनके परिजनों के बीच पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों से आए अभिभावकों से भी बातचीत की और उनका कुशलक्षेम जाना। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर विद्यार्थी और उनके परिजन उत्साहित नजर आए।

4,795 विद्यार्थियों को प्रदान की जा रही हैं उपाधियां

यूपीईएस के 24वें दीक्षांत समारोह में इस वर्ष कुल 4,795 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जा रही हैं। इनमें नियमित पाठ्यक्रमों के 3,806 विद्यार्थी और यूपीईएस ऑनलाइन के 989 विद्यार्थी शामिल हैं।

इस अवसर पर यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, यूपीईएस के अध्यक्ष डॉ. राम के. शर्मा, कुलपति डॉ. सुनील राय, प्रो-वाइस चांसलर मनीष मदान सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, विद्यार्थी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।