मुख्यमंत्री धामी ने दी वाल्मीकि जयंती की शुभकामनाएं, महर्षि वाल्मीकि के आदर्श अपनाने का किया आह्वान

0
10

Valmiki Jayanti: CM Dhami Extends Greetings to Uttarakhand

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को वाल्मीकि जयंती की शुभकामनाएं दीं, महर्षि वाल्मीकि के आदर्श अपनाने का किया आह्वान

 

Uttarakhand CM Pushkar Singh Dhami extends Valmiki Jayanti greetings and urges people to follow Maharishi Valmiki’s teachings of truth, equality, humanity and social harmony.

 

महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाएं सत्य, प्रेम, कर्तव्य और मानवता के मार्ग पर चलने की देती हैं प्रेरणा

 

मुख्यमंत्री ने सामाजिक समरसता, समानता और सद्भाव पर दिया जोर

 

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वाल्मीकि जयंती की पूर्व संध्या पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने प्रदेशवासियों से महर्षि वाल्मीकि के महान विचारों, आदर्शों और शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि का जीवन और उनकी अमर रचनाएं समाज को सत्य, प्रेम, कर्तव्यनिष्ठा तथा नैतिक मूल्यों के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं।

 

मुख्यमंत्री धामी ने अपने संदेश में कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने आदिकाव्य रामायण की रचना कर भारतीय साहित्य और संस्कृति को अमूल्य धरोहर प्रदान की। रामायण में वर्णित आदर्श जीवन, मानवीय संवेदनाओं, नैतिक मूल्यों और कर्तव्यबोध से प्रत्येक व्यक्ति को प्रेरणा मिलती है। महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाएं जीवन में मर्यादा, सदाचार और मानवीय मूल्यों के महत्व को रेखांकित करती हैं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने अपने विचारों और रचनाओं के माध्यम से सामाजिक समरसता, समानता, सद्भाव और मानवता का संदेश दिया। उनके आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं और एक समतामूलक, संवेदनशील तथा समरस समाज के निर्माण में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।

उन्होंने कहा कि वाल्मीकि जयंती केवल महर्षि वाल्मीकि के प्रति श्रद्धा और सम्मान व्यक्त करने का अवसर नहीं है, बल्कि उनके आदर्शों को व्यवहार में उतारने तथा समाज में प्रेम, भाईचारे और समानता की भावना को मजबूत करने का भी अवसर है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे महर्षि वाल्मीकि के बताए मार्ग पर चलने और उनके महान विचारों को अपने आचरण में अपनाने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि उनके आदर्शों का अनुसरण करना ही महर्षि वाल्मीकि के प्रति सच्ची श्रद्धा और सम्मान की अभिव्यक्ति है।