ऋषिकेश में 38वें अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री धामी, योग को बताया विश्व शांति का सार्वभौमिक विज्ञान

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CM Pushkar Singh Dhami at International Yoga Festival Rishikesh | Uttarakhand Yoga Policy 2025

ऋषिकेश में 38वें अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री धामी, योग को बताया विश्व शांति का सार्वभौमिक विज्ञान

ऋषिकेश। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने योग नगरी Rishikesh स्थित Parmarth Niketan में आयोजित International Yoga Festival के 38वें संस्करण में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने देश-विदेश से आए योग साधकों, योगाचार्यों और अतिथियों का देवभूमि उत्तराखंड में स्वागत करते हुए योग को विश्व शांति, स्वास्थ्य और आत्मिक संतुलन का सार्वभौमिक विज्ञान बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भव्य अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में सहभागिता उनके लिए अत्यंत गौरव और सौभाग्य का विषय है। उन्होंने माँ गंगा की दिव्य आरती में सहभागी बनने और विश्वकल्याण के लिए आयोजित पवित्र यज्ञ में आहुति अर्पित करने को विशेष आध्यात्मिक अनुभव बताया।

योग: मन, शरीर और आत्मा के संतुलन का माध्यम

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि योग भारत की प्राचीन और महान परंपरा है, जो आज पूरी दुनिया में करोड़ों लोगों के जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मन, शरीर और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने वाला एक समग्र विज्ञान है, जो व्यक्ति को आंतरिक शांति और संतुलन प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली, मानसिक तनाव और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के दौर में योग एक प्रभावी नेचुरल हीलिंग सिस्टम के रूप में उभरकर सामने आया है। योगासन, प्राणायाम और ध्यान के माध्यम से न केवल तनाव कम होता है बल्कि रोग प्रतिरोधक क्षमता और एकाग्रता में भी वृद्धि होती है।

योग ने दुनिया को जोड़ा

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग ने जाति, भाषा, धर्म और भूगोल की सीमाओं को पार करते हुए पूरी मानवता को जोड़ने का कार्य किया है। योग के माध्यम से भारत के “वसुधैव कुटुम्बकम्” और “सर्वे भवन्तु सुखिनः” जैसे महान संदेश विश्वभर तक पहुँचे हैं।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के प्रयासों से United Nations ने 21 जून को International Day of Yoga के रूप में मान्यता दी, जिसके बाद आज 180 से अधिक देशों में योग का व्यापक अभ्यास हो रहा है।

उत्तराखंड को योग की वैश्विक राजधानी बनाने की पहल

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि योग और अध्यात्म की भूमि भी है। राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, स्वच्छ वातावरण और आध्यात्मिक परंपराएँ योग साधना के लिए अत्यंत अनुकूल हैं। इसी दृष्टि से राज्य सरकार ने उत्तराखंड को योग की वैश्विक राजधानी बनाने के उद्देश्य से देश की पहली योग नीति 2025 लागू की है।

उन्होंने बताया कि इस नीति के तहत राज्य में योग और ध्यान केंद्र स्थापित करने के लिए 20 लाख रुपये तक की सब्सिडी तथा योग अनुसंधान कार्यों के लिए 10 लाख रुपये तक का अनुदान प्रदान किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रदेश में पाँच नए योग हब विकसित किए जा रहे हैं और सभी आयुष हेल्थ एवं वेलनेस केंद्रों में योग सेवाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

आयुष और प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आयुष और प्राकृतिक चिकित्सा को भी तेजी से बढ़ावा दे रही है। प्रदेश में 300 से अधिक आयुष्मान आरोग्य केंद्र संचालित हो रहे हैं और प्रत्येक जनपद में 50 व 10 बेड वाले आयुष चिकित्सालय स्थापित किए जा रहे हैं। साथ ही ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से आयुष विशेषज्ञों द्वारा ऑनलाइन परामर्श भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि उत्तराखंड आयुष नीति के माध्यम से औषधि निर्माण, वेलनेस, शिक्षा, शोध तथा औषधीय पौधों के संवर्धन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके अलावा गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में एक-एक “स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन” स्थापित करने के लिए बजट में 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

वैश्विक मंच बना योग महोत्सव

मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस महोत्सव में देश-विदेश के प्रतिष्ठित योगाचार्य अपने अनुभव और ज्ञान साझा कर रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान हठ योग, राज योग, कर्म योग और भक्ति योग के साथ-साथ ध्यान, प्राणायाम और प्राकृतिक चिकित्सा से संबंधित विभिन्न सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि Parmarth Niketan पिछले लगभग 80 वर्षों से योग, भारतीय संस्कृति और अध्यात्म के माध्यम से विश्व को जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह महोत्सव योग और आध्यात्म के माध्यम से वैश्विक शांति, सद्भाव और मानवता के कल्याण का संदेश फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

कार्यक्रम में Swami Chidanand Saraswati, Sadhvi Bhagawati Saraswati, प्रसिद्ध गायक Kailash Kher, विभिन्न देशों से आए योगाचार्य, योग प्रशिक्षक और बड़ी संख्या में पर्यटक भी उपस्थित रहे।