देहरादून में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला, कूड़ा प्रबंधन पर बनेगी लॉन्ग टर्म योजना

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DM Ashish Chauhan Orders Micro-Level Monitoring of Waste Management in Dehradun

कूड़ा उठान एवं निस्तारण कार्यों की माइक्रो स्तर पर होगी निगरानी, जिम्मेदार अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही : डीएम डॉ. आशीष चौहान

जनसहभागिता से मजबूत होगी स्वच्छता व्यवस्था, समस्याओं की फोटो और लोकेशन सोशल मीडिया पर साझा करने की अपील

नगर निगम, निकायों, कैंटोन्मेंट बोर्ड और जिला पंचायत को अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश

देहरादून। जनपद में स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने गुरुवार को एनआईसी सभागार, कलेक्ट्रेट से नगर निगम, नगर निकायों, जिला पंचायत तथा कैंटोन्मेंट बोर्ड के अधिकारियों के साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने कूड़ा संग्रहण, परिवहन एवं निस्तारण व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा करते हुए सभी संबंधित विभागों को शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म कार्ययोजना तैयार कर ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि स्वच्छता केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सभी संबंधित संस्थाओं और नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है। जनपद को स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण अनुकूल बनाए रखने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय, नियमित निगरानी और समयबद्ध कार्यवाही आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे केवल कार्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि नियमित रूप से फील्ड में जाकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें और वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप कार्ययोजनाएं तैयार करें।

डॉ. आशीष चौहान ने स्पष्ट किया कि कूड़ा उठान एवं निस्तारण कार्यों की अब माइक्रो स्तर पर निगरानी की जाएगी। इसके लिए प्रत्येक निकाय एवं संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय की जाएंगी तथा कार्यों की नियमित समीक्षा कर प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जहां-जहां लगातार कूड़ा डंप होने की समस्या सामने आती है, उन स्थानों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित किया जाए और उनके स्थायी समाधान के लिए व्यवहारिक एवं प्रभावी रणनीति तैयार की जाए।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने नगर निगम, नगर पालिका परिषदों, नगर पंचायतों, जिला पंचायत और कैंटोन्मेंट बोर्डों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में कूड़ा संग्रहण, परिवहन तथा वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाएं। साथ ही स्वच्छता से जुड़ी शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करते हुए नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।

उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि वे अपने आसपास स्ट्रीट लाइट, यातायात सिग्नल, साइन बोर्ड, सड़क, नाली, कूड़ा निस्तारण अथवा अन्य सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं की फोटो, लोकेशन एवं संक्षिप्त विवरण के साथ डीआईपीआर देहरादून के फेसबुक एवं इंस्टाग्राम पेज पर टैग करें। प्राप्त शिकायतों एवं सुझावों पर संबंधित विभागों के माध्यम से प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल शिकायतों का निस्तारण करना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्थाएं विकसित करना है जिससे समस्याओं की पुनरावृत्ति न हो। इसके लिए तकनीक, जनसहभागिता और जवाबदेह प्रशासनिक तंत्र को एक साथ जोड़कर कार्य किया जाएगा।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा, उप जिलाधिकारी डोईवाला अपर्णा ढोंडियाल सहित अन्य अधिकारी एनआईसी सभागार में उपस्थित रहे, जबकि नगर निगम, नगर निकायों, कैंटोन्मेंट बोर्डों तथा संबंधित विभागों के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।