धामी सरकार को बड़ी सफलता: ऋषिकेश 4-लेन बाईपास प्रोजेक्ट को केंद्र की हरी झंडी

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Rishikesh Bypass ₹1105 Crore Approved | Dhami Govt Big Infrastructure Boost Uttarakhand

धामी सरकार की बड़ी उपलब्धि: ऋषिकेश 4-लेन बाईपास परियोजना को ₹1105 करोड़ की मंजूरी

देहरादून, 31 मार्च 2026।
उत्तराखंड में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने ऋषिकेश बाईपास 4-लेन परियोजना को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लगातार प्रयासों और प्रभावी पैरवी के चलते सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए ₹1105.79 करोड़ की तकनीकी, प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

यह बहुप्रतीक्षित परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग-7 पर टीनपानी फ्लाईओवर (किमी 529.750) से लेकर खरासोटे पुल (किमी 542.420) तक विकसित की जाएगी। लगभग 12.67 किलोमीटर लंबे इस बाईपास का निर्माण भट्टोवाला और ढालवाला गांवों से होकर किया जाएगा। परियोजना को EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) मोड के तहत क्रियान्वित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस स्वीकृति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में आधुनिक और मजबूत सड़क नेटवर्क विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूर्ण होने से ऋषिकेश शहर में यातायात का दबाव काफी कम होगा और जाम की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा, “ऋषिकेश बाईपास परियोजना उत्तराखंड के समग्र विकास और बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे न केवल स्थानीय नागरिकों को सुविधा मिलेगी, बल्कि चारधाम यात्रा और पर्यटन गतिविधियों को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।”

मंत्रालय के अनुसार, इस परियोजना की प्रारंभिक लागत ₹1151.18 करोड़ आंकी गई थी, जिसे संशोधित कर ₹1139.40 करोड़ किया गया और अंततः ₹1105.79 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई। परियोजना को तीन वर्षों की निर्धारित समयावधि में पूरा किया जाएगा और इसमें समय या लागत वृद्धि की अनुमति नहीं होगी।

कार्य के लिए निविदाएं ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के माध्यम से आमंत्रित की जाएंगी तथा सभी निर्माण कार्य निर्धारित मानकों और दिशा-निर्देशों के अनुरूप किए जाएंगे। परियोजना पर व्यय वित्त वर्ष 2025-26 के केंद्रीय बजट (GBS) के अंतर्गत किया जाएगा। देहरादून स्थित क्षेत्रीय अधिकारी को इस परियोजना के लिए ड्रॉइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर (DDO) नामित किया गया है।

इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद ऋषिकेश क्षेत्र में यातायात व्यवस्था अधिक सुगम होगी, जाम की समस्या में उल्लेखनीय कमी आएगी और राज्य के आर्थिक व पर्यटन विकास को नई गति मिलेगी।