देहरादून में हीट वेव अलर्ट: डीएम सविन बंसल ने सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रखा

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Heat Wave Alert in Dehradun: DEOC Activated 24×7, Administration Issues Advisory | Uttarakhand News

हीट वेव अलर्ट: नागरिकों की सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन हाई अलर्ट पर

डीएम सविन बंसल के निर्देश पर DEOC 24×7 सक्रिय, सभी विभागों को जारी किए व्यापक दिशा-निर्देश

मौसम विभाग ने जताई भीषण गर्मी की आशंका, दून और मैदानी इलाकों में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंचने की संभावना

देहरादून, 20 मई 2026।
जनपद में लगातार बढ़ते तापमान और संभावित हीट वेव (लू) को देखते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर सभी विभागों को सतर्क रहते हुए समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार आगामी दिनों में तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि होने की संभावना है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंच सकता है।

मौसम विभाग के अनुसार देहरादून नगर समेत आसपास के मैदानी क्षेत्रों में भीषण गर्मी पड़ने के आसार हैं। विशेष रूप से जौलीग्रांट और डोईवाला क्षेत्रों में तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य, पेयजल, विद्युत, नगर निकाय, शिक्षा, श्रम और आपदा प्रबंधन विभागों को राहत एवं बचाव संबंधी व्यवस्थाएं तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (DEOC) को 24×7 अलर्ट मोड पर रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग को सभी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाइयों, ORS, IV Fluids और अन्य चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन से प्रभावित मरीजों के उपचार हेतु विशेष चिकित्सा व्यवस्था बनाए रखने को कहा गया है।

नगर निकायों को सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशन और प्रमुख चौराहों पर पेयजल, छायादार स्थान और वाटर टैंकर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। भीड़भाड़ वाले इलाकों में अस्थायी शेड और विश्राम स्थलों की व्यवस्था भी की जाएगी।

विद्युत विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने तथा जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित न होने देने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं जल संस्थान और पेयजल विभाग को नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने और जल संकट वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त टैंकर उपलब्ध कराने को कहा गया है।

निर्माण स्थलों, औद्योगिक इकाइयों और बाहरी कार्यस्थलों पर कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कार्य अवधि को सुबह और शाम के समय तक सीमित रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। श्रमिकों के लिए छाया, पेयजल और प्राथमिक उपचार की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।

शिक्षा विभाग को मौसम की परिस्थितियों के अनुसार विद्यालयों के संचालन समय में आवश्यक बदलाव अथवा अवकाश संबंधी निर्णय लेने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों में बच्चों के लिए पर्याप्त पेयजल एवं प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

जिला प्रशासन ने आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और ग्राम पंचायत स्तर के कार्मिकों को बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों और गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।

इसके अलावा आमजन को लू से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने हेतु सोशल मीडिया, एफएम रेडियो, स्थानीय समाचार पत्रों, मोबाइल संदेशों और सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से नियमित एडवाइजरी जारी की जाएगी।

पशुपालन विभाग को पशुओं के लिए पेयजल और छायादार स्थानों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं नगर निकायों और संबंधित विभागों को सफाई कर्मियों, होमगार्ड, पुलिसकर्मियों एवं फील्ड स्टाफ के लिए पर्याप्त पेयजल और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने को कहा गया है।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ सतत निगरानी बनाए रखने तथा किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पूरी तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने आमजन से अपील की है कि दोपहर के समय तेज धूप में बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त पानी पिएं और लू से बचाव संबंधी सावधानियों का पालन करें।