ऋषिकेश से बड़ी सौगात: देहरादून में 51 विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण

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देहरादून को ₹219.29 करोड़ की 51 विकास योजनाओं की सौगात | मुख्यमंत्री धामी | सेवा पखवाड़ा

राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने देहरादून को ₹219.29 करोड़ की 51 विकास योजनाओं की दी सौगात, सड़क, पुल, बाढ़ सुरक्षा, सिंचाई और पर्यटन परियोजनाओं को मिली नई रफ्तार

ऋषिकेश/देहरादून। उत्तराखंड के विकास को नई गति देते हुए राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश स्थित आईडीपीएल ग्राउंड में आयोजित “सेवा पखवाड़ा” कार्यक्रम के दौरान देहरादून जनपद के लिए ₹219.29 करोड़ की 51 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इन योजनाओं में ₹172.78 करोड़ की लागत से 38 नई परियोजनाओं का शिलान्यास तथा ₹46.50 करोड़ की लागत से 13 पूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया।

इन परियोजनाओं का उद्देश्य देहरादून जनपद में सड़क संपर्क, पुल निर्माण, सिंचाई व्यवस्था, बाढ़ सुरक्षा, शहरी आधारभूत ढांचे, पर्यटन, शिक्षा, पशुपालन और ग्रामीण विकास को सुदृढ़ बनाना है।

इस अवसर पर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं से जनपद के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी तथा नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

38 विकास योजनाओं का शिलान्यास

शिलान्यास की गई प्रमुख परियोजनाओं में सहसपुर, मसूरी, रायपुर, धर्मपुर, डोईवाला, कैंट और चकराता क्षेत्रों में इंटरलॉकिंग टाइल्स से सड़क निर्माण, आंतरिक मार्गों का सुधारीकरण, पुल निर्माण तथा ग्रामीण संपर्क मार्गों का विकास शामिल है।

इनमें प्रमुख रूप से—

  • सहसपुर के भगवानपुर में भद्रकाली मंदिर तक इंटरलॉकिंग मार्ग निर्माण।
  • मालसी संपर्क मार्ग एवं दून विहार क्षेत्र में सड़क सुधार।
  • विलासपुर एनक्लेव तक संपर्क मार्ग निर्माण।
  • सालावाला क्षेत्र में सड़क एवं नाली निर्माण।
  • न्यू कैंट रोड पर दो आधुनिक पुलों का निर्माण।
  • डोईवाला एवं नकरौंदा क्षेत्रों में आंतरिक मार्गों का विकास।
  • रायपुर क्षेत्र में आपदा से क्षतिग्रस्त 20 किमी सड़कों का पुनर्निर्माण।

बाढ़ सुरक्षा एवं नदी संरक्षण को मिली प्राथमिकता

सरकार ने विभिन्न नदियों एवं जलधाराओं पर व्यापक बाढ़ सुरक्षा योजनाओं को भी स्वीकृति दी है।

इनमें प्रमुख रूप से—

  • आसन नदी की सफाई एवं दोनों ओर सुरक्षा पुश्ता निर्माण।
  • सौंग नदी पर चैनलाइजेशन।
  • सुसवा नदी के दोनों तटों पर बाढ़ सुरक्षा कार्य।
  • दुल्हनी नदी क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षा योजनाएं।
  • जोगीवाला, डिफेंस कॉलोनी सहित विभिन्न नालों की सुरक्षा।
  • नून नदी एवं टौंस नदी के तटों पर सुरक्षा दीवार एवं बाढ़ नियंत्रण कार्य।

सिंचाई व्यवस्था होगी मजबूत

कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के उद्देश्य से चकराता, विकासनगर, डोईवाला एवं रायपुर क्षेत्रों में अनेक सिंचाई परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया।

इनमें शामिल हैं—

  • पाइप नहरों का निर्माण।
  • पुरानी नहरों का जीर्णोद्धार।
  • बुल्लावाला, छिद्रवाला, गुलरानी, हर्रावाला एवं अन्य माइनरों का पुनरोद्धार।
  • कालंगा गंगा नहर एवं कांवली नहर के आधुनिकीकरण के कार्य।
  • भूमिगत गूल निर्माण एवं चौड़ीकरण।

पर्यटन, शहरी विकास और पशुपालन को मिलेगा बढ़ावा

विकास योजनाओं में कई महत्वपूर्ण पर्यटन एवं सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाएं भी शामिल हैं।

इनमें प्रमुख हैं—

  • अमृत सरोवर को पर्यटन एवं वॉटर स्पोर्ट्स केंद्र के रूप में विकसित करना।
  • उत्तराखंड औद्यानिक एकीकृत विकास सोसायटी के पीएमयू कार्यालय भवन का निर्माण।
  • बद्रीपुर प्राथमिक विद्यालय का पुनर्निर्माण।
  • डोईवाला एवं रायपुर में आधुनिक गौशाला एवं गौ संरक्षण केंद्रों का निर्माण।
  • मसूरी डायवर्जन से लाइब्रेरी चौक तक एलईडी स्ट्रीट लाइट परियोजना।
  • आईएसबीटी देहरादून का सुदृढ़ीकरण एवं उच्चीकरण।
  • झड़ीपानी ट्रैक का सौंदर्यीकरण एवं लैंडस्केपिंग।

13 परियोजनाओं का हुआ लोकार्पण

कार्यक्रम के दौरान पूर्ण हो चुकी 13 विकास योजनाओं का भी लोकार्पण किया गया।

इनमें प्रमुख रूप से—

  • रायपुर एवं डोईवाला क्षेत्रों में संपर्क मार्गों का निर्माण।
  • हरिद्वार रोड एवं चौदमारी क्षेत्र में सड़क विकास।
  • डोईवाला में अत्याधुनिक पशु चिकित्सालय।
  • सुद्धोवाला कारागार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा।
  • अजबपुरकलां राजकीय बालिका इंटर कॉलेज का भवन।
  • मियांवाला नहर परियोजना।
  • धारकोट-लड़वाकोट मोटर मार्ग का उन्नयन।
  • हरिपुर कालसी में स्नान घाट।
  • रिस्पना नदी किनारे पार्क विकास।
  • मियांवाला एवं गौरादेवी पार्क का सौंदर्यीकरण तथा कृत्रिम झील का विकास।

जनपद को मिलेगा समग्र विकास का लाभ

इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से देहरादून जनपद में सड़क नेटवर्क मजबूत होगा, बाढ़ से राहत मिलेगी, सिंचाई सुविधाओं में सुधार होगा, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, शहरी सुविधाओं का विस्तार होगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे का व्यापक विकास सुनिश्चित होगा। राज्य सरकार का उद्देश्य विकास कार्यों के माध्यम से नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।