Heatwave Alert in Uttarakhand: Health Advisory Issued | Dehradun Heatwave News 2026

हीट वेव का प्रकोप: स्वास्थ्य विभाग सतर्क, दोपहर में बाहर निकलने से बचने की सलाह
देहरादून, 28 अप्रैल 2026
प्रदेश में लगातार बढ़ती गर्मी और हीट वेव ने जनजीवन पर स्पष्ट असर डालना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है, जिससे आम लोगों, विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और कामकाजी वर्ग के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका है। संभावित खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है।
राजधानी देहरादून सहित कई क्षेत्रों में चिकित्सकों ने दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। विशेषज्ञों के अनुसार यह समय सबसे अधिक जोखिम भरा होता है। यदि अत्यंत आवश्यक हो, तो बाहर निकलते समय सिर को छाते, टोपी या कपड़े से ढकें और चेहरे को सीधे धूप से बचाएं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने शरीर में पानी की कमी से बचाव को सबसे महत्वपूर्ण बताते हुए पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों के सेवन पर जोर दिया है। दैनिक आहार में तरबूज, खीरा, नींबू पानी, जलजीरा और नारियल पानी जैसे हाइड्रेटिंग खाद्य पदार्थ शामिल करने की सलाह दी गई है।
रायपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस. के. झा ने बताया कि इस भीषण गर्मी में सभी आयु वर्ग के लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने हल्के रंग के ढीले-ढाले कपड़े पहनने और शरीर को ठंडा बनाए रखने पर विशेष बल दिया।
डॉ. झा ने धूम्रपान करने वालों को भी सचेत करते हुए कहा कि गर्मी के दौरान उनके शरीर में डिहाइड्रेशन का खतरा अधिक रहता है, इसलिए उन्हें अधिक पानी पीना चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी व्यक्ति को चक्कर आना, सिरदर्द, तेज बुखार, उल्टी या बेहोशी जैसे लक्षण महसूस हों, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल से संपर्क करना चाहिए। समय पर उपचार न मिलने पर स्थिति गंभीर हो सकती है।
प्रशासन ने भी नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें और गर्मी से बचाव के सभी आवश्यक उपाय अपनाएं। जागरूकता और सावधानी ही हीट वेव से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।
डॉ. झा ने सड़क किनारे जूस या पेय पदार्थों का सेवन करते समय स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि अस्वच्छ पानी या बर्फ के उपयोग से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए गन्ने के जूस में बर्फ का सीमित उपयोग करें और केवल साफ-सुथरे स्थानों से ही पेय पदार्थ लें।





