राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आईएमए पासिंग आउट परेड की समीक्षा की, 481 भारतीय कैडेट बने सैन्य अधिकारी

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आईएमए देहरादून POP 2026: 481 भारतीय, 34 विदेशी कैडेट बने सैन्य अधिकारी

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की गरिमामयी उपस्थिति में आईएमए की ऐतिहासिक पासिंग आउट परेड सम्पन्न

481 भारतीय एवं 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट बने सैन्य अधिकारी, 9 महिला कैडेट्स ने रचा इतिहास

 

राष्ट्र की सुरक्षा और विश्वास के संरक्षक हैं सैन्य अधिकारी : राष्ट्रपति

 

देहरादून, 13 जून 2026।

देश की राष्ट्रपति एवं भारतीय सशस्त्र सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू की गरिमामयी उपस्थिति में शनिवार को देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में आयोजित 158वें नियमित पाठ्यक्रम और 141वें तकनीकी स्नातक पाठ्यक्रम की भव्य पासिंग आउट परेड (पीओपी) सम्पन्न हुई। इस गौरवपूर्ण अवसर पर राष्ट्रपति ने समीक्षा अधिकारी के रूप में परेड का निरीक्षण किया तथा प्रशिक्षण पूर्ण कर भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में शामिल होने जा रहे युवा सैन्य अधिकारियों को शुभकामनाएं और आशीर्वाद प्रदान किया।

आईएमए के ऐतिहासिक चेटवुड भवन के समक्ष आयोजित इस शानदार परेड में अनुशासन, पराक्रम, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रसेवा के संकल्प का अद्भुत प्रदर्शन देखने को मिला। परेड के समापन के साथ ही कुल 481 भारतीय कैडेट तथा 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट भारतीय सैन्य परंपराओं के अनुरूप अधिकारी बनकर अपने-अपने देशों की सेनाओं में सेवा देने के लिए तैयार हुए।

अपने प्रेरणादायी संबोधन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नव नियुक्त अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय सेना केवल देश की सीमाओं की सुरक्षा करने वाली संस्था नहीं है, बल्कि यह देशवासियों के विश्वास, सम्मान और आकांक्षाओं की भी संरक्षक है। उन्होंने कहा कि सैन्य जीवन में कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन, साहस, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रभक्ति सर्वोच्च मूल्य हैं, जिनका पालन प्रत्येक अधिकारी को अपने पूरे सैन्य जीवन में करना चाहिए।

राष्ट्रपति ने कहा कि एक सैन्य अधिकारी के कंधों पर केवल सुरक्षा की जिम्मेदारी ही नहीं होती, बल्कि वह अपने अधीन कार्यरत सैनिकों के लिए प्रेरणा, मार्गदर्शन और नेतृत्व का भी केंद्र होता है। उन्होंने युवा अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे हर परिस्थिति में उत्कृष्ट नेतृत्व का परिचय देंगे और भारतीय सेना की गौरवशाली परंपराओं को और आगे बढ़ाएंगे।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि

इस वर्ष की पासिंग आउट परेड का सबसे उल्लेखनीय और ऐतिहासिक पहलू 9 महिला कैडेट्स  का सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूर्ण कर सैन्य अधिकारी बनना रहा। भारतीय सैन्य अकादमी के इतिहास में यह उपलब्धि महिला सशक्तिकरण और सशक्त भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।

राष्ट्रपति ने महिला कैडेट्स की इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय महिलाएं आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा, क्षमता और नेतृत्व कौशल का परिचय दे रही हैं तथा सशस्त्र सेनाओं में उनकी बढ़ती भागीदारी देश के लिए गौरव का विषय है।

वैश्विक रक्षा सहयोग का सशक्त प्रतीक बनी परेड

पासिंग आउट परेड में 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट्स की भागीदारी ने इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया। राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय सैन्य अकादमी विश्व स्तर पर उत्कृष्ट सैन्य प्रशिक्षण का केंद्र बन चुकी है और यहां प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे विदेशी कैडेट भारत और उनके देशों के बीच मित्रता, सहयोग तथा रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने का कार्य कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह सहभागिता भारत की “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना तथा वैश्विक शांति, सुरक्षा और सहयोग के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।

राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि तेजी से बदलते सुरक्षा परिदृश्य, आधुनिक युद्ध तकनीकों, साइबर चुनौतियों और उभरते खतरों के दौर में सेनाओं को निरंतर नवाचार, तकनीकी दक्षता और अनुकूलनशीलता के साथ आगे बढ़ना होगा।

उन्होंने युवा अधिकारियों का आह्वान किया कि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए स्वयं को निरंतर तैयार रखें, नई तकनीकों को अपनाएं तथा अग्रिम मोर्चे से नेतृत्व करते हुए अपने सैनिकों के मनोबल और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

समारोह के दौरान परेड मैदान देशभक्ति, अनुशासन और सैन्य गौरव की भावना से ओतप्रोत दिखाई दिया। नव नियुक्त अधिकारियों के परिवारजनों और परिजनों के लिए यह अवसर गर्व और भावनाओं से भरा रहा। परेड के सफल समापन के साथ ही कैडेट्स ने भारतीय सेना की गौरवशाली परंपरा के अनुरूप राष्ट्रसेवा की शपथ लेते हुए अपने सैन्य जीवन की नई यात्रा प्रारम्भ की।

इस अवसर पर उत्तराखण्ड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भारतीय सैन्य अकादमी के समादेशक लेफ्टिनेंट जनरल नागेन्द्र सिंह, वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, नागरिक प्रशासन के अधिकारी, विशिष्ट अतिथि तथा बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बनकर नवप्रशिक्षित अधिकारियों का उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सभी नव नियुक्त सैन्य अधिकारियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे भारतीय सेना की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए राष्ट्र की सुरक्षा, सम्मान, संप्रभुता और अखंडता की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देंगे तथा देश का नाम विश्व पटल पर और अधिक गौरवान्वित करेंगे।