टिहरी झील क्षेत्र के विकास के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश

0
6

टिहरी झील बनेगी ग्लोबल डेस्टिनेशन | वन स्टेट वन ग्लोबल डेस्टिनेशन योजना | Uttarakhand News

टिहरी झील क्षेत्र को ग्लोबल टूरिज्म हब बनाने की तैयारी, मुख्य सचिव ने बनाई व्यापक कार्ययोजना

देहरादून।
उत्तराखंड सरकार ने टिहरी झील और आसपास के क्षेत्रों को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में बड़ी पहल शुरू कर दी है। इसी क्रम में मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने गुरुवार को सचिवालय में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर “वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन” योजना के तहत टिहरी क्षेत्र को विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने के लिए व्यापक रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “एक राज्य, एक ग्लोबल डेस्टिनेशन” अवधारणा के अनुरूप टिहरी झील रिंग रोड एवं आसपास के क्षेत्रों का समग्र और दीर्घकालिक विकास किया जाए। इसके लिए एक व्यापक, चरणबद्ध और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए हॉलिस्टिक प्लान तैयार किया जाना आवश्यक है।

उन्होंने निर्देश दिए कि टिहरी स्पेशल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (TADA) को इस परियोजना के लिए डेस्टिनेशन मैनेजमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DMO) के रूप में कार्य करना होगा, ताकि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके और परियोजना को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा सके।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रस्तावित योजना में आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के साथ-साथ क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यावरणीय संतुलन को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि टिहरी झील रिंग रोड, आकर्षक आइकोनिक ब्रिज, हरित पैदल मार्ग, ईको पार्क, वेलनेस सेंटर, एडवेंचर स्पोर्ट्स गतिविधियां और प्राकृतिक व्यू प्वाइंट्स जैसी सुविधाओं को योजना में शामिल किया जाए।

उन्होंने कहा कि विकास कार्य चरणबद्ध तरीके से किए जा सकते हैं, लेकिन संपूर्ण मास्टर प्लान एक साथ तैयार होना चाहिए ताकि भविष्य में योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

बैठक में टिहरी तक एंड-टू-एंड कनेक्टिविटी मजबूत करने पर भी विशेष जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने सड़कों के चौड़ीकरण, सौंदर्यीकरण और नए वैकल्पिक मार्गों की संभावनाओं पर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्य “साइट स्पेसिफिक” होने चाहिए, ताकि क्षेत्र का हरित आवरण और प्राकृतिक सौंदर्य प्रभावित न हो।

परियोजना में वॉटरड्रोम और वॉटरपोर्ट विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा गया। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि आइकोनिक पुलों की डिजाइनिंग करते समय सी-प्लेन संचालन की संभावनाओं को ध्यान में रखा जाए। इसके साथ ही डोबरा-चांटी पुल के समीप स्थित हेलीपैड को आधुनिक हेलीपोर्ट के रूप में विकसित करने के भी निर्देश दिए गए।

मुख्य सचिव ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना से जुड़े सभी विभाग और संस्थाएं बेहतर तालमेल के साथ कार्य करें, ताकि टिहरी क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर का पर्यटन एवं निवेश केंद्र बनाया जा सके।

बैठक में सचिव सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, धीराज गर्ब्याल, अपर सचिव विनीत कुमार, अभिषेक रोहिला सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।