विदेश में पढ़ाई का सपना होगा पूरा, सरकार दे रही नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप

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नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप 2026: विदेश में पढ़ाई के लिए सरकार दे रही आर्थिक सहायता

विदेश में उच्च शिक्षा हासिल करने का सपना देखने वाले छात्रों के लिए केंद्र सरकार की नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप (NOS) स्कीम बड़ी मदद साबित हो सकती है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय (Department of Social Justice and Empowerment) द्वारा संचालित इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और पात्र छात्रों को विदेश में पढ़ाई के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

यह स्कॉलरशिप उन विद्यार्थियों के लिए खास अवसर है जो विदेश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटीज में मास्टर्स, पीएचडी या उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं, लेकिन आर्थिक कारणों से अपने सपनों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं।

किन छात्रों को मिलेगा लाभ

नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप स्कीम के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी—

  • छात्र ने पिछली परीक्षा या डिग्री कम से कम 60 प्रतिशत अंकों के साथ पास की हो।
  • आवेदक की अधिकतम आयु 35 वर्ष से कम हो।
  • केवल SC (अनुसूचित जाति), डिनोटिफाइड ट्राइब्स, लैंडलेस एग्रीकल्चरल लेबरर्स और ट्रेडिशनल आर्टिसन्स वर्ग के छात्र आवेदन कर सकते हैं।
  • उम्मीदवार के परिवार की कुल वार्षिक आय 8 लाख रुपये से कम होनी चाहिए।

स्कॉलरशिप के तहत क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी

सरकार इस योजना के तहत छात्रों को विदेश में पढ़ाई के दौरान कई तरह की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराती है—

  • अमेरिका और अन्य देशों में पढ़ाई करने वाले छात्रों को सालाना 15,400 अमेरिकी डॉलर तक मेंटेनेंस अलाउंस दिया जाएगा।
  • यूनाइटेड किंगडम (UK) में अध्ययन करने वाले छात्रों को 9,900 ब्रिटिश पाउंड तक का आर्थिक सहयोग मिलेगा।
  • इसके अलावा ट्यूशन फीस, वीजा शुल्क, यात्रा खर्च और अन्य आवश्यक खर्चों में भी सहायता प्रदान की जाएगी।

ऐसे करें आवेदन

इच्छुक और पात्र छात्र ऑनलाइन माध्यम से आधिकारिक वेबसाइट nosmsje.gov.in  पर आवेदन कर सकते हैं। 

छात्रों के लिए सुनहरा मौका

विदेश में पढ़ाई करने की इच्छा रखने वाले आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए यह स्कॉलरशिप बेहतरीन अवसर है। सरकार की इस पहल का उद्देश्य प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर बेहतर शिक्षा और करियर के अवसर उपलब्ध कराना है।