देहरादून में एसआईआर अभियान ने पकड़ी रफ्तार, 1882 मतदान केंद्रों पर घर-घर पहुंच रहे बीएलओ

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देहरादून SIR अभियान 2026: 1882 मतदान केंद्रों पर घर-घर पहुंच रहे बीएलओ, 1.33 लाख प्रपत्र वितरित

 

देहरादून SIR अभियान 2026: 1882 मतदान केंद्रों पर घर-घर पहुंच रहे बीएलओ, 1.33 लाख प्रपत्र वितरित

एसआईआर अभियान ने पकड़ी रफ्तार, 1882 मतदेय स्थलों पर घर-घर पहुंच रहे बीएलओ

7 जुलाई तक चलेगा विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान, नागरिकों से सहयोग की अपील

1.33 लाख से अधिक गणना प्रपत्र वितरित, नवीन फोटो और सही मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने का अनुरोध

देहरादून।
मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान ने जनपद देहरादून में गति पकड़ ली है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 8 जून से 7 जुलाई 2026 तक चलने वाले इस अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का वितरण एवं संकलन कर रहे हैं, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रह जाए।

जनपद के सभी 1882 मतदेय स्थलों पर अभियान युद्धस्तर पर संचालित किया जा रहा है। विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में बीएलओ सक्रिय रूप से मतदाताओं तक पहुंच रहे हैं। इनमें चकराता विधानसभा क्षेत्र में 237, विकासनगर में 142, सहसपुर में 212, धर्मपुर में 236, रायपुर में 214, राजपुर रोड में 141, देहरादून कैंट में 152, मसूरी में 179, डोईवाला में 191 तथा ऋषिकेश में 179 मतदेय स्थल शामिल हैं।

निर्वाचन कार्यालय के अनुसार अभियान के दूसरे दिन अपराह्न तक जनपद की सभी 10 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 1,33,113 गणना प्रपत्रों का वितरण किया जा चुका था। इससे स्पष्ट है कि अभियान को जनसहभागिता मिल रही है और मतदाता सूची के अद्यतन कार्य में तेजी आई है।

अभियान के दूसरे दिन भी व्यापक स्तर पर गणना प्रपत्रों का वितरण जारी रहा। ऋषिकेश में तहसीलदार द्वारा नगर निगम महापौर को गणना प्रपत्र सौंपा गया, जबकि विकासनगर तहसील प्रशासन ने कारबारी ग्रांट क्षेत्र में घर-घर जाकर प्रपत्र वितरित कराए।

दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में भी बीएलओ लगातार पहुंच रहे हैं। बिजून जैसे सुदूर गांवों में मतदाताओं को गणना प्रपत्र उपलब्ध कराए गए। जिन घरों में लोग अनुपस्थित मिले, वहां सूचना संबंधी स्टीकर चस्पा किए गए हैं, ताकि संबंधित मतदाता निर्धारित समयावधि के भीतर अपना प्रपत्र भरकर जमा कर सकें।

मतदाता सूची लोकतंत्र की आधारशिला : डीईओ

जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान तथा उप जिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव शाह ने जनपदवासियों से अभियान में सक्रिय सहभागिता करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है और इसकी शुद्धता एवं सटीकता सुनिश्चित करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

उन्होंने नागरिकों से अनुरोध किया कि वे बीएलओ को आवश्यक सहयोग प्रदान करें तथा गणना प्रपत्रों को समयबद्ध तरीके से भरकर जमा करें, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से छूटने न पाए।

2003 की मतदाता सूची ऑनलाइन उपलब्ध

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि उत्तराखंड के मतदाता वर्ष 2003 की मतदाता सूची में अपना अथवा अपने माता-पिता या दादा-दादी का नाम खोजने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड की वेबसाइट का उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा निर्वाचन आयोग द्वारा जारी क्यूआर कोड के माध्यम से भी आवश्यक जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

अन्य राज्यों के मतदाता निर्वाचन आयोग के पोर्टल पर उपलब्ध अंतिम एसआईआर मतदाता सूची में अपना नाम देख सकते हैं।

ईसीआईनेट एप और ‘बुक ए कॉल विद बीएलओ’ सुविधा उपलब्ध

ऐसे नागरिक जो दिन के समय घर पर उपलब्ध नहीं रहते हैं, वे ईसीआईनेट एप अथवा ‘बुक ए कॉल विद बीएलओ’ सुविधा का उपयोग कर अपने संबंधित बीएलओ से संपर्क स्थापित कर सकते हैं। इससे मतदाताओं को घर पर अनुपस्थित रहने की स्थिति में भी गणना प्रपत्र प्राप्त करने और जमा करने में सुविधा होगी।

7 जुलाई अंतिम तिथि, नवीन फोटो और मोबाइल नंबर रखें तैयार

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि गणना प्रपत्र भरने और जमा करने की अंतिम तिथि 7 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। उन्होंने नागरिकों से अपनी नवीन रंगीन पासपोर्ट आकार की फोटो तैयार रखने तथा गणना प्रपत्र में अपना अद्यतन मोबाइल नंबर अवश्य दर्ज करने का आग्रह किया, ताकि मतदाता सूची को पूरी तरह अद्यतन और त्रुटिरहित बनाया जा सके।

“कोई भी पात्र मतदाता छूटे नहीं” के लक्ष्य के साथ जिला प्रशासन एवं निर्वाचन विभाग का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान जनपद के प्रत्येक घर तक पहुंच रहा है। प्रशासन को उम्मीद है कि नागरिकों के सहयोग से मतदाता सूची को और अधिक सटीक, पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाया जा सकेगा।