Dehradun Monsoon Preparedness 2026: DM Orders Action on 61 Waterlogging-Prone Sites
मानसून से पहले जलभराव वाले संवेदनशील स्थलों पर समस्या का करें त्वरित समाधान : डीएम
आईटी पार्क क्षेत्र में जलभराव निस्तारण कार्य तत्काल शुरू करने के निर्देश, नदी-नालों की सफाई पर विशेष जोर
संवेदनशील स्थलों के स्थायी समाधान के लिए विभागों से विस्तृत कार्ययोजना मांगी
देहरादून, 09 जून 2026।
जनपद में आगामी मानसून सीजन के दौरान जलभराव की संभावित समस्याओं के प्रभावी प्रबंधन एवं त्वरित निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा जलभराव की समस्या के अल्पकालिक और स्थायी समाधान हेतु ठोस कार्ययोजना तैयार करें।
बैठक में जानकारी दी गई कि जनपद के देहरादून, ऋषिकेश, मसूरी और विकासनगर क्षेत्रों में कुल 61 ऐसे स्थान चिन्हित किए गए हैं, जहां प्रत्येक वर्ष मानसून के दौरान जलभराव की स्थिति उत्पन्न होती है। इनमें रिस्पना क्षेत्र, आईटी पार्क, आईएसबीटी सहित कई अन्य संवेदनशील स्थल शामिल हैं।
जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों, नगर निगम, नगर निकायों और नगर पंचायतों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए प्रत्येक चिन्हित स्थल के लिए अलग-अलग कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने कहा कि तत्काल राहत के लिए अस्थायी उपायों के साथ-साथ स्थायी समाधान के लिए भी प्रभावी एवं व्यावहारिक प्रस्ताव तैयार किए जाएं, ताकि भविष्य में जलभराव की समस्या को जड़ से समाप्त किया जा सके।
डॉ. चौहान ने नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण तथा अन्य संबंधित विभागों की जिम्मेदारियां स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रत्येक विभाग अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले संवेदनशील स्थलों की पहचान कर उनके समाधान के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करे तथा उसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करे।
उन्होंने नगर निगम और सभी नगर निकायों को मानसून से पूर्व व्यापक सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नदी-नालों, बरसाती नालों और जल निकासी तंत्र की समुचित सफाई सुनिश्चित की जाए तथा कार्य पूर्ण होने के बाद उसकी विस्तृत रिपोर्ट जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जल निकासी मार्गों में किसी प्रकार का अवरोध नहीं होना चाहिए, जिससे वर्षा जल का निर्बाध प्रवाह बना रहे और जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो।
बैठक में आईटी पार्क क्षेत्र में लगातार सामने आ रही जलभराव की समस्या पर विशेष रूप से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस समस्या के समाधान के लिए स्वीकृत कार्यों को तत्काल प्रारंभ किया जाए। उन्होंने बताया कि इन कार्यों के भुगतान हेतु जिला योजना के अंतर्गत स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है और अब कार्यों में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।
इसके अतिरिक्त रिस्पना पुल के समीप होने वाले जलभराव की समस्या पर भी चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने नगर निगम एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा प्रभावी निस्तारण योजना तैयार करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन आपदा प्रबंधन को लेकर पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है। सभी विभाग मानसून अवधि में उच्च स्तर की सतर्कता बनाए रखें, त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत करें तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधनों और मानवबल की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी करने, संभावित जोखिम वाले स्थलों पर अग्रिम तैयारियां सुनिश्चित करने तथा जनधन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि मानसून अवधि के दौरान जलभराव एवं आपदा संबंधी घटनाओं पर जिला प्रशासन की सतत निगरानी रहेगी और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति, चुनौतियों तथा प्रस्तावित समाधान संबंधी जानकारी भी प्रस्तुत की। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को मानसून शुरू होने से पूर्व आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं, ताकि नागरिकों को सुरक्षित एवं सुगम वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।





