कैंचीधाम स्थापना दिवस मेले की तैयारियों की समीक्षा, मुख्य सचिव ने दिए सख्त निर्देश

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Kainchi Dham Foundation Day Fair 2026: Chief Secretary Reviews Traffic and Crowd Management Plans

कैंचीधाम स्थापना दिवस मेला 2026: मुख्य सचिव ने की तैयारियों की समीक्षा, भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था पर विशेष जोर

देहरादून।
उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में नैनीताल स्थित प्रसिद्ध कैंचीधाम में 15 जून को आयोजित होने वाले स्थापना दिवस वार्षिक मेले की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में पुलिस, जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग (PWD) तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुचारु यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

मुख्य सचिव ने कहा कि स्थापना दिवस के अवसर पर देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के कैंचीधाम पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और किसी भी स्तर पर अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न होने दें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण कर ली जाएं।

यातायात एवं रूट प्लान को प्राथमिकता

मुख्य सचिव ने लोक निर्माण विभाग और पुलिस विभाग को अगले दस दिनों के लिए विस्तृत रूट प्लान और ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के आवागमन के संभावित पीक टाइम को ध्यान में रखते हुए यातायात संचालन की विशेष रणनीति बनाई जाए।

उन्होंने मेला क्षेत्र के लिए जोनल और सेक्टोरल प्लान तैयार करने पर जोर देते हुए कहा कि पार्किंग व्यवस्था, यातायात मार्गों और वैकल्पिक रूटों की जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार स्थानीय स्तर के साथ-साथ राज्य और राज्य के बाहर भी किया जाए। इससे श्रद्धालुओं को यात्रा और दर्शन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा तथा सड़क पर अनावश्यक दबाव कम होगा।

पार्किंग और शटल सेवा की प्रभावी व्यवस्था के निर्देश

मुख्य सचिव ने कहा कि मेले के दौरान पार्किंग प्रबंधन को विशेष रूप से व्यवस्थित रखा जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि मल्टीलेवल पार्किंग तक आने-जाने के मार्गों को सुगम बनाया जाए ताकि वाहनों की आवाजाही निर्बाध बनी रहे और जाम की स्थिति उत्पन्न न हो।

उन्होंने पार्किंग स्थलों से मंदिर परिसर तक श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शटल सेवा संचालित करने के निर्देश भी दिए। साथ ही, संभावित यातायात दबाव को देखते हुए रूट डायवर्जन, वैकल्पिक मार्गों की तैयारी तथा आवश्यक स्थानों पर ब्लैक टॉपिंग सहित सड़क सुधार कार्य शीघ्र पूर्ण करने को कहा।

मूलभूत सुविधाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश

बैठक में मुख्य सचिव ने मेला क्षेत्र और पार्किंग स्थलों पर सभी आवश्यक नागरिक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सौंदर्यीकरण एवं प्रकाशीकरण कार्य शीघ्र पूर्ण किए जाएं तथा पेयजल, शौचालय, सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था की जाए।

उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी सुविधाओं की नियमित निगरानी की जाए और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन भी उपलब्ध कराए जाएं।

आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष फोकस

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने मेले के दौरान किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए इमरजेंसी रिस्पांस और निकासी योजना (Evacuation Plan) अनिवार्य रूप से तैयार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए पुलिस, प्रशासन और मंदिर प्रबंधन के सुरक्षा कर्मियों को निकासी योजना की विस्तृत जानकारी दी जाए।

उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने, प्राथमिक उपचार केंद्र स्थापित करने तथा एम्बुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही भीड़ प्रबंधन के लिए सभी हितधारकों के साथ सतत संवाद बनाए रखने और आवश्यकतानुसार व्यवस्थाओं को अपडेट करने को कहा।

वरिष्ठ अधिकारियों ने लिया भाग

बैठक में सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल उपस्थित रहे, जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती, जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और तैयारियों की प्रगति से मुख्य सचिव को अवगत कराया।