डॉक्टर्स डे 2026: मुख्यमंत्री धामी ने डॉक्टरों के योगदान को किया सलाम, स्वास्थ्य क्षेत्र में गिनाईं बड़ी उपलब्धियां

0
6

डॉक्टर्स डे 2026: मुख्यमंत्री धामी ने डॉक्टरों को बताया देवभूमि के आरोग्य प्रहरी | उत्तराखंड स्वास्थ्य समाचार

मुख्यमंत्री धामी ने डॉक्टर्स डे पर चिकित्सकों को बताया ‘देवभूमि के आरोग्य प्रहरी’, उत्कृष्ट सेवाओं के लिए किया सम्मानित

स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण को लेकर उत्तराखंड सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री

आयुष्मान भारत योजना से 12 लाख से अधिक मरीजों को मिला ₹2300 करोड़ से अधिक का निःशुल्क उपचार

दुर्गम क्षेत्रों में टेलीमेडिसिन और हेली एंबुलेंस से मजबूत हुई स्वास्थ्य व्यवस्था

चिकित्सकों की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर कार्य वातावरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चिकित्सक केवल रोगों का उपचार करने वाले विशेषज्ञ नहीं, बल्कि समाज में विश्वास, संवेदना और नई उम्मीद का संचार करने वाले सच्चे कर्मयोगी हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के डॉक्टर कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भी जिस समर्पण और सेवा भावना के साथ जनस्वास्थ्य की जिम्मेदारी निभा रहे हैं, वे वास्तव में ‘देवभूमि के आरोग्य प्रहरी’ हैं।

मुख्यमंत्री बुधवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए), देहरादून शाखा द्वारा चकराता रोड स्थित एक होटल में नेशनल डॉक्टर्स डे के अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के वरिष्ठ एवं उत्कृष्ट चिकित्सकों को सम्मानित किया तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सभी डॉक्टरों, नर्सिंग अधिकारियों, पैरामेडिकल कर्मियों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को डॉक्टर्स डे की शुभकामनाएं दीं।

डॉ. बिधान चंद्र रॉय को किया नमन

मुख्यमंत्री ने भारत रत्न डॉ. बिधान चंद्र रॉय की जयंती एवं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन चिकित्सा सेवा, मानव कल्याण और राष्ट्र निर्माण के प्रति पूर्ण समर्पण का प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि आज के चिकित्सक भी उसी सेवा-भावना और मानवीय मूल्यों को आगे बढ़ाते हुए समाज को स्वस्थ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

भारतीय संस्कृति में चिकित्सकों का स्थान सर्वोच्च

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में चिकित्सकों को भगवान का स्वरूप माना गया है। जब कोई व्यक्ति गंभीर बीमारी या संकट से गुजरता है, तब चिकित्सक ही उसके जीवन में नई आशा का संचार करते हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की संवेदनशीलता, समर्पण और सेवा भाव उन्हें समाज में विशिष्ट सम्मान दिलाता है।

उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में सीमित संसाधनों और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद चिकित्सक लगातार लोगों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचा रहे हैं। उनका यह योगदान राज्य के स्वास्थ्य तंत्र की सबसे बड़ी शक्ति है।

कोरोना काल में डॉक्टरों का योगदान हमेशा रहेगा यादगार

मुख्यमंत्री ने कोविड-19 महामारी के कठिन दौर को याद करते हुए कहा कि जब पूरी दुनिया अभूतपूर्व संकट से जूझ रही थी, तब डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मियों और समस्त स्वास्थ्य योद्धाओं ने अपने कर्तव्य को सर्वोपरि रखते हुए लाखों लोगों का जीवन बचाया। अनेक चिकित्सकों ने अपनी जान की परवाह किए बिना सेवा की और कई स्वास्थ्य कर्मियों ने मानवता की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान भी दिया। उनका यह त्याग सदैव स्मरणीय रहेगा।

आयुष्मान भारत से लाखों परिवारों को मिली बड़ी राहत

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं। उत्तराखंड में आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से लाखों आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को गुणवत्तापूर्ण और कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक 62 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं तथा 12 लाख से अधिक मरीजों को 2300 करोड़ रुपये से अधिक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया गया है, जिससे हजारों परिवारों को आर्थिक संकट से राहत मिली है।

मजबूत हो रहा उत्तराखंड का स्वास्थ्य ढांचा

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य अवसंरचना को निरंतर सुदृढ़ बनाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है। वर्तमान में प्रदेश में पांच मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, जबकि दो नए मेडिकल कॉलेजों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। साथ ही नर्सिंग शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थानों का भी विस्तार किया जा रहा है ताकि भविष्य में पर्याप्त प्रशिक्षित स्वास्थ्य मानव संसाधन उपलब्ध हो सके।

उन्होंने बताया कि देहरादून, हल्द्वानी और श्रीनगर मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। हल्द्वानी में अत्याधुनिक कैंसर संस्थान का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है, जबकि किच्छा में एम्स के सैटेलाइट सेंटर का निर्माण अंतिम चरण में है। इसके अलावा जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को आधुनिक उपकरणों एवं बेहतर चिकित्सा सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है।

दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंच रही आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने टेलीमेडिसिन सेवाओं का व्यापक विस्तार किया है। इसके माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह अब दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों तक भी आसानी से पहुंच रही है।

उन्होंने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में हेली एंबुलेंस सेवा गंभीर मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित हो रही है और अनेक लोगों की समय पर जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

चिकित्सकों की सुरक्षा और सम्मान पर सरकार का विशेष फोकस

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्तियों के साथ-साथ उनके सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण को सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि डॉक्टरों के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा, अभद्र व्यवहार अथवा उत्पीड़न को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। सरकार चिकित्सकों की सुरक्षा, सम्मान और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है ताकि वे निश्चिंत होकर अपनी सेवाएं दे सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल हेल्थ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेलीमेडिसिन और आधुनिक चिकित्सा तकनीकों ने स्वास्थ्य सेवाओं में नए आयाम जोड़े हैं। इसके बावजूद किसी भी स्वास्थ्य व्यवस्था की सबसे बड़ी शक्ति उसका समर्पित मानव संसाधन होता है। मरीज के लिए डॉक्टर केवल इलाज करने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि विश्वास, संवेदना और उम्मीद का सबसे मजबूत आधार होता है।

सामूहिक प्रयासों से बनेगा स्वस्थ और आत्मनिर्भर उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार, चिकित्सा संस्थानों, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, स्वास्थ्य विभाग और समाज के सामूहिक सहयोग से उत्तराखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर पर एक आदर्श मॉडल बनाया जा सकता है। उन्होंने विशेष रूप से दुर्गम एवं सीमांत क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे चिकित्सकों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें राज्य की अमूल्य धरोहर बताया।

उन्होंने सभी चिकित्सकों से अपने स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखने का आग्रह करते हुए कहा कि “स्वस्थ चिकित्सक ही स्वस्थ समाज और स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण में प्रभावी भूमिका निभा सकता है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि उत्तराखंड का प्रत्येक नागरिक गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं से लाभान्वित हो। सभी के सामूहिक प्रयासों से एक स्वस्थ, सशक्त, आत्मनिर्भर और समृद्ध उत्तराखंड का निर्माण निश्चित रूप से संभव होगा।

कार्यक्रम में विधायक सविता कपूर, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारी, वरिष्ठ चिकित्सक, चिकित्सा विशेषज्ञ, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।