CM Pushkar Singh Dhami Meets Author Dr. Yojana Sah Jain | Indo-German Cultural Relations
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से साहित्यकार डॉ. योजना साह जैन ने की शिष्टाचार भेंट, साहित्यिक कृतियां कीं भेंट
देहरादून, 13 जुलाई 2026।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सोमवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में प्रतिष्ठित साहित्यकार एवं भारत-जर्मनी के सांस्कृतिक संबंधों को सुदृढ़ बनाने के क्षेत्र में सक्रिय डॉ. योजना साह जैन ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने अपनी चर्चित साहित्यिक कृतियां—‘इमली का चटकारा’ (कहानी संग्रह), ‘बनारस मीट्स बर्लिन’ (उपन्यास) तथा ‘कागज पे फुदकती गिलहरियां’ (कविता संग्रह)—मुख्यमंत्री को भेंट स्वरूप प्रदान की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डॉ. योजना साह जैन की साहित्यिक उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि साहित्य केवल रचनात्मक अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज, संस्कृति, सभ्यता और मानवीय मूल्यों को संरक्षित एवं समृद्ध करने का एक सशक्त उपकरण है। साहित्य समाज को नई दिशा देने, संवेदनशीलता विकसित करने और विभिन्न संस्कृतियों के बीच संवाद स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. योजना साह जैन ने अपनी साहित्यिक रचनाओं एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से भारत और जर्मनी के बीच सांस्कृतिक एवं बौद्धिक आदान-प्रदान को नई ऊर्जा प्रदान की है। उनकी लेखनी भारतीय परंपराओं, लोकजीवन, सामाजिक सरोकारों और मानवीय संवेदनाओं को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त करती है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय संस्कृति की सकारात्मक छवि को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डॉ. जैन की साहित्यिक कृतियां देश-विदेश के पाठकों को भारतीय संस्कृति, सामाजिक विविधता और जीवन मूल्यों से परिचित कराने के साथ-साथ भारत और जर्मनी के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
इस अवसर पर साहित्य, संस्कृति और वैश्विक स्तर पर भारतीय भाषाओं एवं साहित्य के प्रचार-प्रसार से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक साहित्य और भाषाई परंपराओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है तथा साहित्यकारों और रचनाकारों को हर संभव प्रोत्साहन दिया जाएगा।





