CM Dhami Reviews Badrinath Master Plan Works, Offers Prayers
बदरीनाथ धाम पहुंचे मुख्यमंत्री धामी, भगवान बदरीविशाल के किए दर्शन; मास्टर प्लान के कार्यों का लिया जायजा
CM Pushkar Singh Dhami offered prayers at Badrinath Dham and reviewed Master Plan works, directing officials to ensure quality and timely completion.
मास्टर प्लान के निर्माण कार्यों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश, धाम की धार्मिक और पारंपरिक गरिमा बनाए रखने पर दिया जोर
बदरीनाथ धाम कथा महोत्सव में 150 से अधिक संत-साध्वी और 1200 से अधिक हरिभक्त हुए शामिल

बदरीनाथ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को बदरीनाथ धाम पहुंचकर भगवान बदरीविशाल के दर्शन एवं विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान बदरीविशाल से प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और सभी प्रदेशवासियों के मंगल की कामना की।
पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री ने बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के अंतर्गत संचालित विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने आस्था पथ सहित विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों से कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बदरीनाथ मास्टर प्लान के तहत किए जा रहे सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देने के साथ-साथ बदरीनाथ धाम की धार्मिक, आध्यात्मिक और पारंपरिक गरिमा का भी विशेष ध्यान रखा जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में बदरीनाथ धाम को उसके धार्मिक एवं पौराणिक महत्व के अनुरूप भव्य, दिव्य और सुव्यवस्थित स्वरूप प्रदान करने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। मास्टर प्लान के अंतर्गत विकसित की जा रही सुविधाओं से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि बदरीनाथ जैसे हिमालयी तीर्थस्थल के विकास में आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के साथ ही धाम की पारंपरिक पहचान, प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक स्वरूप का संरक्षण भी आवश्यक है। विकास कार्यों में इन सभी पहलुओं का संतुलन बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
बदरीनाथ धाम कथा महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री
इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वामीनारायण गुरुकुल राजकोट संस्थान के तत्वावधान में आयोजित ‘बदरीनाथ धाम कथा महोत्सव’ में प्रतिभाग किया। महोत्सव में देश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे 150 से अधिक संत-साध्वी और 1200 से अधिक हरिभक्त शामिल हुए।
कार्यक्रम में स्वामीनारायण गुरुकुल राजकोट संस्थान के पूज्यपाद महंत स्वामी देवप्रसाददास स्वामी, पूज्यपाद सद्गुरुवर्य धर्मवल्लभदास स्वामी सहित बड़ी संख्या में संत, श्रद्धालु एवं धर्मावलंबी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदरीनाथ धाम की यात्रा और भगवान बदरीविशाल के दर्शन अपने आप में एक विशिष्ट आध्यात्मिक अनुभूति है। पावन धाम में संतों एवं श्रद्धालुओं के बीच आयोजित कथा महोत्सव में सहभागी होना उनके लिए सौभाग्य का विषय है।
उन्होंने कहा कि बदरीनाथ धाम भारत की सनातन चेतना और आध्यात्मिक विरासत का प्रमुख केंद्र है। भारतीय शास्त्रों में इस पवित्र धाम की महिमा का विशेष उल्लेख मिलता है। यह क्षेत्र सदियों से तप, साधना और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र रहा है।
तीर्थस्थलों के विकास के साथ विरासत संरक्षण पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की प्राचीन विरासत, सनातन संस्कृति और आस्था के प्रमुख केंद्रों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। उत्तराखंड के प्रमुख तीर्थस्थलों में श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ उनकी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा केदार की भूमि से 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बताया था। राज्य सरकार इस संकल्प को साकार करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को प्रकृति ने अनुपम प्राकृतिक सौंदर्य के साथ अद्वितीय आध्यात्मिक संपदा भी प्रदान की है। चारधाम, गंगा-यमुना, हिमालय और हेमकुंड साहिब सहित अनेक धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थल देवभूमि की विशिष्ट पहचान हैं। सरकार का प्रयास है कि इन तीर्थस्थलों का विकास श्रद्धालुओं की आवश्यकताओं के अनुरूप सुव्यवस्थित ढंग से किया जाए और उनकी आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक गरिमा भी अक्षुण्ण बनी रहे।
संत समाज के मार्गदर्शन को बताया प्रेरणादायी
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत समाज का आशीर्वाद और मार्गदर्शन समाज एवं राष्ट्र के लिए सदैव प्रेरणादायी रहा है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक एवं धार्मिक आयोजनों के माध्यम से सनातन परंपराओं, संस्कृति और जीवन मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान मिलता है।
मुख्यमंत्री ने कथा महोत्सव में उपस्थित संतों, साध्वी एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर राज्य मंत्री हरक सिंह, माधव प्रसाद सेमवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह बर्त्वाल, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष गजेन्द्र सिंह रावत, भाजपा जिला महामंत्री विनोद कनवासी, अरुण मैठाणी, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।






