सीएम धामी की 8 बड़ी घोषणाएं: उत्तराखंड पुलिस में 1,600 पदों पर भर्ती जल्द, थानों का बजट होगा दोगुना

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CM Dhami Announces 8 Police Reforms, 1,600 Jobs Soon

पुलिस स्मृति दिवस पर सीएम धामी ने शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि, पुलिस विभाग के लिए कीं 8 बड़ी घोषणाएं

 

CM Pushkar Singh Dhami pays tribute to police martyrs and announces eight reforms, including recruitment for 1,600 posts and doubling police station budgets.

 

पुलिस के 1,600 रिक्त पदों पर जल्द शुरू होगी भर्ती, थानों का वार्षिक बजट 4 करोड़ से बढ़ाकर 8 करोड़ रुपये करने का ऐलान

 

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को पुलिस लाइन, देहरादून में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम में पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों के शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को सम्मानित करते हुए राष्ट्र की आंतरिक सुरक्षा में पुलिस बलों के योगदान को याद किया। मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग के सुदृढ़ीकरण, आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता और पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए आठ महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों के जवान देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था की मजबूत रीढ़ हैं। पिछले एक वर्ष में देशभर में 154 जवानों ने कर्तव्य निर्वहन के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया, जिनमें उत्तराखण्ड पुलिस के उपनिरीक्षक स्वर्गीय विनोद कुमार भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले जवान पूरे राष्ट्र का गौरव हैं। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक वीर जवानों के त्याग, साहस और समर्पण का प्रतीक है।

पुलिस विभाग के लिए मुख्यमंत्री की आठ घोषणाएं

मुख्यमंत्री ने पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी, आधुनिक और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आठ घोषणाएं कीं। इनमें पुलिस बल में रिक्त पदों पर भर्ती, थानों और चौकियों में मानव संसाधन की समीक्षा, विवेचकों को आधुनिक जांच किट उपलब्ध कराना तथा पुलिस थानों के बजट में वृद्धि प्रमुख हैं।

उन्होंने उत्तराखण्ड पुलिस की विभिन्न इकाइयों में करीब 1,600 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने की घोषणा की। इसके साथ ही थानों एवं चौकियों में कार्मिकों की जरूरत के अनुसार पदों की संख्या और व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी। विवेचकों को आधुनिक जांच किट उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे जांच प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और तकनीकी रूप से सक्षम बनाया जा सके।

पुलिस थानों में आवश्यक कार्यों के लिए वार्षिक बजट को 4 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 8 करोड़ रुपये करने की घोषणा भी की गई। इसके अतिरिक्त प्रदेश के सभी पुलिस मॉडर्न स्कूलों को बेहतर बनाने, देहरादून में पुलिसकर्मियों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल और मल्टी स्टोरी बैरक का निर्माण कराने तथा देहरादून स्थित पुलिस अस्पताल का उच्चीकरण करने की घोषणा की गई। सरकार का उद्देश्य पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों को बेहतर आवासीय, चिकित्सा एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

पुलिसकर्मियों का मनोबल और कल्याण सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि खाकी वर्दी साहस, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा का प्रतीक है। पुलिसकर्मी त्योहारों और विशेष अवसरों पर भी अपने परिवारों से दूर रहकर आम नागरिकों की सुरक्षा में जुटे रहते हैं। उत्तराखण्ड की दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान पुलिस की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।

उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ-साथ उनके परिवारों के कल्याण, बेहतर आवास और स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पुलिसकर्मियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही, कार्य के दबाव को देखते हुए तनाव प्रबंधन के लिए नियमित कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस आवास संतुष्टि दर 18 प्रतिशत से बढ़कर 22 प्रतिशत हो गई है। सरकार का लक्ष्य इसे बढ़ाकर 30 प्रतिशत तक पहुंचाना है। इस वर्ष 785 पुलिसकर्मियों को पदोन्नति दी गई। नागरिक पुलिस में 1,573 और पीएसी में 370 आरक्षियों की सीधी भर्ती की गई है। वहीं, उपनिरीक्षक, प्लाटून कमांडर और अग्निशमन द्वितीय अधिकारी के 222 पदों की भर्ती प्रक्रिया पूरी की गई है। मृतक पुलिसकर्मियों के 24 आश्रितों को भी नियुक्तियां प्रदान की गई हैं।

इस वित्तीय वर्ष में थानों, अग्निशमन केंद्रों, बैरकों, मैस और अन्य कार्यस्थलों से संबंधित कार्यों के लिए 58 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी की गई है।

नशे और साइबर अपराध से निपटने के लिए आधुनिक पुलिसिंग पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे की तस्करी और साइबर अपराध वर्तमान समय की गंभीर चुनौतियां हैं। नशे के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के लिए प्रदेश में त्रिस्तरीय एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स गठित की गई है। ड्रग फ्री उत्तराखण्ड के लक्ष्य को हासिल करने के लिए नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने कहा कि इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेजी से बढ़ते उपयोग के दौर में पुलिस को आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रशिक्षण और विभिन्न एजेंसियों के समन्वय के माध्यम से साइबर अपराधियों से आगे रहना होगा। करीब 32 करोड़ रुपये की लागत से स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है।

महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रत्येक थाने में महिला हेल्प डेस्क के अंतर्गत क्विक रिस्पॉन्स टीम गठित की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीकी रूप से सक्षम पुलिस व्यवस्था और त्वरित कार्रवाई से नागरिकों की सुरक्षा को और मजबूत बनाया जा सकता है।

चारधाम और कांवड़ यात्रा में पुलिस की भूमिका की सराहना

मुख्यमंत्री ने इस वर्ष लगभग 5 करोड़ कांवड़ यात्रियों और चारधाम यात्रा में अब तक 60 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की सुरक्षित एवं सुगम यात्रा सुनिश्चित करने में उत्तराखण्ड पुलिस की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना, यातायात का प्रबंधन करना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की कार्यकुशलता को दर्शाता है।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष उत्कृष्ट सेवाओं के लिए 319 पुलिसकर्मियों को विभिन्न पदकों एवं सम्मान चिह्नों से अलंकृत किया गया है। उत्तराखण्ड पुलिस का प्रतिष्ठित ‘प्रेसिडेंट्स पुलिस कलर्स’ के लिए नामित होना भी प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।

शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों को आर्थिक सहायता और छात्रवृत्ति

पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने बताया कि राज्य गठन से अब तक उत्तराखण्ड पुलिस के 206 कार्मिक कर्तव्य निर्वहन के दौरान अपने प्राण न्योछावर कर चुके हैं। इस वर्ष पुलिस शहीद कोष से शहीद पुलिसकर्मियों के आश्रित परिवारों को लगभग 50 लाख रुपये की सहायता दी गई है। वहीं, पुलिस सैलरी पैकेज के अंतर्गत अब तक करीब 31 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की जा चुकी है।

उन्होंने बताया कि एम्स ऋषिकेश में चौबीसों घंटे संचालित पुलिस हेल्प डेस्क स्थापित की जा रही है। इस वर्ष जीवन रक्षक निधि से 25 पुलिसकर्मियों को 1 करोड़ 16 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई, जबकि 446 मेधावी बच्चों को 34 लाख रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की गई।

कार्यक्रम में हरिद्वार सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री खजान दास, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक सविता कपूर, जिला पंचायत अध्यक्ष देहरादून सुखविंदर कौर, ऋषिकेश के महापौर शंभू पासवान, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, मुख्य सूचना आयुक्त राधा रतूड़ी, सचिव गृह शैलेश बगोली, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, पूर्व पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष चौहान सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।