Dehradun IT Park Waterlogging: Permanent Solution, Survey in September
आईटी पार्क क्षेत्र में जलभराव का स्थायी समाधान होगा, सितंबर में पूरा होगा विस्तृत तकनीकी सर्वेक्षण
देहरादून। सहस्रधारा मोटर मार्ग स्थित आईटी पार्क क्षेत्र में मानसून के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शनिवार को ऋषिपर्णा सभागार में संबंधित विभागों एवं तकनीकी विशेषज्ञों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था का वैज्ञानिक अध्ययन कराने और प्रभावी ड्रेनेज प्लान तैयार करने के निर्देश दिए।
बैठक में सिडकुल, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग तथा अनुसंधान एवं नियोजन खंड के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से एनआईवीवी कंसल्टेंसी सर्विसेज के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
जिलाधिकारी ने कहा कि मानसून के दौरान देहरादून शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सड़कों पर जलभराव की समस्या गंभीर चुनौती बनती जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका स्थायी समाधान केवल बारिश के समय तत्काल जल निकासी की व्यवस्था करने से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए शहर की भौगोलिक एवं प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुरूप वैज्ञानिक, सुव्यवस्थित और दीर्घकालिक ड्रेनेज सिस्टम विकसित करना आवश्यक है।
उन्होंने सिंचाई विभाग के माध्यम से चिन्हित कंसल्टेंसी के विशेषज्ञों को आईटी पार्क क्षेत्र का विस्तृत तकनीकी सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए। सर्वेक्षण में क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, प्राकृतिक जल निकासी मार्ग, वर्षा जल के प्रवाह की दिशा, जलभराव वाले संवेदनशील स्थानों तथा वर्तमान ड्रेनेज व्यवस्था का समग्र अध्ययन किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सितंबर माह में आईटी पार्क क्षेत्र का विस्तृत सर्वेक्षण हर हाल में पूरा किया जाए। सर्वेक्षण के आधार पर जलभराव के वास्तविक कारणों की पहचान करते हुए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी, ताकि भविष्य में अत्यधिक वर्षा के दौरान भी क्षेत्र में जलभराव की स्थिति को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि कंसल्टेंसी द्वारा सर्वेक्षण के बाद प्रस्तुत किए जाने वाले सुझावों एवं प्रस्तावित समाधानों का संबंधित विभागों द्वारा तकनीकी स्तर पर गहन परीक्षण किया जाए। इसके बाद एक व्यावहारिक एवं प्रभावी ड्रेनेज प्लान तैयार कर शासन स्तर पर उच्चाधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त होने के बाद प्रस्तावित कार्यों को चरणबद्ध एवं समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
डॉ. चौहान ने कहा कि आईटी पार्क क्षेत्र में जलभराव का स्थायी समाधान होने से न केवल सहस्रधारा मोटर मार्ग एवं आसपास के क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा, बल्कि स्थानीय नागरिकों, आईटी पार्क में कार्यरत कर्मचारियों और अन्य आमजन को बरसात के दौरान होने वाली समस्याओं से भी राहत मिलेगी।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा सर्वेक्षण से लेकर ड्रेनेज प्लान तैयार करने और उसके क्रियान्वयन तक प्रत्येक चरण में समयबद्ध कार्रवाई एवं नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) केके मिश्रा, अधिशासी अभियंता भृगुनाथ द्विवेदी, एजीएम सिडकुल विनय शंकर, अधिशासी अभियंता सिंचाई ईआर पुरुषोत्तम, सहायक अभियंता पीएस रावत, नेहा सिंह सहित दिल्ली से एनआईवीवी कंसल्टेंसी सर्विसेज के पदाधिकारी उपस्थित रहे।





