देहरादून में जाम से निजात के लिए बनेगा ट्रैफिक मास्टर प्लान, 23 पार्किंग स्थलों की होगी समीक्षा

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Dehradun Traffic Master Plan to Ease Congestion

 

देहरादून में जाम से मिलेगी राहत? यातायात सुधार के लिए बनेगा व्यापक मास्टर प्लान

 

Dehradun DM Ashish Chauhan directs MDDA to prepare a traffic master plan covering alternative Mussoorie routes, shuttle services, road connectivity and a review of 23 proposed parking sites.

 

मसूरी समेत प्रमुख पर्यटन स्थलों के लिए शहर के बाहर से वाहनों की आवाजाही, पार्किंग, शटल सेवा और सड़क कनेक्टिविटी पर होगा फोकस

 

डीएम डॉ. आशीष चौहान ने एमडीडीए को यातायात पुलिस, परिवहन विभाग और टाउन प्लानर के साथ समन्वय कर अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक कार्ययोजना बनाने के दिए निर्देश

 

देहरादून, 28 अक्टूबर 2026। देहरादून शहर में बढ़ते यातायात दबाव और जाम की समस्या के स्थायी समाधान के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक कार्ययोजना तैयार करने की पहल की है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बुधवार को ऋषिपर्णा सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर शहर की यातायात व्यवस्था, सड़क कनेक्टिविटी, जंक्शन सुधार, पार्किंग सुविधाओं और मसूरी सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों तक वाहनों की सुगम आवाजाही की विस्तृत समीक्षा की।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर की वर्तमान जरूरतों और भविष्य में बढ़ने वाले यातायात दबाव को ध्यान में रखते हुए अल्पकालिक तथा दीर्घकालिक योजनाएं तैयार की जाएं। उन्होंने कहा कि यातायात प्रबंधन की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिससे स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों को जाम से राहत मिलने के साथ सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवागमन की सुविधा मिल सके।

 

मसूरी जाने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर जोर

बैठक में मसूरी और अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाले वाहनों के कारण देहरादून शहर में बढ़ने वाले यातायात दबाव को कम करने पर विशेष चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने शहर के भीतर से गुजरने वाले अनावश्यक यातायात को कम करने के लिए बाहरी मार्गों से वाहनों की आवाजाही की संभावनाओं का अध्ययन करने के निर्देश दिए।

उन्होंने मसूरी में पार्किंग व्यवस्था को मजबूत बनाने, प्रभावी शटल सेवा की योजना तैयार करने और आवश्यक सड़क मार्गों की कनेक्टिविटी बेहतर करने पर जोर दिया। इसके लिए उपयुक्त भूमि की उपलब्धता, संभावित लैंड पार्सल, सड़कों की क्षमता और यातायात प्रबंधन से जुड़े अन्य तकनीकी पहलुओं का आकलन किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि पर्यटन सीजन और अन्य व्यस्त अवसरों पर यातायात का दबाव नियंत्रित करने के लिए ठोस व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए। इससे शहर के मुख्य मार्गों पर वाहनों का अनावश्यक जमाव कम करने और पर्यटकों के आवागमन को सुगम बनाने में मदद मिल सकती है।

 

अन्य शहरों के सफल ट्रैफिक मॉडल का होगा अध्ययन

देहरादून की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जिलाधिकारी ने अन्य राज्यों के भीड़भाड़ वाले शहरों और प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनाए गए सफल यातायात प्रबंधन उपायों का अध्ययन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक मार्गों, पार्किंग मॉडल और यातायात नियंत्रण की व्यवस्थाओं की प्रभावशीलता का आकलन कर उन्हें देहरादून की भौगोलिक परिस्थितियों एवं स्थानीय जरूरतों के अनुरूप अपनाने की संभावनाएं तलाशी जाएं।

मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) को यातायात पुलिस, परिवहन विभाग और टाउन प्लानर के साथ समन्वय स्थापित कर व्यापक यातायात प्रबंधन मास्टर प्लान तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई। इस योजना में सड़क कनेक्टिविटी, जंक्शन सुधारीकरण, पार्किंग स्थलों का विकास, वैकल्पिक मार्गों और यातायात दबाव वाले क्षेत्रों के समाधान को शामिल करने के निर्देश दिए गए।

 

23 प्रस्तावित पार्किंग स्थलों की होगी समीक्षा

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि पूर्व में तैयार योजना के तहत देहरादून में 23 स्थलों पर पार्किंग विकसित करने का प्रस्ताव है। जिलाधिकारी ने इन सभी स्थलों की उपयोगिता, व्यवहार्यता और शहर की वास्तविक जरूरतों के आधार पर विस्तृत समीक्षा करने को कहा।

उन्होंने निर्देश दिए कि जहां पार्किंग निर्माण और जंक्शन सुधारीकरण दोनों प्रस्तावित हैं, वहां इन कार्यों के बीच तालमेल तथा यातायात व्यवस्था पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव का आकलन किया जाए। केवल पार्किंग स्थल चिह्नित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि उसके निर्माण से संबंधित क्षेत्र में यातायात का दबाव वास्तव में कम होगा या नहीं।

प्रस्ताव तैयार करते समय सड़क की चौड़ाई, वाहनों की आवाजाही, प्रवेश और निकास की व्यवस्था, उपलब्ध भूमि तथा भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखने के निर्देश भी दिए गए।

 

मसूरी और देहरादून की पार्किंग व्यवस्था का मांगा ब्योरा

जिलाधिकारी ने संयुक्त मजिस्ट्रेट मसूरी राहुल आनंद को मसूरी क्षेत्र में वर्तमान में संचालित और प्रस्तावित पार्किंग स्थलों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। वहीं, उप जिलाधिकारी सदर को देहरादून शहर में संचालित एवं प्रस्तावित पार्किंग स्थलों की जानकारी संकलित कर उपलब्ध कराने को कहा गया।

अधिकारियों को पार्किंग स्थलों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) की स्थिति, उपलब्ध भूमि, लैंड पार्सल की व्यवहार्यता रिपोर्ट और अन्य आवश्यक तकनीकी एवं प्रशासनिक पहलुओं का ब्योरा तैयार करने के निर्देश दिए गए। इस जानकारी के आधार पर पार्किंग संबंधी प्रस्तावों की व्यावहारिकता और प्राथमिकता तय करने में मदद मिलेगी।

 

तत्काल सुधारों के साथ भविष्य की जरूरतों पर भी बनेगी योजना

जिलाधिकारी ने यातायात समस्या के समाधान के लिए तत्काल लागू किए जा सकने वाले उपायों और दीर्घकालिक बुनियादी ढांचे के विकास को अलग-अलग चिह्नित करने के निर्देश दिए।

अल्पकालिक कार्ययोजना में यातायात दबाव वाले क्षेत्रों में सुधार, जंक्शन व्यवस्था को बेहतर बनाने, पार्किंग प्रबंधन और यातायात संचालन को सुचारु करने जैसे उपाय शामिल किए जाएंगे। वहीं, दीर्घकालिक योजना में वैकल्पिक मार्गों का विकास, सड़क कनेक्टिविटी में सुधार, नए पार्किंग स्थलों की संभावनाएं और शहर की भविष्य की यातायात जरूरतों के अनुरूप आधारभूत सुविधाओं का विस्तार शामिल होगा।

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से ठोस, व्यावहारिक और प्रभावी प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। प्रशासन का उद्देश्य देहरादून की यातायात व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाना तथा स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों के लिए सुरक्षित एवं सुगम आवागमन सुनिश्चित करना है।

बैठक में संयुक्त मजिस्ट्रेट मसूरी राहुल आनंद, पुलिस क्षेत्राधिकारी यातायात जगदीश पंत और एमडीडीए के अधिकारी उपस्थित रहे। अन्य संबंधित अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।