दिव्यांगों और बेसहारा महिलाओं के लिए मुफ्त ईवी वाहन सेवा शुरू

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डीएम सविन बंसल की पहल: डीडीआरसी और नारी निकेतन को मिली मुफ्त ईवी वाहन सेवा | Dehradun News

दिव्यांगों, वृद्धजनों और बेसहारा महिलाओं-बच्चों के लिए संवेदनशील पहल

डीडीआरसी और नारी निकेतन को मिली निःशुल्क ईवी वाहन सेवा, डीएम सविन बंसल ने दिखाई हरी झंडी

पर्यावरण संरक्षण के साथ जरूरतमंदों को मिला सुरक्षित और सम्मानजनक परिवहन का सहारा
“दिव्यांगों, वृद्धजनों और बेसहारा लोगों का जीवन आसान बनाना प्रशासन की जिम्मेदारी” — डीएम सविन बंसल

देहरादून, 23 मई 2026।
जनपद देहरादून में दिव्यांगजनों, वृद्धजनों तथा बेसहारा महिलाओं और बच्चों की सुविधा, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन को लेकर जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण एवं मानवीय पहल की है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने शनिवार को जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) और केदारपुरम स्थित राजकीय नारी निकेतन के लिए अलग-अलग निःशुल्क ईवी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर सेवा का औपचारिक शुभारंभ किया।

इस पहल का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को सुरक्षित, सुलभ और सम्मानजनक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें उपचार, पुनर्वास एवं अन्य आवश्यक कार्यों के लिए आवागमन में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

इस अवसर पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि दिव्यांग एवं वृद्धजनों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि सितंबर 2025 में गांधी शताब्दी जिला चिकित्सालय में राज्य का पहला जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) स्थापित किया गया था, जहां फिजियोथेरेपी, मनोवैज्ञानिक परामर्श, दिव्यांग प्रमाण पत्र, कृत्रिम अंग वितरण समेत अनेक सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जा रही हैं।

डीएम ने कहा कि डीडीआरसी से जुड़े दिव्यांग एवं वृद्धजन अक्सर राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांग संस्थान (एनआईबीएच), समाज कल्याण विभाग तथा विभिन्न अस्पतालों में उपचार एवं अन्य कार्यों के लिए आते-जाते हैं। परिवहन सुविधा के अभाव में उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। इसी समस्या के समाधान के लिए अब समर्पित निःशुल्क ईवी वाहन सेवा शुरू की गई है, जिससे उनके आवागमन को सरल और सुविधाजनक बनाया जा सके।

वहीं केदारपुरम स्थित राजकीय नारी निकेतन, बालिका निकेतन, बाल गृह एवं शिशु सदन में वर्तमान में 180 से अधिक महिलाएं, बालिकाएं और बच्चे निवास कर रहे हैं। इनमें बेसहारा, परित्यक्त, शोषित एवं विशेष देखभाल की आवश्यकता वाले बच्चे और महिलाएं शामिल हैं। इन सभी को समय-समय पर अस्पताल एवं अन्य आवश्यक स्थानों पर ले जाने में काफी दिक्कतें आती थीं। अब निःशुल्क ईवी वाहन सेवा शुरू होने से संस्थान में रहने वाले महिलाओं और बच्चों को अधिक सुरक्षित, सहज और सम्मानजनक परिवहन सुविधा मिल सकेगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि यह पहल केवल सुविधा उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक प्रभावी कदम है। ईवी वाहनों के उपयोग से प्रदूषण नियंत्रण को बढ़ावा मिलेगा और स्वच्छ एवं हरित परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें और उन्हें सरकारी सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सके।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।