Uttarakhand Diwali Bonus 2026: Employees to Get ₹6,908
दीपावली पर उत्तराखंड के सरकारी कर्मचारियों को बोनस की सौगात, अधिकतम ₹6,908 मिलेगा तदर्थ बोनस
Uttarakhand approves a 30-day Diwali bonus for 2025-26. Eligible government employees can receive up to ₹6,908, while daily-wage workers can get up to ₹1,184.
30 दिन की परिलब्धियों के बराबर बोनस को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मंजूरी; दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी मिलेगा लाभ
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ने दीपावली के अवसर पर राज्य के सरकारी कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए उत्पादकता असंबद्ध बोनस (तदर्थ बोनस) के भुगतान को मंजूरी प्रदान की है। इस निर्णय से राज्य के हजारों कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। पात्र कर्मचारियों को 30 दिन की परिलब्धियों के बराबर बोनस दिया जाएगा, जिसकी अधिकतम गणना सीमा ₹7,000 निर्धारित की गई है। इसके आधार पर उन्हें अधिकतम लगभग ₹6,908 का बोनस प्राप्त होगा।
इस निर्णय के दायरे में राज्य सरकार के अराजपत्रित कर्मचारियों के साथ-साथ विभिन्न राजकीय विभागों के कार्यप्रभारित कर्मचारी, सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थानों के कर्मचारी, स्थानीय निकायों, जिला पंचायतों तथा पात्र दैनिक वेतनभोगी कार्मिकों को भी शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार अपने कार्मिकों के हितों और कल्याण के प्रति संवेदनशील है। प्रदेश के विकास में सरकारी कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उनके परिश्रम, समर्पण और योगदान से ही जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारा जाता है। सरकार का प्रयास है कि कर्मचारियों को समय-समय पर प्रोत्साहन और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
किन कर्मचारियों को मिलेगा तदर्थ बोनस?
वित्त विभाग द्वारा जारी शासनादेश के अनुसार, राज्य सरकार के समूह ‘ग’ एवं ‘घ’ के कर्मचारियों तथा समूह ‘ख’ के पात्र अराजपत्रित कर्मचारियों को तदर्थ बोनस दिया जाएगा। इसके लिए कर्मचारियों का ग्रेड वेतन ₹4,800 तक होना आवश्यक है। यह पुनरीक्षित वेतनमान ₹47,600 से ₹1,51,100 (लेवल-8) के अनुरूप है।
बोनस का लाभ उन कर्मचारियों को मिलेगा, जो उत्पादकता से संबद्ध किसी अन्य बोनस योजना के अंतर्गत नहीं आते हैं। स्वीकृत व्यवस्था के अनुसार, पात्र कर्मचारियों को 30 दिन की परिलब्धियों के बराबर बोनस दिया जाएगा। इसकी गणना के लिए अधिकतम मासिक परिलब्धियों की सीमा ₹7,000 निर्धारित की गई है। इस आधार पर अधिकतम बोनस लगभग ₹6,908 होगा।
दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी मिलेगा लाभ
सरकार ने तदर्थ बोनस के दायरे में पात्र कैजुअल और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी शामिल किया है। छह कार्यदिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों में पिछले तीन वर्ष अथवा उससे अधिक अवधि के दौरान प्रत्येक वर्ष कम से कम 240 दिन कार्य करने वाले कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा।
इसी प्रकार, पांच कार्यदिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों में प्रत्येक वर्ष कम से कम 206 दिन कार्य करने वाले पात्र दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी बोनस दिया जाएगा। इनके लिए बोनस की गणना ₹1,200 की निर्धारित मासिक सीमा के आधार पर की जाएगी। इस व्यवस्था के तहत अधिकतम लगभग ₹1,184 का बोनस प्राप्त होगा।
बोनस के लिए निर्धारित पात्रता शर्तें
शासनादेश के अनुसार, तदर्थ बोनस के लिए वही कर्मचारी पात्र होंगे, जो 31 मार्च, 2026 को सेवा में कार्यरत थे और जिन्होंने इस तिथि तक न्यूनतम छह माह की निरंतर एवं संतोषजनक सेवा पूरी कर ली थी।
छह माह से एक वर्ष तक की सेवा अवधि वाले पात्र कर्मचारियों को नियमानुसार आनुपातिक आधार पर बोनस का भुगतान किया जाएगा। इससे कर्मचारियों को उनकी पात्र सेवा अवधि के अनुरूप बोनस प्राप्त होगा।
स्थानीय निकायों और विकास प्राधिकरणों के कर्मचारियों को भी लाभ
सरकार की स्वीकृत व्यवस्था के तहत स्थानीय निकायों एवं विकास प्राधिकरणों के लाभ में होने की स्थिति में वहां कार्यरत पात्र कार्मिकों को भी तदर्थ बोनस दिया जाएगा। इसका भुगतान संबंधित निकाय और विकास प्राधिकरण अपने संसाधनों से करेंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार कार्मिकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनके कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य ऐसा सकारात्मक कार्य वातावरण तैयार करना है, जिसमें प्रत्येक कर्मचारी पूरी प्रतिबद्धता और उत्साह के साथ प्रदेश की प्रगति में योगदान दे सके।
उन्होंने कहा कि दीपावली खुशियों, उत्साह, समृद्धि और आपसी सद्भाव का पर्व है। इस अवसर पर कर्मचारियों को तदर्थ बोनस की सौगात मिलने से उनके और उनके परिवारों की त्योहार की खुशियां और बढ़ेंगी। राज्य सरकार भविष्य में भी कर्मचारियों के हितों एवं कल्याण से जुड़े विषयों पर सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ निर्णय लेती रहेगी।




